टीम इंडिया ने टूटने नहीं दिया 22 सालों का सिलसिला, महिला एशिया कप फाइनल में 10वीं बार हुआ ऐसा
Team India Storm into Women’s Asia Cup 2026 Final: भारत ने महिला एशिया कप 2026 फाइनल की सीट पक्की कर ली है। भारत ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश पर धमाकेदार जीत हासिल की।

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। यह टूर्नामेंट का 10वां संस्करण है। भारत ने गुरुवार को सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रनों से शिकस्त दी। यह मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हुआ। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 149 रन जुटाए। प्लेयर ऑफ द मैच शेफाली वर्मा (40 गेंदों में 60) ने अर्धशतक जमाया। बांग्लादेश ने लक्ष्य का पीछा करते हुए सात विकेट पर 107 रन जोड़े। बांग्लादेश के लिए सर्वाधिक रन शोरना अख्तर (नाबाद 22) ने बनाए। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने तीन जबकि नंदनी शर्मा को दो विकेट चटकाए। श्री चरणी और प्रेमा रावत ने एक-एक शिकार किया।
22 सालों का सिलसिला नहीं टूटा
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 22 सालों से चला आ रहा सिलसिला टूटने नहीं दिया। दरअसल, महिला एशिया कप इतिहास में भारत के बिना कोई फाइनल नहीं खेला गया है। भारत ने लगातार 10वीं बार फाइनल में एंट्री की है। साल 2004 से महिला एशिया कप का आयोजन हो रहा। भारत की मौजूदा संस्करण के फाइनल में किससे भिड़ंत होगी, इसका पता शुक्रवार को चलेगा। दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान और श्रीलंका की टक्कर होगी। फाइनल 13 सितंबर को दुबई में होगा।
भारत टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम
भारत इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है। भारत ने अब तक सात बार महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम किया है। बांग्लादेश और श्रीलंका ने एक-एक बार ट्रॉफी जीती है। बांग्लादेश ने 2018 में भारत को फाइनल में तीन विकेट से हराया था। भारत ने 113 रनों का लक्ष्य दिया था और मैच आखिरी गेंद तक चला। श्रीलंका ने 2024 में भारत को खिताबी मुकाबले में आठ विकेट से मात दी। श्रीलंका ने 166 रनों का टारगेट आठ गेंद बाकी रहते चेज किया था।
कप्तान हरमनप्रीत कौर क्या बोलीं?
सेमीफाइनल में बांग्लादेश को रौंदने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, ''जिस तरह से चीजें आगे बढ़ रही हैं, उससे मैं खुश हूं। हमारी बल्लेबाजी और गेंदबाजी जिस तरह चल रही है, उससे भी संतुष्ट हूं।'' हरमनप्रीत ने गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा, ''अच्छी गेंदों की अपनी अहमियत थी। अगर आप गेंद को टर्न और स्पिन करा पा रहे थे तो उन गेंदों का प्रभाव भी दिख रहा था। आज दोनों टीम की स्पिनरों ने अच्छी गेंदबाजी की। बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियां मुश्किल थीं और स्पिनरों ने पिच का बहुत अच्छे से इस्तेमाल किया।'' उन्होंने शेफाली के प्रदर्शन की भी सराहना की।



