विराट कोहली की तरह ही खत्म हुआ उस्मान ख्वाजा का टेस्ट करियर; दिखीं ये 5 समानताएं

Jan 09, 2026 08:02 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में संन्यास लेने वाले ख्वाजा के टेस्ट क्रिकेट करियर का अंत एकदम विराट कोहली के टेस्ट करियर की तरह हुआ। विराट कोहली और ख्वाजा के अंतिम मैच में 5 समानताएं देखी गईं जिसे अब फैंस ने नोटिस किया है और सोशल मीडिया पर इसके बारे में लिख रहे हैं।

विराट कोहली की तरह ही खत्म हुआ उस्मान ख्वाजा का टेस्ट करियर; दिखीं ये 5 समानताएं

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की एशेज सीरीज का आखिरी मैच ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा के लिए काफी इमोशनल रहा। यह उनका टेस्ट करियर का आखिरी मैच था। ऐतिहासिक सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में ख्वाजा ने टीम के सदस्यों और दर्शकों की खचाखच उपस्थिति में रेड बॉल क्रिकेट को अलविदा कहा। बाएं हाथ के दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज पिछले कई मैचों से लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और यही वजह रही की उन्हें संन्यास की घोषणा करनी पड़ी। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में संन्यास लेने वाले ख्वाजा के टेस्ट क्रिकेट करियर का अंत एकदम विराट कोहली के टेस्ट करियर की तरह हुआ। विराट कोहली और ख्वाजा के अंतिम मैच में 5 समानताएं देखी गईं जिसे अब फैंस ने नोटिस किया है और सोशल मीडिया पर इसके बारे में लिख रहे हैं।

आखिरी टेस्ट सिडिनी में

विराट कोहली और उस्मान ख्वाजा दोनों ने अपना आखिरी टेस्ट मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला। साल 2024-25 के बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का पांचवां और आखिरी टेस्ट मैच विराट के करियर का भी आखिरी टेस्ट मैच था। वहीं, साल 2025-26 के एशेज सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में उस्मान ख्वाजा ने भी टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा जो सिडनी में खेला गया। इस तरह विराट कोहली और उस्मान ख्वाजा का टेस्ट करियर सिडनी के ऐतिहासिक क्रिकेट ग्राउंड में समाप्त हुआ।

लास्ट टेस्ट की दोनों पारियों में समान स्कोर

विराट कोहली ने अपने आखिरी टेस्ट मैच की पहली पारी में 17 रन बनाए थे और दूसरी पारी में उन्होंने अपनी टीम के स्कोर में 6 रनों का इजाफा किया था। इसे इत्तेफाक ही कह सकते हैं कि सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में जब उस्मान ख्वाजा ने अपना आखिरी टेस्ट खेला तो उन्होंने पहली पारी में विराट की तरह ही 17 रनों का स्कोर किया और दूसरी पारी में उन्होंने 6 रन ही बनाए। इस तरह विराट कोहली और उस्मान ख्वाजा की आखिरी टेस्ट पारियां सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर समाप्त होने के साथ-साथ एक ही स्कोर पर भी समाप्त हुईं।

ये दो समानताएं भी देखी गईं

तीन समानताओं के अतिरिक्त विराट कोहली का करियर भी लगातार खराब फॉर्म के कारण ही समाप्त हुआ था। हालांकि, यह कभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया लेकिन बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में विराट कोहली के बल्ले से पर्थ टेस्ट में शतक के बाद रन नहीं निकले थे। वहीं उस्मान ख्वाजा भी एशेज में लगातार अपने बल्ले से निराश करते आ रहे थे। विराट कोहली और उस्मान ख्वाजा का रिटायरमेंट सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में हुआ यह भी एक समानता देखी गई।

ऐसा रहा ख्वाजा का टेस्ट करियर

उस्मान ख्वाजा के टेस्ट करियर की बात करें तो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 88 टेस्ट मैच खेले जिसकी 159 पारियों में 42.95 की औसत के साथ कुल 6229 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने अपने करियर में 28 अर्धशतक और 16 शतक जड़े। टेस्ट क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 232 रन रहा।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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