फैसला गलत था… UPW के कोच अभिषेक नायर ने मानी गलती, खुद पर ली हार की पूरी जिम्मेदारी
यूपी वॉरियर्स (यूपीडब्ल्यू) के कोच अभिषेक नायर ने बल्लेबाज़ी क्रम में बदलाव को विपक्षी टीम के आधार पर बनाई गई रणनीति बताया और माना कि हरलीन देओल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के ख़िलाफ़ ओपनिंग कराने का फ़ैसला ग़लत था। उन्होंने इस फ़ैसले की पूरी ज़िम्मेदारी ख़ुद पर ली।

यूपी वॉरियर्स (यूपीडब्ल्यू) के कोच अभिषेक नायर ने बल्लेबाज़ी क्रम में बदलाव को विपक्षी टीम के आधार पर बनाई गई रणनीति बताया और माना कि हरलीन देओल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के ख़िलाफ़ ओपनिंग कराने का फ़ैसला ग़लत था। उन्होंने इस फ़ैसले की पूरी ज़िम्मेदारी ख़ुद पर ली। इस मैच में किरण नवगिरे को नंबर-4 पर बल्लेबाज़ी के लिए भेजा गया, जबकि उन्होंने पहले मैच में ओपनिंग की थी।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में नायर ने सोमवार को कहा, ‘हमें लगा कि उस वक़्त स्विंग करती हुई गेंद के साथ हरलीन पावरप्ले में कुछ वैल्यू जोड़ सकती हैं।’ इस मैच में यूपीडब्ल्यू, डब्ल्यूपीएल 2026 में अपना लगातार दूसरा मैच हार गई।
नायर ने कहा, ‘हरलीन तकनीकी तौर पर बहुत मजबूत है, लेकिन आज यह रणनीति काम नहीं की और यह एक ग़लत फ़ैसला साबित हुआ। मैं इसकी पूरी ज़िम्मेदारी लेता हूं। लेकिन इसके पीछे सोच यह थी कि टीम को ऊपर कुछ मजबूती मिले और जैसे-जैसे पिच बेहतर हो, तो बाद में हमें नवगिरे का पावर भी मिले। हमने शुरुआत में थोड़ी स्विंग की उम्मीद की थी। मुझे लगा कि मध्य क्रम में किरण नवगिरे के लिए ये मैच-अप काम करेगा। आज काम नहीं किया। इसलिए मैं थोड़ा सा नासमझ भी लग सकता हूं।’
गुजरात जॉइंट्स के ख़िलाफ यूपीडब्ल्यू के पहले मैच में नवगिरे चार गेंद पर एक रन बनाकर आउट हुई थीं, जबकि देओल दो गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन में थीं। हालांकि फ़ीबी लिचफ़ील्ड की 78 और निचले क्रम की उपयोगी पारियों ने यूपीडब्ल्यू को 200 के ऊपर के लक्ष्य से काफ़ी क़रीब पहुंचा दिया था और टीम सिर्फ़ दस रन से हारी थी।
इन्हीं उपयोगी पारियों में से एक पारी श्वेता सहरावत की भी थी, जिन्होंने 17 गेंद पर 25 रन बनाए, जिसमें तीन छक्के और एक चौका शामिल था। नंबर-6 पर खेलते हुए उन्होंने रेणुका सिंह की पहली ही गेंद को एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्का मारा था।
स्वभाव से शीर्ष क्रम की बल्लेबाज सहरावत ने इस भूमिका की तैयारी के लिए घरेलू क्रिकेट में भी मध्य क्रम में बल्लेबाज़ी की थी। उन्होंने सीनियर वीमेंस टी20 ट्रॉफ़ी में 144.57 की स्ट्राइक रेट और महिला अंडर-23 टी20 ट्रॉफ़ी में 157.89 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। यूपीडब्ल्यू कैंप में आने के बाद उन्हें विकेटकीपिंग की भी एक अतिरिक्त भूमिका दी गई।
नायर ने कहा, ‘मुझे लगता है, यह उनके करियर के आगे बढ़ने के लिए एक शानदार क़दम है। उन्हें ग्लव्स देना मेरे दिमाग़ में एक केएल राहुल जैसा मूव था, जिससे उनके भारतीय टीम में जगह बनाने के मौक़े बढ़ेंगे, ख़ासकर यह देखते हुए कि भारत के पास विकेटकीपिंग के बहुत विकल्प नहीं हैं। वह शानदार बल्लेबाज हैं, जिनमें क्षमता, पावर और स्टाइल है। वह कुछ शॉट्स पर काम कर रही हैं और हमने ये अभ्यास मैचों और तैयारी के दौरान देखा है। लेकिन मैच में भी इसका नमूना देखना अच्छा था। मुझे इस सीजन उनसे और उम्मीदें हैं क्योंकि मुझे सच में लगता है कि उनमें भारतीय जर्सी पहनकर बेहतरीन प्रदर्शन करने की क़ाबिलियत है।’
अभिषेक नायर ने आगे कहा, ‘15 दिन के अभ्यास में वह सोफ़ी एकलस्टन, दीप्ति शर्मा और आशा शोभना जैसे स्पिन गेंदबाज़ों की कीपिंग कर चुकी हैं। थोड़ी और कीपिंग के साथ मुझे लगता है कि वह भारतीय टीम के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन सकती हैं।’
नायर ने बल्लेबाज़ी क्रम पर उठ रहे सवालों पर कहा, ‘मेरे लिए टी20 क्रिकेट में शीर्ष तीन के बाद के नंबर उतने मायने नहीं रखते। आज का शीर्ष तीन विपक्ष के आधार पर लिया गया फ़ैसला था। हालांकि मैं तय भूमिकाओं में खिलाड़ियों को खेलने देने में विश्वास रखता हूं, लेकिन आज यह काम नहीं किया। इसका मतलब ये नहीं कि हरलीन ओपनिंग नहीं कर सकती या किरण नीचे नहीं खेल सकतीं। अगर उसने 100 बना दिया होता तो बात अलग होती।’
यूपी वॉरियर्स के कोच ने कहा, ‘आज के मैच में बल्लेबाज़ी क्रम को लेकर बहुत बात नहीं कर सकते क्योंकि हमने ढेरों विकेट तेज़ी से गंवाए। हमारे दिमाग़ में सब साफ था। सबकी भूमिकाएं तय थीं। लेकिन जब इतने विकेट गिर जाएं, तो क्या रोल? फिर तो बस जाकर खेलना होता है।’

लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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