टेस्ट में संघर्ष नहीं कर रही टीम इंडिया, गौतम गंभीर ने दिया बड़ा बयान, कहा- रैंकिंग मायने नहीं रखती
भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने शनिवार को कहा कि विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 की तालिका में पांचवें स्थान पर होने के बावजूद उनकी टीम टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष नहीं कर रही है।

भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने शनिवार (22 अगस्त) को कहा कि विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2025-27 की तालिका में पांचवें स्थान पर होने के बावजूद उनकी टीम टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूटीसी रैंकिंग मायने नहीं रखती, क्योंकि भारत पिछले साल से उचित क्रिकेट खेल रहा है।
गंभीर ने कहा- “यह सिर्फ इस बारे में है कि हम क्रिकेट में आगे कैसे बढ़ना चाहते हैं। क्या महत्वपूर्ण है और क्रिकेट में सुधार के लिए सही निर्णय क्या हैं। इसलिए शायद अब यह सिर्फ क्रिकेट के इर्द-गिर्द ही घूम रहा है कि हम भविष्य में खेल को किस नजरिए से देखते हैं। रैंकिंग मायने नहीं रखती। हम संघर्ष नहीं कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के बाद से हमने ठीक-ठाक टेस्ट क्रिकेट खेला है।"
हाल ही में टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में जीत हासिल की है। दूसरे मुकाबले की पूर्व संध्या पर गौतम गंभीर पत्रकारों से बात कर रहे थे, इसी दौरान यह बयान दिया है। भारतीय टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के लिए अभी लंबी छलांग लगानी पड़ेगी। पहले तो श्रीलंका से अगले मुकाबले में जीतने की चुनौती होगी और उसके बाद भी बड़ी टीमों से सीरीज हैं। ऑस्ट्रेलिया से पांच मैचों की सीरीज घर पर खेलनी है, जो चुनौतीपूर्ण हो सकती है। गौतम गंभीर ने और भी तमाम विषयों पर चर्चा की।
जुलाई 2024 में संभाली थी हेड कोच की जिम्मेदारी
बता दें कि जून 2024 में भारत के टी-20 विश्व कप जीतने के बाद राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त हो गया था, जिसके बाद जुलाई 2024 में गौतम गंभीर ने सभी फॉर्मेट में भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में जिम्मेदारी संभाली। बतौर कोच वनडे और टी-20 क्रिकेट में उनके आंकड़े शानदार हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया के इंग्लैंड में पांच मैचों की सीरीज को ड्रॉ कराने के अलावा बड़ी टीमों के खिलाफ रिकॉर्ड शानदार नहीं रहे हैं। बड़ी टीमों के खिलाफ गंभीर की कोचिंग वाली टीम को घर पर भी हार का सामाना करना पड़ा है। तमाम हार ही वे कारण हैं, जिसकी वजह से टीम जो पहले दो संस्करण में आसानी से वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच गई थी, 2025 में नहीं पहुंच सकी और अब 2027 के संस्करण में पांचवें पायदान पर है। फाइनल में पहुंचना इस संस्करण में भी मुश्किल नजर आ रहा है।
गंभीर की कोचिंग में भारत को झेलनी पड़ी बड़ी हारें
अक्टूबर- नवंबर 2024 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज भारतीय सरजमीं पर खेली गई थी। भारत अपनी सरजमीं पर टेस्ट क्रिकेट का बब्बर शेर माना जाता है, लेकिन इस सीरीज में टीम इंडिया की एक भी ना चली और 3-0 से करारी हार झेलनी पड़ी। घरेलू मैदानों पर टेस्ट क्रिकेट के बादशाह भारत को व्हाइट वॉश होना पड़ा। इसके बाद टीम इंडिया बॉर्डर- गावस्कर ट्रॉफी खेलनी 2024-25में ऑस्ट्रेलिया गई जहां कंगारुओं ने भारत को धूल चटाई। पांच मैचों की सीरीज में 3-1 से रौंदा। इतना ही नहीं गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया न्यूजीलैंड से घर पर तो व्हाइट वॉश हुई ही थी, कुछ अरसे बाद दक्षिण अफ्रीका भी 2-0 से रौंदकर चला गया। यह सीरीज नवंबर 2025 में खेली गई थी। इस सीरीज के बाद भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ घर पर खेले गए एकमात्र टेस्ट में हराया है। यह मुकाबला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं था। इसके बाद अब श्रीलंका दौरे पर पहले मुकाबले में जीत हासिल की है, जिसके बाद गंभीर ने यह बयान दिया है कि भारत टेस्ट में संघर्ष नहीं कर रहा है। उनका बयान आंकड़ों से मेल नहीं खाता है।
सफेद गेंद में शानदार हैं आंकड़े
हालांकि, गौतम गंभीर ने व्हाइट बॉल क्रिकेट में अपनी कोचिंग में भारत को चैपियंस ट्रॉफी 2025 में विजय दिलाई है। 2026 का टी-20 विश्व कप भी भारत उनकी कोचिंग में जीता है। लेकिन यह सच्चाई है कि टेस्ट क्रिकेट में स्थिति डामाडोल है।



