यहीं से मैंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की..,WC फाइनल में POTM जीतने के बाद क्यों इमोशनल हुए बुमराह?
यहां वर्ल्ड कप फाइनल में मैन ऑफ द मैच जीतना मेरे लिए इससे खास कुछ नहीं हो सकता। यहीं से मैंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। मुझे इस बात का अंदाजा नहीं था कि आज मैंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। फाइनल के बाद बुमराह ने क्या-क्या कहा?

रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टी-20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। भारत तीसरी बार विश्व कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गया है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 255 रन बनाए जिसके जवाब में न्यूजीलैंड 159 रनों पर ही सिमट गई। जसप्रीत बुमराह ने इस मैच में चार ओवर में 15 रन देकर चार विकेट हासिल किए और प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब भी अपने नाम किया।
प्लेयर ऑफ द मैच जीतने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में उन्होंने अपने विचार साझा किए और बताया कि यह विश्व कप जीतना उनके लिए क्यों खास था। जसप्रीत बुमराह ने कहा, "यह बेहद खास एहसास है, क्योंकि मैंने अपने घरेलू मैदान पर एक फाइनल खेला था और उसमें जीत हासिल नहीं कर पाया था, लेकिन यह जीत वाकई बहुत खास है। मैं पूरी तरह से प्रेरित था। मेरा इरादा बिल्कुल स्पष्ट था। मुझे पता था कि मुझे क्या करना है। विकेट सपाट था, इसलिए मैंने यहां अपना सारा क्रिकेट खेला है, इसलिए मैंने अपने पूरे अनुभव का इस्तेमाल किया। आज का दिन शानदार रहा, सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ।"
उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए आगे कहा, "मैं बहुत खुश हूं, बहुत आभारी हूं। भगवान बहुत दयालु हैं। इस टूर्नामेंट से पहले, मैं उस स्थिति में था जहां मुझे लग रहा था कि मैं बहुत ज्यादा कोशिश कर रहा हूं, क्योंकि मैं अच्छी गेंदबाजी कर रहा था, लेकिन कहीं न कहीं मुझे लग रहा था कि शायद मैं बहुत ज्यादा कोशिश कर रहा हूं। लेकिन इस फॉर्मेट में मैंने खेल को अपने हिसाब से चलने दिया। मेरा इरादा स्पष्ट था। मैं तैयारी करता था और फिर स्थिति को समझता था और खुद पर भरोसा रखता था। इस टूर्नामेंट में मैंने यही करने की कोशिश की। यह मेरे लिए बहुत कारगर साबित हुआ।"
बुमराह ने बताया "अपने खेल का मेरा व्यक्तिगत आकलन हमेशा से मेरी ताकत रहा है। मैं इससे ज्यादा खुश नहीं हो सकता। यहां वर्ल्ड कप फाइनल में मैन ऑफ द मैच जीतना मेरे लिए इससे खास कुछ नहीं हो सकता। यहीं से मैंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। मुझे इस बात का अंदाजा नहीं था कि आज मैंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, लेकिन जीत के साथ टूर्नामेंट का समापन करके मैं बहुत खुश हूं। यहां के अनुभव और पिचों पर खेलने की वजह से, मैंने दूसरी टीम को भी देखा है कि वे कैसे गेंदबाजी करते हैं।"
उन्होंने पिच की स्थिति और अपनी रणनीति पर बात करते हुए कहा, "मैंने यहां सीखा है कि जब आप बहुत तेज गेंदबाजी करने की कोशिश करते हैं, तो यह आसान हो जाता है। शॉट खेलना आसान हो जाता है। कभी-कभी गेंद उछलती है। इसलिए, समझदारी से खेलते रहे, अपनी गति बदलते रहे और बल्लेबाज की रणनीति को समझते रहे। ये सभी चीजें वाकई मददगार होती हैं और गेंदबाजी करते समय स्पष्टता भी जरूरी है।"
टीम के बाकी गेंदबाजों के बारे में बात करते हुए बुमराह ने कहा कि, "यह वाकई शानदार था। सभी बहुत स्पष्ट थे। जब भी हमने चर्चा की, उन्होंने हमेशा अपने सुझाव दिए। और जब भी किसी तरह के संवाद की जरूरत पड़ी, हमने हमेशा ऐसा किया। हम शांत रहे। हम कभी घबराए नहीं, भले ही टूर्नामेंट में कभी-कभी मैच करीबी रहे हों, जैसे कि आखिरी मैच, हम कभी नहीं घबराए। हमें हमेशा यही लगता था कि हमें हिम्मत बनाए रखनी है और अपना हौसला बरकरार रखना है। ऐसा करने वाली टीमें ही टूर्नामेंट जीतती हैं और हमें बहुत खुशी है कि हमने ऐसा कर दिखाया। यह वाकई बहुत खास है। दर्शक बहुत ही शानदार थे। वे हमारे साथ थे। उन्होंने पूरे समय हमारा साथ दिया। और हां, हम बहुत खुश हैं और सभी के समर्थन के लिए बहुत आभारी हैं।"
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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