जिम्बाब्वे दौरे पर मिल गए इन 5 सवालों के जवाब, श्रेयस की कप्तानी से लेकर गेंदबाजों की नई खेप तक
जिम्बाब्वे दौरे पर 5 सवालों के जवाब मिल ही गए। इनमें श्रेयस अय्यर की कप्तानी से लेकर गेंदबाजों की नई खेप तक पर सवाल उठ रहे थे, लेकिन वीवीएस लक्ष्मण की कोचिंग में भारतीय टीम ने 3-0 से सीरीज जीती।

टीम इंडिया जब जिम्बाब्वे के दौरे पर टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए गई को कई सवाल अधूरे थे, जिनका जवाब मिलना था। 3 मैचों की सीरीज 4 दिन में खत्म होनी थी और सामने 5 बड़े सवाल थे, जिनका जवाब भी इस दौरे पर टीम इंडिया को तलाशना था। 23 जुलाई से 26 जुलाई तक चली इस सीरीज के साथ ही सभी पांचों सवालों का जवाब मिल गया है। इसमें श्रेयस अय्यर की कप्तानी से लेकर वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी, तिलक वर्मा का स्ट्राइक रेट, रिंकू सिंह की फिनिशिंग और गेंदबाजों की नई खेप पर प्रश्न चिन्ह थे, लेकिन उनका जवाब मिल चुका है।
1. श्रेयस अय्यर की कप्तानी
जिम्बाब्वे के खिलाफ 3 टी20 मैचों की सीरीज से पहले सवाल यह था कि क्या श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाकर सिलेक्टर्स ने सही फैसला लिया है? क्योंकि पहले 7 मैचों में वह खाली हाथ थे। आयरलैंड से भी उनकी कप्तानी में टीम इंडिया दो मैच हार गई थी। इसके बाद 5 में से 4 मैच इंग्लैंड में भारत टी20 सीरीज में हारा। हालांकि, अब श्रेयस ने लगातार तीन मैच जीतकर दिखा दिया है कि सिलेक्टर्स ने उन पर फैसला सही जताया है।
2. वैभव की ओपनिंग
संजू सैमसन को ड्रॉप करके जब इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया तो यह 15 साल का बच्चा तीनों मैचों में फ्लॉप रहा। ऐसे में उनकी बल्लेबाजी पर सवाल उठे, लेकिन जिम्बाब्वे के दौरे पर प्लेयर ऑफ द सीरीज बने वैभव ने दिखा दिया कि वह किस तरह बल्लेबाजी करते हैं।
3. तिलक का स्ट्राइक रेट
तिलक वर्मा के स्ट्राइक रेट पर भी सवाल उठ रहे थे, लेकिन उपकप्तान ने सीरीज से पहले ही कह दिया था कि वे परिस्थिति के हिसाब से खेलते हैं, क्योंकि अब वे उपकप्तान हैं। उनकी यही जिम्मेदारी हमें जिम्बाब्वे में देखने को मिली, जहां 3 मैचों में रन तो उन्होंने 77 ही बनाए, लेकिन स्ट्राइक रेट 179 से ज्यादा का था।
4. रिंकू सिंह का फिनिशिंग टच
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद रिंकू सिंह को टीम से ड्रॉप कर दिया गया था, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे के लिए उन्हें फिर से चुना गया, जहां उन्हें अपनी योग्यता साबित करनी थी। उन्होंने इसे बहुत अच्छे ढंग से तो नहीं, लेकिन मैच फिनिशर की भूमिका को अच्छी तरह से निभाया। 2 पारियों में 37 रन उन्होंने 168 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बनाए। इन आंकड़ों को और बेहतर किया जा सकता था, लेकिन वे इसमें चूक गए।
5. गेंदबाजों की नई खेप को पूरे नंबर
सबसे ज्यादा प्रभावित इस दौरे पर अगर किसी ने किया तो वह गेंदबाजों की नई खेप थी। स्टॉक बॉलिंग अटैक बीसीसीआई ने जिम्बाब्वे भेजा था। इसमें मयंक यादव, प्रिंस यादव, अशोक शर्मा और यश ठाकुर जैसे पेस बॉलर्स थे। इन्होंने दिखा दिया कि गेंदबाजों की नई फसल में भी काफी दमखम है। इनमें एक भी गेंदबाज ऐसा नहीं था, जिसे 10 इंटरनेशनल मैचों का भी अनुभव हो।



