
ये है अभिषेक शर्मा के बचपन का सपना, AUS में प्लेयर ऑफ द सीरीज बनकर बोले- अगर मुझे मौका मिला…
भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टी20 सीरीज में सर्वाधिक 163 रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड से नवाजा गया। अभिषेक ने अपने बचपन के सपने के बारे में बताया है।
अभिषेक शर्मा ने ऑस्ट्रेलियाई चुनौती का सामना करने के लिए महीनों तक ‘मानसिक और तकनीकी रूप से’ खुद को तैयार किया जिसका नतीजा भारत के ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-1 से सीरीज जीतने के बाद इस युवा सलामी बल्लेबाज को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कार से नवाजा गया। शीर्ष क्रम में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से प्रभावित करने वाले 25 वर्षीय इस खिलाड़ी ने कहा कि वह लंबे समय से उछाल भरी ऑस्ट्रेलियाई पिचों और उच्च-स्तरीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ खुद को परखने के लिए उत्सुक थे।

'जब पता चला ऑस्ट्रेलिया जाएंगे...'
अभिषेक ने पांच मैच में 163 रन बनाए जबकि दो मैच बारिश के कारण रद्द हो गए थे। उन्होंने शनिवार को गाबा में पांचवें और अंतिम टी20 मैच के बारिश के कारण रद्द होने के बाद कहा, ‘‘मैं इस सीरीज का इंतजार कर रहा था। जब मुझे पता चला कि हम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं तो मैं बहुत उत्साहित था। उन्होंने कहा, ‘‘अपने पूरे करियर में मैंने देखा है कि ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाजी के लिए बहुत अनुकूल है और मैं खुद को इस तरह के गेंदबाजों और परिस्थितियों के लिए तैयार करना चाहता था।’’ बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा कि उनकी तैयारी विश्वस्तरीय तेज गेंदबाजों का सामना करने और ऑस्ट्रेलियाई पिचों के हिसाब से अपने खेल को ढालने पर केंद्रित थी।
'अगर अच्छा क्रिकेट खेलना है तो...'
जब उनसे पूछा गया कि क्या पिछले तीन टी20 मैच में जोश हेजलवुड की अनुपस्थिति से भारतीय खिलाड़ियों के लिए चीजें थोड़ी आसान हो गई थीं तो अभिषेक ने कहा, ‘‘अगर आपको अच्छा क्रिकेट खेलना है और अपनी टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करना है तो आपको विश्वस्तरीय गेंदबाजों का सामना करना होगा। मैं इस तरह के गेंदबाजों के लिए अभ्यास कर रहा था क्योंकि इसी तरह आप एक खिलाड़ी के रूप में बेहतर होते हैं।’’ उनकी बल्लेबाजी के अति-आक्रामक रवैये के बारे में पूछने पर अभिषेक ने कहा कि भारतीय टीम प्रबंधन को उन्हें अपना स्वाभाविक खेल खेलने की आजादी दी।
'बचपन से ही मैं ये सपना देखता था'
अभिषेक ने कहा, ‘‘कप्तान और कोच ने मुझे खुद को अभिव्यक्त करने की स्पष्टता और आत्मविश्वास दिया। एक बल्लेबाज के तौर पर जब आप 20 या 30 रन बनाते हैं तो आप जानते हैं कि आप ज्यादा देर तक खेल सकते हैं लेकिन टीम के लिए गति निर्धारित करने की स्पष्टता ने वास्तव में मेरी मदद की।’’ पंजाब के इस युवा खिलाड़ी ने कहा कि इस सीरीज ने अगले साल टी20 वर्ल्ड कप में जगह बनाने के उनके संकल्प को मजबूत किया है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मुझे वर्ल्ड कप खेलने का मौका मिला तो यह मेरे सपने के सच होने जैसा होगा। बचपन से ही मैं हमेशा भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतने का सपना देखता था। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि मैं उस टूर्नामेंट के लिए तैयार रहूं।’’






