पाकिस्तान क्रिकेट में उथल-पुथल, बाबर आजम को कप्तान बनाए जाने के कुछ ही दिन बाद फील्डिंग कोच का इस्तीफा
बाबर आजम के टेस्ट कप्तान बनने के कुछ ही दिन बाद पाकिस्तान के फील्डिंग कोच ने इस्तीफा दे दिया है। शेन मैकडरमॉट वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दौरे के लिए टीम के साथ नहीं जाएंगे। उनके त्यागपत्र देने की वजह की स्पष्टता अभी तक सामने नहीं आई है।

पाकिस्तान के क्षेत्ररक्षण कोच शेन मैकडरमॉट ने एक साल तक काम करने के बाद वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के आगामी दौरे से ठीक पहले इस्तीफा दे दिया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक सूत्र ने बताया कि मैकडरमॉट टीम के साथ इन दौरों पर नहीं जाएंगे। बाबर आजम के टेस्ट कप्तान बनने के कुछ ही दिनों बाद यह घटनाक्रम सामने आया है।
पीसीबी ऑस्ट्रेलिया के इस कोच की जगह मंसूर अमजद को नियुक्त करने का इच्छुक है, जिन्होंने शाहीन (पाकिस्तान ए टीम) और अंडर-19 टीमों के साथ काम किया है। सूत्र ने कहा, ''मंसूर पाकिस्तान शाहीन और अंडर-19 टीम के क्षेत्ररक्षण कोच रहे हैं, उनके मैकडरमॉट की जगह लेने की संभावना है।'' पाकिस्तान सोमवार को वेस्टइंडीज के लिए रवाना होगा जहां उसे दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलनी है। टीम उसके बाद तीन टेस्ट मैचों के लिए इंग्लैंड जाएगी। पीसीबी ने मैकडरमॉट के इस्तीफे का कोई कारण नहीं बताया है। यह पाकिस्तान क्रिकेट में किसी विदेशी कोच के बिना किसी स्पष्ट कारण के अपना काम छोड़ने का एक और मामला है। इससे पहले फिजियो क्लिफ डीकन, मुख्य कोच गैरी कर्स्टन और जेसन गिलेस्पी के इस्तीफे शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान क्रिकेट में कई विदेशी कोच और फिजियो आए और गए हैं। इनमें सबसे विवादित मामला स्टीव रिक्सन का इस्तीफा था, जिन्होंने 2019 में बोर्ड के साथ मतभेदों के कारण पद छोड़ दिया था।
कप्तानी में भी हुआ है बड़ा बदलाव
हाल ही में पाकिस्तान के टेस्ट टीम की कप्तानी में भी बड़ा बदलाव हुआ है। शान मसूद की जगह 2023 के बाद एक बार फिर बाबर आजम को टीम का कप्तान बनाया गया है। पाकिस्तान की टीम 13 जुलाई को वेस्टइंडीज के लिए रवाना होगी जहां वह दो टेस्ट मैच खेलेंगे। टीम फिर अगस्त और सितंबर में तीन और लाल गेंद के मैचों के लिए इंग्लैंड जाएगी। इंग्लैंड की सरजमी पर पाकिस्तान की साधारण टीम के साथ बाबर आजम क्या कमला दिखा पाएंगे यह देखने वाली बात होगी। वेस्टइंडीज में भी टीम का कैसा प्रदर्शन होगा यह भी दुनिया के लोगों की नजर में होगा। बाबर आजम को कप्तान बनाए जाने और शान मसूद को निकाले जाने से पूर्व पाकिस्तानी कप्तान रमीज राजा काफी नाराज हैं। उन्होंने कहा- “अगर मैं शान की जगह होता तो मैं बोर्ड को लिखित में विरोध दर्ज कराता कि जब किसी कप्तान को लगातार साधारण खिलाड़ियों का ग्रुप दिया जाता है तो आप अच्छे नतीजों की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? अगर टेस्ट टीम का स्तर अच्छा नहीं है तो इसके लिए सिर्फ कप्तान ही कैसे जिम्मेदार हो सकता है।”
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।



