ये 1983 और 2011 की जीत के आगे कुछ नहीं; संजय मांजरेकर ने टी20 विश्व कप को नहीं दिया ज्यादा भाव
भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर का कहना है कि तीनों टी20 वर्ल्ड कप खिताबों में से कोई भी दूर तलक तक 1983 या 2011 के एकदिवसीय विश्व कप खिताबों के आस-पास नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमें विश्व कप खिताबों को सही परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है।

टी20 विश्व कप 2026 का खिताब कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। पहली बार किसी टीम ने बैक टु बैक टी20 विश्व कप जीता। पहली बार किसी टीम ने तीसरी बार ये खिताब जीता। पहली बार किसी मेजबान टीम ने टी20 विश्व कप जीता। सूर्यकुमार यादव उन भारतीय कप्तानों के विशिष्ट क्लब में शामिल हुए जिनकी अगुआई में राष्ट्रीय टीम ने विश्व कप में परचम लहराया। 1983 में कपिल देव की अगुआई में भारत ने पहली बार विश्व कप जीता। फिर महेंद्र सिंह धोनी ने 2007 और 2011 में कमाल किया। उसके बाद रोहित शर्मा ने 2024 और अब सूर्यकुमार यादव ने 2026 में इतिहास रचा। लेकिन भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर का कहना है कि तीनों टी20 वर्ल्ड कप खिताबों में से कोई भी दूर तलक तक 1983 या 2011 के एकदिवसीय विश्व कप खिताबों के आस-पास नहीं हैं।
मांजरेकर ने एक्स पर लिखा कि 1983 और 2011 की जीतें हमेशा टी20 विश्व कप जीतों से ज्यादा महत्व रखेंगी। पूर्व क्रिकेटर और कॉमेंटेटर ने लिखा, ‘हमें इन विश्व कप खिताबों को उचित परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है। भारत की टी20 विश्व कप जीतें चुनौती और शुद्धता के मामले में दूर-दूर तक कपिल देव की अगुआई में 1983 और धोनी के के नेतृत्व में 2011 के 50 ओवरों वाले विश्व कप जीतों के नजदीक नहीं हैं।’
टी20 विश्व कप 2026 में भारत ने 7 फरवरी को अपने अभियान की शुरुआत अमेरिका को हराकर की थी। उसके बाद टीम ने अपने सारे ग्रुप मैच जीते। नामीबिया को हराया, पाकिस्तान को शिकस्त दी और नीदरलैंड पर जीत दर्ज की। हालांकि सुपर 8 के पहले मुकाबले में उसे दक्षिण अफ्रीका से शिकस्त झेलनी पड़ी। बड़ी हार की वजह से नेट रन रेट नेगेटिव में चला गया और टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें भी धुंधली सी हो गई थी। दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद टीम इंडिया ने जबरदस्त वापसी की। सुपर 8 के बाकी मुकाबलों में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
सेमीफाइनल में टीम इंडिया ने 250+ का स्कोर खड़ा करके इंग्लैंड को मात दी। उसके बाद फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक बार फिर 250+ का स्कोर खड़ा किया और 96 रनों की विशाल जीत दर्ज करके लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप पर कब्जा किया।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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