
टीम इंडिया को अब बंद करना चाहिए ये काम… AUS सीरीज के बाद आकाश चोपड़ा ने दिया दमदार लॉजिक
संक्षेप: आकाश चोपड़ा चाहते हैं कि भारतीय टी20 टीम अब प्लेइंग इलेवन में एक्सपेरिमेंट करना बंद कर दे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद एक दमदार लॉजिक दिया है।
सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-1 से अपने नाम की। दो मुकाबले बारिश में धुल गए। भारत ने बल्लेबाजों और गेंदबाजों को लेकर कई कॉम्बिनेशन आजमाए। वहीं, पूर्व भारतीय बल्लेबाज और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि टीम मैनेजमेंट को ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद अब प्लेइंग इलेवन में एक्सपेरिमेंट बंद कर देना चाहिए। उन्होंने एक दमदार लॉजिक दिया है। आकाश ने कहा कि एक्सपेरिमेंट का काम पूरा हो चुका है और टी20 वर्ल्ड कप 2026 ज्यादा दूर नहीं। भारत को वर्ल्ड कप से पहले घर पर सिर्फ दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेलनी है।

आकाश ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''यह एक्सपेरिमेंट का दौर चल रहा है। मैं उम्मीद करता हूं कि ये एक्सपेरिमेंट बंद हो जाएं। अभी तक कहा गया कि बल्लेबाजी क्रम में किसी को भी ऊपर या फिर नीचे भेजा जा सकता है। किसी को भी खिला सकते हैं और किसी को भी ड्रॉप कर सकते हैं। वे एक्सपेरिमेंटल फेज में हैं। जब टीम ने खुले तौर पर यह स्वीकार कर लिया तो फिर आप मान लेते हैं कि चलो एक्सपेरिमेंट कर लो। ऑस्ट्रेलिया में पांच मैचों की सीरीज तीन मैचों में निपट गई। अब आपको घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच-पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। मुझे लगता है कि एक्सपेरिमेंट का समय खत्म हो गया है। मुझे लगता है कि हमने काम पूरा कर लिया है। इसके बाद आप ज्यादा एक्सपेरिमेंट नहीं कर सकते और आपको करना भी नहीं चाहिए, क्योंकि वर्ल्ड कप फरवरी में शुरू होगा।"
टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन अगले साल फरवरी-मार्च के दौरान भारत और श्रीलंका में होगा। भारत ने 2024 में दक्षिण अफ्रीका को हारकर टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। आकाश ने कहा कि घर पर टूर्नामेंट खेलने का काफी प्रेशर होता है। पूर्व बल्लेबाज ने कहा, "हम डिफेंडिंग वर्ल्ड कप चैंपियन हैं। हम 2024 वर्ल्ड कप के बाद से जहां भी गए हैं, हमने अपनी जीत का परचम लहराया है। हालांकि, हमें आत्मसंतुष्ट नहीं होना चाहिए और किसी भी चीज को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि घरेलू वर्ल्ड कप जीतना बहुत मुश्किल है। ऐसा लगता है कि घरेलू वर्ल्ड कप होने के कारण आपको बढ़त हासिल है लेकिन इसके साथ ही प्रेशर भी है। यह कठिन है। इसलिए अब सभी एक्सपेरिमेंट बंद कर देने चाहिए। इसके बाद हम वही टीम खिलाएंगे, जो हमारी प्लेइंग इलेवन के सबसे करीब होगी।"






