टीम इंडिया का मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार, बेआबरू होकर मैदान छोड़ गए PCB चीफ
भारत ने महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। टीम इंडिया ने 8वीं मरतबा यह खिताब जीता। हालांकि, दुबई से भारत को बिना ट्रॉफी के ही स्वदेश लौटना पड़ेगा। टीम इंडिया ने मोहसिन नकवी के हाथ से एशिया कप की ट्रॉफी लेने से मना कर दिया है।

भारत ने महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। टीम इंडिया ने 8वीं मरतबा यह खिताब जीता। हालांकि, दुबई से हरमन ब्रिगेड को बिना ट्रॉफी के ही स्वदेश लौटना पड़ेगा। टीम इंडिया ने मोहसिन नकवी के हाथ से एशिया कप की ट्रॉफी लेने से मना कर दिया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने यह फैसला बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ लंबी चर्चा के बाद लिया है।
दुबई के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में बहुत देर तक ड्रामा चलता रहा। पोडियम पर मोहसिन नकवी खड़े रहे। टीम इंडिया मैदान में रुकी रही। बाद में जब भारतीय महिला टीम नहीं मानी तो आखिर बेआबरू होकर नकवी ने मैदान से बाहर जाने का फैसला किया। वह तेज कदमों से चलते हुए मैदान से बाहर गए और बाद में अपनी कार में सवार होकर जाते देखे गए। हालांकि, इस बार यह कन्फर्म नहीं हुआ है कि वह ट्रॉफी अपने साथ लेकर गए हैं या नहीं।
तब चुरा ली थी टीम इंडिया की ट्रॉफी
इसी तरह की घटना 28 सितंबर, 2025 को भी हुई थी। उस वक्त भारत ने पाकिस्तान को मात देकर एशिया कप पर कब्जा जमाया था। लेकिन मैच के बाद टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव और उनके साथी खिलाड़ियों ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था। इसके बाद नकवी टीम इंडिया की ये ट्रॉफी अपने साथ लेकर चले गए। भारतीय टीम ने फिर बिना कप उठाए ही जश्न मनाया। मोहसिन नकवी की इस हरकत पर तब बहुत बवाल मचा था।
कौन हैं मोहसिन नकवी
मोहसिन नकवी एसीसी यानी एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष हैं। वह पीसीबी चीफ और पाकिस्तान के गृह मंत्री हैं। मोहसिन नकवी, अपने भारत विरोधी रवैये के लिए जाने जाते हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद मोहसिन नकवी ने भारत पर तीखे हमले किए थे। उन्होंने कई विवादित बयान भी दिए थे। इसके बाद ही टीम इंडिया ने मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार साल 2025 में पुरुष एशिया कप शुरू हुआ था। तब के भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने ना तो पाकिस्तानी कप्तान से किसी भी मैच में हाथ मिलाया था और ना ही नकवी के हाथों ट्रॉफी ली थी। सूर्यकुमार यादव द्वारा शुरू की गई हाथ ना मिलाने की परंपरा को उसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ हुए मैचों में सभी भारतीय कप्तानों ने फॉलो किया है। अब हरमनप्रीत कौर और उनके साथी खिलाड़ियों ने भी सूर्या एंड कंपनी की तरह खाली हाथ घर वापस आने का फैसला किया है लेकिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया है।
बता दें कि पाकिस्तान की टीम इस एशिया कप के सेमीफाइनल मुकाबले में ही श्रीलंका के हाथों चार विकेट से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। फाइनल मुकाबला भारत और श्रीलंका के खिलाफ खेला गया, जहां भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 183 रन बनाए थे और 184 रनों का लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम 111 रनों पर ही ऑलआउट हो गई और भारत ने 72 रनों से यह मुकाबला जीत लिया। टीम इंडिया ने रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया है।



