आज जो वैभव खेला है वो तो लगता है..., अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने पर क्या बोले वैभव सूर्यवंशी के पिता?
वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी ने टीम इंडिया के U-19 विश्व कप जीतने पर खुशी जताई। उन्होंने पूरी टीम के खेल की सराहना की। साथ ही, वैभव सूर्यवंशी की पारी को ऐतिहासिक भी करार दिया। टीम की जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए संजीव के चेहरे पर चमक और खुशी साफ देखी जा रही थी। उन्होंने क्या कहा जानिए

भारत ने अंडर 19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। भारतीय टीम ने इंग्लैंड को फाइनल में 100 रनों से हराकर यह उपलब्धि हासिल की है। फाइनल में भारत की जीत के सबसे बड़े हीरो वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली जिसकी वजह से टीम इंडिया ने मैच में शुरू से ही अपनी पकड़ मजबूत की और 6वीं बार विश्व विजेता बनी। टीम इंडिया के विश्व कप जीतने पर अब वैभव सूर्यवंशी के पिता की प्रतिक्रिया आई है।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी ने टीम इंडिया के विश्व कप जीतने पर खुशी जताई। उन्होंने पूरी टीम के खेल की सराहना की। साथ ही, वैभव सूर्यवंशी की पारी को ऐतिहासिक भी करार दिया। टीम की जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए संजीव के चेहरे पर चमक और खुशी साफ देखी जा रही थी। उनकी बॉडी लैंग्वेज में खुद के बेटे पर और संपूर्ण भारतीय टीम पर गर्व साफ देखा जा सकता था।
वैभव सूर्यवंशी के पिता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा- "वैभव ने बहुत अच्छा खेला। वैभव के साथ सारे लड़कों ने अच्छा खेला। पूरी टीम ने अच्छा खेला। पूरे टूर्नामेंट में सारे बच्चों ने अच्छा खेला।" वैभव की फाइनल में खेली गई पारी पर बात करते हुए संजीव काफी खुश नजर आए। उनकी चेहरे पर खुशी थी और वे बोल रहे थे कि- "आज जो वैभव खेला है वो तो हमको लगता है ऐतिहासिक पारी है।" उन्होंने आगे कहा "आज हम लोग जो वर्ल्ड कप जीते हैं उसके लिए बहुत खुश हैं और बहुत गर्व महसूस करते हैं।" उन्होंने कहा- "मेरे साथ-साथ हमारा पूरा देश खुश है और आज हम सब खुशियां मना रहे हैं।"
वैभव सूर्यवंशी के पिता से सवाल पूछा गया कि क्या वैभव इंडिया खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि "आप सबका पूरे देश का बिहार का आशीर्वाद रहा तो निश्चित ही वैभव आगे भारतीय टीम के लिए खेलेगा।"
बता दें कि जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए भारत और इंग्लैंड के बीच फाइनल मुकाबले में वैभव ने बाउंड्रीज पे डील किया। उन्होंने 175 रनों की पारी खेली जिसमें 15 चौके और 15 छक्के जड़े। यानी 175 में से 150 रन तो उन्होंने चौकों-छक्कों से बनाए। इस बड़ी पारी में वैभव ने सिर्फ 25 रन दौड़कर पूरे किए। वैभव को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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