40 गेंद रहते भारत ने जीता मुकाबला, जिम्बाब्वे को हराकर चौथी बार किया ऐसा कारनामा
भारतीय टीम ने टी20 इंटरनेशनल में 120 से ज्यादा रन का पीछा करते हुए शेष गेंदों के लिहाज से अपनी चौथी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। भारत ने पहले मैच में जिम्बाब्वे को सात विकेट से हराया।

भारतीय टीम ने हरारे में जिम्बाब्वे की टीम को पहले टी20 मैच में सात विकेट से हराया। भारतीय टी20 टीम के लिए ये जीत कई मायनों में काफी खास रही। बतौर कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपना पहला मैच जीता है, जबकि भारत लगातार 6 हार के बाद पहला मुकाबला जीतने में सफल रहा है। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट खोकर 125 रन बनाए, इसके जवाब में भारतीय टीम ने वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी की बदौलत 40 गेंद पहले मुकाबला अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही भारत का ये चेज रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया है।
टी20 इंटरनेशनल में 120 से अधिक रनों का पीछा करते हुए शेष सबसे ज्यादा गेंदों के लिहाज से भारत की ये चौथी जीत है। 120 से ज्यादा रनों का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा गेंद रहते मैच जीतने का भारतीय टीम का रिकॉर्ड 2026 में ही न्यूजीलैंड के खिलाफ बना था। टीम ने 154 रनों के स्कोर का पीछा करते हुए 60 गेंद पहले जीत हासिल कर ली थी। इसके बाद 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ 128 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए भारत ने 49 गेंद शेष रहते मैच जीता था। इंग्लैंड के खिलाफ 2025 में 133 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए भारत ने 43 गेंद रहते मैच अपने नाम किया था। जबकि जिम्बाब्वे के खिलाफ 126 रनों के लक्ष्य को चेज करते हुए भारत ने 40 गेंद पहले जीत दर्ज की।
मैच की बात करें तो भारत ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में पहला मुकाबला जीतकर 1-0 की बढ़त बना ली है। जिम्बाब्वे के 126 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने सूर्यवंशी और इशान किशन की पारियों से 13.2 ओवर में तीन विकेट पर 126 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी नाबाद 28 रन बनाए। भारत ने इससे पहले मयंक (18 रन पर दो विकेट) और प्रिंस (19 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी से जिम्बाब्वे को सात विकेट पर 125 रन पर रोक दिया। रवि बिश्नोई और शिवम दुबे ने एक-एक विकेट हासिल किया। मयंक को शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
जिम्बाब्वे ने 14वें ओवर में 64 रन तक पांच विकेट गंवा दिए थे जिसके बाद वेस्ली माधेवेरे (39 रन, 34 गेंद, तीन चौके, एक छक्का) और ताडिवनाशे मरुमानी (नाबाद 27, 20 गेंद, दो चौके, एक छक्का) ने छठे विकेट के लिए 58 रन की साझेदारी करके टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।



