
IND vs ENG : हास्यास्पद... मोहम्मद सिराज पर जुर्माने को लेकर आईसीसी पर भड़के स्टुअर्ट ब्रॉड
संक्षेप: इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने मोहम्मद सिराज पर जुर्माना लगाए जाने के आईसीसी के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि या तो सिराज के साथ शुभमन गिल पर भी जुर्माना लगना चाहिए था या फिर दोनों पर ही कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड की दूसरी पारी के दौरान बेन डकेट को आउट करने के बाद मोहम्मद सिराज ने आक्रामक तरीके से जश्न मनाया था। तब दोनों खिलाड़ी एकदम पास आ गए थे और यहां तक कि दोनों का कंधा भी लड़ गया था। इसे लेकर आईसीसी ने सिराज पर मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। हालांकि इस फैसले से इंग्लैंड के पूर्व गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड भड़क गए हैं। उन्होंने आईसीसी के फैसले पर सवाल उठाते हुए उसे हास्यास्पद बताया है।

ब्रॉड ने कहा है कि आचार संहित उल्लंघन के मामले में आईसीसी की कार्रवाइयों में निरंतरता नहीं है। ऐसा नहीं है कि इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज सिराज के खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहते थे, लेकिन उन्हें यह चुभ रहा है कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। ब्रॉड ने कहा कि या तो दोनों पर कार्रवाई होनी चाहिए थी या फिर किसी पर भी नहीं।
तीसरे दिन चाय के बाद के सत्र के आखिरी क्षणों में शुभमन गिल इंग्लैंड के बल्लेबाज जैक क्रॉली पर भड़क गए थे। अंग्रेज खिलाड़ी जानबूझकर देरी कर रहे थे ताकि भारत को एक और ओवर फेंकने को न मिले और दिन का खेल खत्म घोषित हो जाए। उनकी इस हरकत से कप्तान गिल समेत पूरी भारतीय टीम नाराज थी और तालियां बजाकर कटाक्ष भी किया था। चौथे दिन भी कुछ-कुछ ऐसा ही हुआ। फर्क ये था कि तब भारतीय टीम बैटिंग कर रही थी और इंग्लैंड की टीम फील्डिंग।
ब्रॉड का मानना है कि या तो सिराज और गिल दोनों पर जुर्माना लगना चाहिए था या फिर अधिकारियों को दोनों में से किसी पर भी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि निरंतरता अहम है और आईसीसी की आचार संहिता को जो भी उल्लंघन करे, उसे सजा मिलनी चाहिए।
ब्रॉड ने एक्स पर लिखा, 'यह हास्यास्पद है। सिराज को आक्रामक जश्न के लिए 15 प्रतिशत (जुर्माना)। गिल लाइव टीवी पर गलत भाषा बोले और जारी रखे, और क्या? या तो दोनों या फिर दोनों ही नहीं। खिलाड़ी रोबोट नहीं हैं और न होने चाहिए लेकिन निरंतरता महत्वपूर्ण है।'






