दबाव तो उन पर होगा; विश्व कप मुकाबले से पहले अमेरिका ने पाकिस्तान की दुखती रग पर रखा हाथ
अमेरिका ने पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच से पहले उसकी दुखती रग पर हाथ रख दिया है। वो दुखती रग है पिछले वर्ल्ड कप में पाकिस्तानी टीम की इसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बहुचर्चित हार। अमेरिकी स्पिनर मोहम्मद मोहसिन ने कहा है कि पिछली हार की वजह से दबाव पाकिस्तान पर होगा।

टी20 विश्व कप में मंगलवार को ग्रुप ए के मुकाबले में शाम 7 बजे कोलंबो में पाकिस्तान और अमेरिका की टीमें आमने-सामने होंगी। पिछले वर्ल्ड कप में यूएस की टीम ने पाकिस्तान को सुपर ओवर तक चले मैच में शिकस्त देकर बड़ा उलटफेर किया था। अब इस बार मुकाबले से पहले अमेरिका ने पाकिस्तान की उस दुखती रग पर हाथ रख दिया है। अमेरिकी स्पिनर मोहम्मद मोहसिन ने पाकिस्तान को पिछली हार की याद दिलाते हुए कहा है कि उनकी टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल है।
मुकाबले से पहले सलमान अली आगा के नेतृत्व वाली टीम को चेतावनी देते हुए मोहसिन ने कहा, 'पिछला मैच हारने की वजह से पाकिस्तान के ऊपर दबाव होगा।'
मोहसिन पाकिस्तानी मूल के हैं और वह 5 साल पहले अमेरिका शिफ्ट होने से पहले पाकिस्तान में काफी क्रिकेट खेले हैं। उन्होंने कहा, 'मैं पाकिस्तान टीम के ज्यादातर खिलाड़ियों के साथ खेल चुका हूं, इसलिए मैंने टीम को इनपुट दिया है और अब हम और ज्यादा कुशल और विश्वास से भरी टीम हैं।'
जब अमेरिका ने पाकिस्तान को 22 गज की पट्टी पर चटाई थी धूल
पिछले वर्ल्ड कप में अमेरिका ने पाकिस्तान को हराकर चौंका दिया था। वो मैच काफी चर्चित रहा था और उसका फैसला सुपर ओवर में हुआ था। डलास में 6 जून 2024 को खेले गए मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट के नुकसान पर 159 रन बनाए थे। जवाब में अमेरिका ने भी निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 159 रन ही बनाए। उसके बाद मैच सुपर ओवर में गया।
सुपर ओवर में पाकिस्तान के सबसे अनुभवी गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने लचर गेंदबाजी की। उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण ओवर में 3 वाइड फेंके। इसके अलावा विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान की गलती से ओवरथ्रो के रूप में भी अमेरिका को गिफ्ट मिला। अमेरिकी टीम ने सुपर ओवर में 1 विकेट खोकर कुल 18 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान सुपर ओवर में 1 विकेट खोकर सिर्फ 13 रन ही बना सका और उसे हार का सामना करना पड़ा था।
इस बार पहले ही मैच में अमेरिका ने भारत की बढ़ा दी थी टेंशन
पिछले वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के ऊपर अमेरिका की जीत को तुक्का समझने की भूल किसी भी टीम को भारी पड़ सकती है। इस बार भारत के पहले ही मुकाबले में अमेरिका ने ये साबित भी कर दिया। भारत की बेजोड़ बल्लेबाजी को अमेरिकी गेंदबाजों ने पूरी तरह अंकुश में रखा। एक समय तो 76 रन पर भारत के 6 विकेट गिर चुके थे। भला हो कप्तान सूर्यकुमार यादव के नाबाद 84 रनों की जबरदस्त पारी का जो टीम 9 विकेट के नुकसान पर 161 रन का स्कोर खड़ा कर पाई। जवाब में अमेरिका की टीम 8 विकेट पर 132 रन ही बना सकी और इस तरह टीम इंडिया ने मैच 29 रनों से जीता।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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