दलीप ट्रॉफी फाइनल नहीं छोड़ना चाहते तिलक वर्मा, बोले- मैं अफगानिस्तान T20I के लिए...
तिलक वर्मा दलीप ट्रॉफी फाइनल के साथ -साथ अफगानिस्तान के खिलाफ पहला टी20 भी खेलना चाहते हैं। फाइनल के कुछ दिनों बाद ही अफगानिस्तान सीरीज शुरू होनी है। तीनों T20I नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होंगे।

तिलक वर्मा की अगुवाई वाली साउथ जोन की दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन से टक्कर होगी। साउथ जोन ने बुधवार को दूसरे सेमीफाइनल में नॉर्थ जोन को सात विकेट से धूल चटाई। यह मैच बेंगलुरु स्थिति बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड-2 में आयोजित हुआ। साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच 55 साल के बाद दलीप ट्रॉफी फाइनल खेला जाएगा, जो 6 सितंबर से 10 सितंबर तक चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में होगा। साउथ जोन के कप्तान तिलक यह फाइनल नहीं छोड़ना चाहते हैं। उनकी नजर दलीप ट्रॉफी फाइनल के साथ-साथ अफगानिस्तान के खिलाफ पहला टी20 मैच खेलने पर भी है। भारत को 13 सितंबर से 17 सितंबर तक नई दिल्ली में अफगानिस्तान से तीन मैचों की T20I सीरीज में भिड़ना है।
‘मैं 11 तारीख को रिपोर्ट करता हूं…’
भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान तिलक ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सेमीफाइनल के बाद मीडिया से कहा, ''मैं फाइनल खेलना चाहता हूं। लेकिन मुझे नहीं पता। सेमीफाइनल खत्म हो गया है। मुझे लगता है कि अफगानिस्तान के खिलाफ मैच 13 तारीख को है, इसलिए मैं फाइनल खेलने के लिए तैयार हूं। फाइनल और पहले टी20 के बीच हमारे पास दो दिन का ब्रेक है। ऐसे में अगर मैं 11 तारीख को रिपोर्ट करता हूं, 12 तारीख को प्रैक्टिस करता हूं, तो फिर मैच में उतर सकता हूं। मुझे ऐसा लगता है। हालांकि, यह सिलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट पर निर्भर करता है। हम इस बारे में बात करेंगे।'' तिलक ने सेमीफाइनल में शतक और अर्धशतक लगाया। वह दोनों पारियों में नाबाद रहे। वह प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए।
'टेस्ट क्रिकेट मेरे खून में रहा है'
हर युवा खिलाड़ी की तरह तिलक वर्मा का सपना भी टेस्ट क्रिकेट में खेलना है। उन्होंने कहा, ''मुझे शुरू से ही लाल गेंद से क्रिकेट खेलना पसंद रहा है। मैंने कभी भारत के लिए सीमित ओवरों की क्रिकेट खेलने का सपना नहीं देखा था, लेकिन ईश्वर की यही इच्छा थी। मैंने भारत के लिए टी20 और वनडे में डेब्यू किया है, लेकिन लाल गेंद की क्रिकेट मेरा मजबूत पक्ष रहा है।'' उन्होंने कहा, ''मैंने कड़ी मेहनत की है। शायद जब मैं 10 साल का था तब से मैं कड़ी मेहनत कर रहा हूं और अब मैं 23 साल का हूं। मुझे आईपीएल की वजह से सफेद गेंद वाले प्रारूप में चुना गया। लेकिन उससे पहले मैंने लाल गेंद की क्रिकेट में काफी अनुभव हासिल कर लिया था।'' तिलक ने कहा, ''लंबी अवधि का प्रारूप मेरा मजबूत पक्ष रहा है और मुझे टेस्ट क्रिकेट खेलना बहुत पसंद है। यह कुछ ऐसा है जो हमेशा से मेरे खून में रहा है।'' वह 53 टी20 इंटरनेशनल और पांच वनडे मैच खेल चुके हैं



