T-20 वर्ल्ड कप में सबसे तेज शतक जड़ने वाले टॉप-5 बैटर, बेथल ने गेल को छोड़ा पीछे, कितने भारतीय?
टी-20 विश्व कप में सबसे तेज शतक या सबसे कम गेंदों में शतक लगाने वाले बल्लेबाज न्यूजीलैंड के फिन एलेन हैं। उन्होंने विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों की क्लास लगाते हुए सिर्फ 33 गेंदों में शतक जड़ दिया। टॉप-5 में कौन-कौन हैं जानिए।

जेकब बेथल ने भारत के खिलाफ शानदार शतकीय पारी खेली। वानखेड़े स्टेडियम में टी-20 विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड के 22 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज ने सिर्फ 45 गेंदों में शतक जड़ दिया। वे 48 गेंदों में 105 रन बनाकर पवेलियन लौटे। जेकब बेथल इस शानदार शतकीय पारी के साथ टी-20 विश्व कप में सबसे तेज शतक लगाने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल का 10 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए यह कारनामा किया।
टी-20 विश्व कप में सबसे तेज शतक या सबसे कम गेंदों में शतक लगाने वाले बल्लेबाज न्यूजीलैंड के फिन एलेन हैं। उन्होंने विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों की क्लास लगाते हुए सिर्फ 33 गेंदों में शतक जड़ दिया। यह विश्व कप के इतिहास का सबसे तेज शतक है। इसके एक दिन बाद जेकब बेथल ने इस टूर्नामेंट में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में अपना नाम दूसरे नंबर पर दर्ज करा दिया। उन्होंने भारत के खिलाफ दूसरे सेमीफाइनल में सिर्फ 45 गेंदों में शतक जड़ा और क्रिस गेल के 47 गेंदों में शतक के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
टी-20 विश्व कप में सबसे कम गेंदों में शतक जड़ने वाले बल्लेबाजों की सूची में तीसरे और चौथे नंबर पर यूनिवर्स बॉस के नाम से मशहूर वेस्टइंडीज के पूर्व सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल हैं। उन्होंने साल 2016 के टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ 47 गेंदों में शतकीय पारी खेली थी। इसके बाद भी गेल का ही नाम है। उन्होंने साल 2007 के विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सिर्फ 50 गेंदों में शतक जड़ा था। यह टी-20 विश्व कप के इतिहास का पहला शतक था। गेल ने इस मैच में 57 गेंदों में 10 छक्कों और 7 छक्कों की मदद से 117 रन बनाए थे। सूची में पांचवें स्थान पर हैरी ब्रुक का नाम है। उन्होंने साल 2026 के टी-20 विश्व कप में पाकिस्तान के गेंदबाजों को आड़े हाथों लिया और सिर्फ 50 गेंदों में शतक जड़ दिया। 51 गेंदों में शतकीय पारी के साथ ब्रैंडन मैक्कुलम इस सूची में 6वें स्थान पर हैं। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 2012 के विश्व कप में यह कारनामा किया था।
टी-20 विश्व कप में सबसे तेज शतक लगाने वाले टॉप-6 बैटर
फिन एलेन- 33 गेंदों में बनाम साउथ अफ्रीका (2026)
जेकब बेथल-45 गेंदों में बनाम भारत (2026)
क्रिस गेल-47 गेदों में बनाम इंग्लैंड (2016)
क्रिस गेल-50 गेंदों में बनाम साउथ अफ्रीका (2007)
हैरी ब्रुक- 50 गेदों में बनाम पाकिस्तान (2026)
ब्रैंडन मैक्कुलम- 51 गेंदों में बनाम बांग्लादेश (2012)
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।



