तू 100 के पीछे मत भाग..., वीवीएस लक्ष्मण की ये सलाह मानकर वैभव सूर्यवंशी ने खेल डाली 175 रनों की ऐतिहासिक पारी
वैभव सूर्यवंशी अपनी शानदार पारी के बाद बेहद खुश थे। बैटिंग के दौरान उनके दिमाग में क्या चल रहा था और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कोच वीवीएस लक्ष्मण ने उन्हें जो सुझाव दिया उसका वैभव ने जिक्र किया। आईसीसी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में वैभव ने कहा जानिए।

आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर रिकॉर्ड छठी बार खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक रहे 14 साल के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने जिम्बाब्वे के हरारे में अपनी बल्लेबाजी से कोहराम मचा दिया। खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए वैभव ने केवल 80 गेंदों में 175 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली, जिसने भारत की जीत की राह पूरी तरह आसान कर दी।
वैभव की इस विस्फोटक पारी में 15 चौके और 15 गगनचुंबी छक्के शामिल थे, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप की एक पारी और यूथ वनडे में सर्वाधिक छक्कों का नया विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने महज 55 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जिससे वह अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए। उनकी इस 218.75 की स्ट्राइक रेट वाली पारी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम 311 रनों पर सिमट गई और भारत ने एक बार फिर जूनियर क्रिकेट के मंच पर अपनी बादशाहत साबित की।
वैभव सूर्यवंशी अपनी शानदार पारी के बाद बेहद खुश थे। बैटिंग के दौरान उनके दिमाग में क्या चल रहा था और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कोच वीवीएस लक्ष्मण ने उन्हें जो सुझाव दिया उसका वैभव ने जिक्र किया। आईसीसी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में वैभव ने कहा, "मैंने लक्ष्मण सर से कल बात की थी, लक्ष्मण सर ने मुझे बोला था कि तो 100 के पीछे मत भाग तू अपना प्रोसेस फॉलो कर, तू अपने स्ट्रेंथ को बैक कर। खुद पे खुद 100 आएगा।" लक्ष्मण की इसी सलाह ने वैभव के अंदर वह आत्मविश्वास फूंका, जिससे उन्होंने बिना किसी दबाव के निडर होकर बल्लेबाजी की और भारत को एक बार फिर विश्व विजेता बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बता दें कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान वैभव के बल्ले से एक भी शतक नहीं निकला था, लेकिन फाइनल जैसे दबाव वाले मैच में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। मैच के बाद वैभव ने अपनी इस सफलता का श्रेय बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड ऑफ क्रिकेट वीवीएस लक्ष्मण को दिया। फाइनल से एक दिन पहले लक्ष्मण ने वैभव को गाइड किया था, जिसने इस रिकॉर्ड तोड़ पारी की नींव रखी। लक्ष्मण ने युवा बल्लेबाज को मानसिक रूप से शांत रहने और व्यक्तिगत स्कोर के बजाय अपनी काबिलियत पर भरोसा करने की सलाह दी थी।






