तिलक वर्मा का दलीप ट्रॉफी फाइनल में बुरी तरह टूटा दिल, शतक की दहलीज पर कर बैठे ये गलती
Tilak Varma Duleep Trophy Final: तिलक वर्मा ने दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल में ईस्ट जोन के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की। हालांकि, साउथ जोन के कप्तान तिलक शतक की दहलीज पार नहीं कर सके।

शानदार फॉर्म में चल रहे तिलक वर्मा ने एक और दमदार पारी खेली। हालांकि, साउथ जोन के कप्तान तिलक का बुधवार को दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल में बुरी तरह दिल टूट गया। वह चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में ईस्ट जोन के खिलाफ महज एक रन से शतक से चूक गए। उन्होंने मैच के चौथे दिन 211 गेंदों में 99 रन बनाकर अपना विकेट गंवाया। उनके बल्ले से 9 चौके निकले। ईस्ट जोन ने फाइनल में पहली पारी के आधार पर 372 रनों की मजबूत बढ़त हासिल की। ईस्ट जोन के 708 रनों के जवाब में साउथ जोन की पहली पारी 107.3 ओवर में 336 रनों पर ढेर हुई।
तिलक वर्मा कर बैठे ये गलती
तिलक वर्मा साउथ जोन की ओर से आउट होने वाले आखिरी प्लेयर रहे। कौनैन कुरैशी ने उन्हें शतक की दहलीज परएंड बोल्ड किया। कुरैशी ने 108वें ओवर की तीसरी गेंद ऑफ स्टम्प के बाहर डाली। तिलक ने रूम बनाकर ड्राइव लगाने की कोशिश की। वह टर्न के विपरीत शॉट खेल रहे थे। गेंद लगने के बाद बल्ला घूम गया। गेंद सही कनेक्ट नहीं होने की गलती का खामियाजा तिलक को भुगतना पड़ा। उन्होंने सीधे कुरैशी को कैच थमा दिया। अगर 23 वर्षीय बल्लेबाज एक रन और बनाने में कामयाब हो जाता है तो फर्स्ट क्लास करियर का नौवां शतक कंप्लीट कर लेता। तिलक ने सेमीफाइनल में नॉर्थ जोन के खिलाफ शतक और अर्धशतक लगाया था।
मुश्किल वक्त में टिके तिलक
तिलक ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में मुश्किल वक्त में मोर्चा संभाला। वह तब बल्लेबाजी करने उतरे जब टीम के 126 रनों पर तीन विकेट गिर गिए। ईस्ट जोन ने पहली पारी में ईशान किशन (270) के दोहरे शतक के दम पर 708 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। साउथ जोन के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी करने में नाकाम रहे। साउथ जोन की पहली पारी में शुरुआत खराब रही। सलामी बल्लेबाज रिकी भुई (1) का बल्ला नहीं चला। एन जगदीशन (32) ने देवदत्त पडिक्कल के साथ दूसरे विकेट के लिए 60 रन जोड़े। जगदीसन ने कुछ शानदार चौके लगाए, लेकिन ड्राइव खेलने की उनकी जल्दबाजी ने उनकी पारी का अंत कर दिया। पडिक्कल ने शेख रशीद (29) के संग तीसरे विकेट के लिए 56 रन की पार्टनरशिप की।
तिलक ने की ये साझेदारियां
श्रीलंका के सफल दौरे से लौटे पडिक्कल एक और बड़ी पारी की ओर बढ़ते नजर आ रहे थे। हालांकि, पडिक्कल को 104 गेंदों में 62 रन बनाकर लौटना पड़ा। उन्होंने अपनी पारी में चार चौके लगाए। उन्होंने 65 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया था। इसके बाद, तिलक ने बेहद संयमित बल्लेबजी की। उन्होंने 143 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। तिलक ने स्मरण रविचंद्रन (23) के साथ पांचवें विकेट के लिए 45 जबकि श्रेयस गोपाल (66) के संग छठे विकेट के लिए 66 रन जोड़े। गोपाल तीसरे दिन का खेल समाप्त होने से पहले आउट हुए। तिलक ने चामा मिलिंद (43) के साथ सातवें विकेट के लिए 78 रनों की पार्टनरशिप की। मोहम्मद सिराज ने 9 गेंदों में एक रना बनाया।



