लॉर्ड्स में भारत ने रचा इतिहास तो फूले नहीं समाए क्रिकेट के भगवान, कहा- महिला क्रिकेट का सफर...
लॉर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय महिला टीम के इतिहास रचने पर क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदलुकर काफी खुश दिखाई दिए। उन्होंने भारतीय को ऐतिहासिक जीत की बधाई दी है। यास्तिका, क्रांति और स्मृति की अलग से तारीफ की है।

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन रमेश तेंदुलकर ने सोमवार को लॉर्ड्स में इंग्लैंड महिला टीम के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में ऐतिहासिक जीत के लिए भारतीय महिला टीम को बधाई दी है। लंदन के इस प्रतिष्ठित मैदान पर खेला गया यह पहला महिला टेस्ट मैच था। तेंदुलकर चौथे और अंतिम दिन खेल शुरू होने से पहले लॉर्ड्स के मैदान पर मैच का लुत्फ उठा रहे थे। उन्होंने ग्राउंड में जाकर हरमनप्रीत कौर की टीम का हौसला भी बढ़ाया। मैच खत्म होने और मेहमान टीम के इतिहास रचने के बाद तेंदुलकर ने भी अपनी अपनी खुशी जाहिर की और बधाई देने में देर नहीं लगाई।
सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर दिया बधाई संदेश
सचिन रमेश तेंदलुकर ने एक्स पर लिखा “हर क्रिकेटर लॉर्ड्स में खेलने का सपना देखता है। पिछले चार दिनों में, एक नई पीढ़ी ने उस सपने को साकार किया क्योंकि महिला टेस्ट क्रिकेट पहली बार क्रिकेट के घर में पहुंचा। भारतीय टीम को शानदार जीत पर हार्दिक बधाई।" उन्होंने स्मृति मंधाना, यास्तिका भाटिया के दमदार शतक और क्रांति के पांच विकेट हॉल और खूंखार गेंजबाजी की तारीफ करते हुए लिखा "स्मृति के संयम, यास्तिका के शानदार शतक और क्रांति के पांच विकेटों ने इस अवसर को और भी खास बना दिया। महिला क्रिकेट का सफर उल्लेखनीय रहा है और यह एक और खूबसूरत कदम है।”
भारत महिला बनाम इंग्लैंड महिला टेस्ट मैच का पूरा विवरण
मैच की बात करें तो चौथे दिन जीत के लिए 457 रनों का पीछा करते हुए, इंग्लैंड महिला टीम ने अपने पिछले दिन के 130/6 के स्कोर से खेलना शुरू किया, लेकिन जल्द ही 186 रनों पर ऑल आउट हो गई। मध्यम गति की गेंदबाज स्नेह राणा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार विकेट लिए। क्रांति गौड़, सायली सतघरे और दीप्ति शर्मा ने दो-दो विकेट लिए। क्रांति को मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया, क्योंकि उनके 5/37 के शानदार प्रदर्शन ने मेहमान टीम को पहली पारी में मेजबान टीम को 170 रनों पर ऑल आउट करने में मदद की। इससे भारत को 115 रनों की अच्छी बढ़त मिली। बल्लेबाजी करने उतरी भारत ने अपनी पहली पारी में 285 रन बनाए थे। दूसरी पारी में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 341/7 पर पारी घोषित कर दी और इंग्लैंड को 457 रनों का लक्ष्य दिया। यस्तिका भाटिया ने 158 गेंदों पर 113 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। वह लॉर्ड्स में शतक बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं। स्मृति मंधाना ने भी बेहतरीन खेल दिखाया और मैच में दो बड़े अर्धशतक बनाए। कप्तान हरमनप्रीत और दीप्ति शर्मा ने भी पहली पारी में महत्वपूर्ण अर्धशतक बनाए। ऋचा घोष ने दूसरी पारी में तूफानी अर्धशतक लगाया।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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