'तिलक वर्मा के हीरो बनने के चक्कर में टीम हारी', पूर्व भारतीय कप्तान का सनसनीखेज दावा
तिलक वर्मा ने आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में अर्धशतक लगाया था लेकिन भारत को करीबी हार झेलनी पड़ी। पूर्व कप्तान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने तिलक को आड़े हाथों लिया है।

भारत की आयरलैंड दौरे पर भद्द पिट गई। भारत को यहां दो मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा। दूसरे मैच में हार बेहद चौंकाने वाली थी। टीम इंडिया महज एक रन से जीत से चूक गई। आयरलैंड ने 154/8 का स्कोर खड़ा करने के बाद भारत को 153/9 पर रोका। 35 रन पर चार विकेट गिरने के बाद तिलक वर्मा ने मोर्चा संभाला लेकिन जीत की दहलीज पार नहीं कर पाई। उन्होंने 46 गेंदों में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 55 रन बटोरे। उनका स्ट्राइक रेट 119.56 का रहा। उन्होंने अक्षर पटेल (18 गेंदों में 14) के साथ पांच विकेट के लिए 39 और शिवम दुबे (16 गेंदों में 20) के संग छठे विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। 23 वर्षीय तिलक 18वें ओवर में आउट हुए। भारत के पूर्व कप्तान और पूर्व चीफ सिलेक्टर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने तिलक की कड़ी आलोचना की है और सनसनीखेज दावा किया।
'तिलक वर्मा सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे'
श्रीकांत का कहना है कि तिलक के हीरो बनने के चक्कर में टीम को हार झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि भारत ने मिडिल फेज में ही मैच गंवा दिया था क्योंकि खिलाड़ियों ने अटैक नहीं किया। श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "आप उस तरह से नहीं खेल सकते जैसे भारतीय पारी के मिडिल फेज में खेला, खासकर तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल ने। इन सभी का स्ट्राइक रेट खराब था। आपको थोड़ा स्थिर हो ना होगा और फिर मिडिल फेज में अटैक करना शुरू करना होगा। वरना आप मिडिल फेज में फेल हुए तो आप फिनिश हो जाएंगे। भारत उसी फेज में गेम हार गया था। तिलक वर्मा सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे, एक-दो रन बनाकर। अक्षर पटेल भी वैसा ही कर रहे थे।''
'तिलक वर्मा की नजर ऐसे जश्न मनाने पर थी'
श्रीकांत ने चेज के दौरान तिलक के अप्रोच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज मैच को जल्दी खत्म करने के बजाय उसे अंत तक ले जाने पर ज्यादा फोकस कर रहा था। श्रीकांत का मानना है कि भारत को मैच को आखिरी गेंद तक जाने देने के बजाय एक ओवर पहले ही जीत लेना चाहिए था। उन्होंने कहा, ''तिलक वर्मा ने मैच को आखिर तक ले जाने और हीरो बनने की कोशिश की। उनकी नजर आखिर में जिताकर और अपनी जर्सी निकालकर जश्न मनाने पर थी। ऐसे टारगेट को आखिर में चेज करने की जगह एक ओवर बाकी रहते हासिल करना होता है।'' बता दें कि आखिरी ओवरों में हर्षित राणा ने 10 गेंद में 21 रन बनाकर पूरी कोशिश की लेकिन आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर आउट हो गए।
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परिचय: मोहम्मद अकरम 10 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़े अपडेट्स, मैच एनालिसिस और स्टोरी रिसर्च बखूबी अंजाम देते हैं। अकरम का मानना है कि खेल पत्रकारिता सिर्फ स्कोर बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल की भावना, खिलाड़ियों की मेहनत और उससे जुड़ी कहानियों को सामने लाना भी उतना ही जरूरी है।
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