
तब तो कोई भी रन बना लेता... विराट कोहली पर संजय मांजरेकर के बयान को भज्जी ने किया खारिज
दिग्गज ऑफ स्पिनर रहे हरभजन सिंह ने पूर्व क्रिकेटर और कॉमेंटेटर संजय मांजरेकर के विराट कोहली को लेकर दिए गए बयान को खारिज किया है। मांजरेकर ने कोहली के टेस्ट से संन्यास पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अगर वह सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिए होते तो ठीक था लेकिन उन्होंने 'आसान फॉर्मेट में खेलना चुना'।
दिग्गज ऑफ स्पिनर रहे हरभजन सिंह ने पूर्व क्रिकेटर और कॉमेंटेटर संजय मांजरेकर के विराट कोहली को लेकर दिए गए बयान को खारिज किया है। मांजरेकर ने कोहली के टेस्ट से संन्यास पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अगर वह सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिए होते तो ठीक था लेकिन उन्होंने 'आसान फॉर्मेट में खेलना चुना'। हरभजन सिंह ने इस पर कहा है कि ये मांजरेकर की निजी सोच हो सकती है। कोई भी फॉर्मेट आसान नहीं होता। अगर ऐसा होता तो कोई भी रन बना लेता।
भज्जी ने बुधवार को एक कार्यक्रम के दौरान साफ किया कि किसी भी फॉर्मेट में रन बनाना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा, 'अगर किसी फॉर्मेट में रन बनाना इतना ही आसान होता तब तो हर कोई रन बनाता। लोग क्या कर रहे हैं, बस उसका लुत्फ उठाइए। वे अच्छा खेल रहे हैं, मैच जीत रहे हैं, रन बना रहे हैं और विकेट ले रहे हैं। बस यही मायने रखता है। ये मायने नहीं रखता कि कौन किस फॉर्मेट में खेल रहा है। विराट कोहली चाहे एक फॉर्मेट में खेलें या सभी फॉर्मेट में, वह एक शानदार खिलाड़ी हैं और भारत के लिए लंबे समय से बड़े मैच विनर हैं।'
हरभजन सिंह ने विराट कोहली की तारीफ करते हुए कहा, 'वह अगली पीढ़ी को प्रेरित करते हैं। मांजरेकर के सोचने का अपना तरीका हो सकता है। मैं तो इस रूप में देखता हूं कि विराट और इन खिलाड़ियों ने इस खेल को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। विराट एक अविश्वसनीय खिलाड़ी हैं। यहां तक कि अगर आज भी वह टेस्ट क्रिकेट खेलते तो वह हमारे मुख्य खिलाड़ी होते।'
मांजरेकर ने कहा क्या था?
संजय मांजरेकर ने एक इंस्टाग्राम वीडियो में कहा था कि विराट कोहली अपनी कमियों, समस्याओं पर काम करने के बजाय टेस्ट से ही भाग गए। उन्होंने कोहली के टेस्ट पर ओडीआई को तरजीह दिए जाने पर भी निराशा जताई।
मांजरेकर ने कहा था, 'जैसे जो रूट टेस्ट क्रिकेट में नई ऊंचाई हासिल कर रहे हैं, मेरा मन विराट कोहली पर जा रहा। वह टेस्ट क्रिकेट से किनारा कर गए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रिटायरमेंट से पहले संघर्ष वाले उन 5 वर्षों में वह समस्या ढूंढने में पूरे जी-जान से नहीं लगे कि वह 5 वर्षों तक टेस्ट में 31 की औसत से क्यों रन बना रहे हैं। लेकिन ये देखकर दुख होता है कि जो रूट और स्टीव स्मिथ, केन विलियम्सन जैसे लोग टेस्ट क्रिकेट में अपना नाम बना रहे हैं।'
उन्होंने कहा, 'तब ठीक होता अगर विराट कोहली क्रिकेट से ही दूर हो गए होते, हर तरह के क्रिकेट से दूर हो गए होते। लेकिन उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट खेलना चुना, ये मुझे और निराश करता है क्योंकि किसी टॉप ऑर्डर बैटर के लिए ये फॉर्मेट सबसे आसान होता है, जो मैं पहले भी कह चुका हूं।'






