तू 100 के पीछे मत भाग..., वीवीएस लक्ष्मण की ये सलाह मानकर वैभव सूर्यवंशी ने खेल डाली 175 रनों की ऐतिहासिक पारी

Feb 07, 2026 01:05 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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वैभव सूर्यवंशी अपनी शानदार पारी के बाद बेहद खुश थे। बैटिंग के दौरान उनके दिमाग में क्या चल रहा था और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कोच वीवीएस लक्ष्मण ने उन्हें जो सुझाव दिया उसका वैभव ने जिक्र किया। आईसीसी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में वैभव ने कहा जानिए।

तू 100 के पीछे मत भाग..., वीवीएस लक्ष्मण की ये सलाह मानकर वैभव सूर्यवंशी ने खेल डाली 175 रनों की ऐतिहासिक पारी

आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर रिकॉर्ड छठी बार खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक रहे 14 साल के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने जिम्बाब्वे के हरारे में अपनी बल्लेबाजी से कोहराम मचा दिया। खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए वैभव ने केवल 80 गेंदों में 175 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली, जिसने भारत की जीत की राह पूरी तरह आसान कर दी।

वैभव की इस विस्फोटक पारी में 15 चौके और 15 गगनचुंबी छक्के शामिल थे, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप की एक पारी और यूथ वनडे में सर्वाधिक छक्कों का नया विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने महज 55 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जिससे वह अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे तेज शतक लगाने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए। उनकी इस 218.75 की स्ट्राइक रेट वाली पारी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम 311 रनों पर सिमट गई और भारत ने एक बार फिर जूनियर क्रिकेट के मंच पर अपनी बादशाहत साबित की।

वैभव सूर्यवंशी अपनी शानदार पारी के बाद बेहद खुश थे। बैटिंग के दौरान उनके दिमाग में क्या चल रहा था और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कोच वीवीएस लक्ष्मण ने उन्हें जो सुझाव दिया उसका वैभव ने जिक्र किया। आईसीसी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में वैभव ने कहा, "मैंने लक्ष्मण सर से कल बात की थी, लक्ष्मण सर ने मुझे बोला था कि तो 100 के पीछे मत भाग तू अपना प्रोसेस फॉलो कर, तू अपने स्ट्रेंथ को बैक कर। खुद पे खुद 100 आएगा।" लक्ष्मण की इसी सलाह ने वैभव के अंदर वह आत्मविश्वास फूंका, जिससे उन्होंने बिना किसी दबाव के निडर होकर बल्लेबाजी की और भारत को एक बार फिर विश्व विजेता बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बता दें कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान वैभव के बल्ले से एक भी शतक नहीं निकला था, लेकिन फाइनल जैसे दबाव वाले मैच में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। मैच के बाद वैभव ने अपनी इस सफलता का श्रेय बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड ऑफ क्रिकेट वीवीएस लक्ष्मण को दिया। फाइनल से एक दिन पहले लक्ष्मण ने वैभव को गाइड किया था, जिसने इस रिकॉर्ड तोड़ पारी की नींव रखी। लक्ष्मण ने युवा बल्लेबाज को मानसिक रूप से शांत रहने और व्यक्तिगत स्कोर के बजाय अपनी काबिलियत पर भरोसा करने की सलाह दी थी।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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