विश्व कप 2027 से पहले यह सीरीज अहम, बतौर कप्तान मेरी भी परीक्षा, पहले ODI मैच से पहले बोले कप्तान शुभमन गिल
विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से यह सीरीज हमारे लिए बहुत अहम होगी। बतौर कप्तान इस सीरीज में मेरे लिए भी चुनौतियां होंगी। हम अपनी विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से ही इस सीरीज को देख रहे हैं। पढ़िए इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच से पहले कप्तान शुभमन गिल ने क्या- क्या कहा।

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने एकदिवसीय क्रिकेट को 40 ओवर का बनाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए सोमवार को कहा कि इस प्रारूप को अधिक आकर्षक बनाने के लिए द्विपक्षीय श्रृंखलाओं की बजाय त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय टूर्नामेंट आयोजित किए जाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सीरीज की अहमियत पर भी बात की है और कहा है कि विश्व कप के लिहाज से इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की यह सीरीज हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
टी20 क्रिकेट और फ्रेंचाइजी लीगों के बढ़ते प्रभाव के बीच वनडे क्रिकेट के भविष्य पर लगातार बहस चल रही है। हाल ही में एडिनबर्ग में आईसीसी की वार्षिक बैठक के दौरान भी वनडे को 50 ओवर से घटाकर 40 ओवर करने की संभावना पर चर्चा हुई थी। इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार से शुरू होने वाली तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला से पहले गिल ने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि वनडे को 40 ओवर का बनाया जाना चाहिए।'' गिल ने कहा, ''पहले हम काफी त्रिकोणीय श्रृंखलाएं खेलते थे और उन्हें देखना बेहद मजेदार होता था। ऑस्ट्रेलिया में भारत, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी टीमें खेलती थीं। आप केवल एक टीम के खिलाफ नहीं, बल्कि दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ अलग-अलग मैदानों पर खेलते थे।'' उन्होंने कहा, ''अगर वनडे क्रिकेट को और रोचक बनाना है तो द्विपक्षीय श्रृंखलाओं के बजाय त्रिकोणीय या शायद चतुष्कोणीय श्रृंखलाएं आयोजित की जानी चाहिए। इससे खिलाड़ियों और दर्शकों, दोनों के लिए यह प्रारूप ज्यादा दिलचस्प बनेगा।''
2027 WC की तैयारियों के हिलाज से अहम है ये सीरीज
इस 26 साल के खिलाड़ी ने कहा कि उनके लिए 50 ओवर का विश्व कप अब भी क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है। उन्होंने कहा, ''मैंने बचपन में सबसे ज्यादा 50 ओवर का क्रिकेट देखा है। जब भी विश्व कप का नाम आता है तो सबसे पहले 50 ओवर के विश्व कप की याद आती है। मुझे किसी एक विश्व कप को जीतना हो तो वह 50 ओवर का विश्व कप ही होगा।'' गिल ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे श्रृंखला 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ''विश्व कप की तैयारी हमारे लिए बहुत अहम है। दक्षिण अफ्रीका में जैसी परिस्थितियां मिलेंगी, वैसी ही परिस्थितियां यहां भी मिल सकती हैं। इसलिए हम यह परखना चाहते हैं कि कौन-सा टीम संयोजन हमारे लिए सबसे बेहतर रहेगा। इस लिहाज से यह श्रृंखला काफी महत्वपूर्ण है।'' गिल ने कहा, ''एक कप्तान के तौर पर अब से हर श्रृंखला मेरे लिए महत्वपूर्ण होगी। विश्व कप तक जो भी अनुभव और सीख मुझे मिलेगी, वह आगे बहुत काम आएगी।'' गिल ने स्वीकार किया कि नीतिश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा की चोटों के कारण टीम प्रबंधन को अंतिम एकादश में बदलाव करने पड़े।
उन्होंने कहा, ''हम थोड़े दुर्भाग्यशाली रहे। श्रृंखला से पहले रेड्डी चोटिल हो गए और राणा भी उपलब्ध नहीं हैं। हम चाहते थे कि ये खिलाड़ी विश्व कप से पहले ज्यादा से ज्यादा मैच खेलें ताकि उन्हें अनुभव मिले। इसी वजह से हमें अलग संयोजन के साथ उतरना पड़ा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारी टीम अस्थिर है।''
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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