
भारत में 15 सालों में पहली जीत मिलने पर बावुमा फूले नहीं समाए, कप्तान ने कहा- हमें पता था कि ऐसा होगा
दक्षिण अफ्रीका ने कोलकाता टेस्ट में भारत के खिलाफ 30 रनों से जीत हासिल की। यह मैच तीन दिनों के भीतर ही समाप्त हो गया। जानिए, भारत से जीतने के बाद दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने क्या बोले?
टेम्बा बावुमा की अगुवाई वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम ने भारत के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। दक्षिण अफ्रीका ने रविवार को कोलकाता में खेले गए पहले मैच के तीसरे दिन 30 रनों से जीत दर्ज की। यह दक्षिण अफ्रीका की भारतीय सरजमीं पर 15 सालों में पहली टेस्ट जीत है। कोलकाता टेस्ट में जीत के बाद कप्तान बावुमा फूले नहीं समाए। दरअसल, दक्षिण अफ्रीका ने 124 रनों का छोटा टारगेट देने के बावजूद भारत को दूसरी पारी में 93 रनों पर रोक दिया। भारतीय कप्तान शुभमन गिल चोटिल होने के कारण बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे। बावुमा का कहना है कि दक्षिण अफ्रीका को पता था कि असमान उछाल वाली पिच पर दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना और ज्यादा कठिन होगा। बावुमा ने कॉर्बिन बॉश (25) के साथ 44 रनों की साझेदारी कर दक्षिण अफ्रीका को 153 के स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 159 रन बनाए थे, जिसके जवाब में भारत ने 189 बनाकर 30 रनों की बढ़त हासिल की थी।
बावुमा ने पहला टेस्ट जीतने के बाद कहा, ''बहुत रोमांचक रहा। आप इस तरह के मैचों का हिस्सा बनना चाहते हैं और जाहिर है नतीजे में सही तरफ रहना चाहते हैं। मुझे लगता है कि हमने जितना हो सका अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश की। हमें पता था कि बल्लेबाजी में दिक्कत होगी। यह हमारे लिए मुश्किल था लेकिन हमें जो भी था उसका फायदा उठाना था। मुझे लगता है कि हमने इसे खूबसूरती से किया। सौभाग्य से चीजें काफी अच्छी रहीं। हमारे गेंदबाजों ने हमें मैच में वापस ला दिया लेकिन बॉश और मार्को के साथ हुई साझेदारी ने हमें थोड़ा प्रोत्साहन दिया कि हम आज सुबह थोड़ा बेहतर खेल सकें। यह उतनी जोरदार नहीं थी लेकिन हम साझेदारी करने में कामयाब रहे। हमने जितना हो सके मैच में बने रहने की कोशिश की। ऐसा हर बार नहीं होता कि आप 120-125 रन बनाएं और लगे कि विनिंग स्कोर हैं। यह बस मैच में बने रहने और विश्वास बनाए रखने की बात थी। आप अपने खिलाड़ियों जितने ही अच्छे हैं।''
दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ने आगे कहा, ''बल्लेबाजी के लिहाज से मैं अपनी तकनीक के साथ सहज हूं, और ट्रिगर वगैरह की चिंता नहीं करता। मुझे गेम की अच्छी समझ है। मैं भारत में अच्छा प्रदर्शन करने के इरादे से आया हूं। इन परिस्थितियों में मेरे रिकॉर्ड बहुत अच्छे नहीं हैं। इसलिए, इन परिस्थितियों को सीखने और उन छोटी-छोटी चीजों को लागू करने की मेरी कोशिशों से मैं टीम के लिए योगदान देता रहूं, यह मेरे उत्साह का एक हिस्सा है। सौभाग्य से मैंने कुछ पारियां खेली हैं, इसलिए मैं समझता हूं कि आपको थोड़े-बहुत बदलाव करने पड़ते हैं। और हम सभी को किस्मत की जरूरत होती है।'' बावुमा ने अक्षर पटेल का शानदार कैच पकड़ने पर कहा, ''यह आसान नहीं था। मुझे खुशी है कि मैंने इसे पकड़ने में सफलता पाई। अहम पल था। अक्षर के पास मोमेंटम था और हम जानते हैं कि भारतीय बल्लेबाज कैसे खेलते हैं। जब उनके पास मोमेंटम होता है तो वे और भी जोरदार खेलते हैं। सौभाग्य से अक्षर ने गलती की। मैं अपने छोटे हाथों से उसे पकड़ने में कामयाब रहा।''






