टी20 विश्व कप: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अफगानिस्तान की ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ में वापसी पर निगाह
अपने पहले मैच में न्यूजीलैंड से हारने के बाद अफगानिस्तान के लिए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार को अहमदाबाद में होने वाला टी20 विश्व कप का मैच करो या मरो जैसा होगा। वजह ये कि हर ग्रुप से केवल दो टीम ही सुपर आठ चरण में पहुंचेंगी।

अपने पहले मैच में न्यूजीलैंड से हारने के बाद अफगानिस्तान के लिए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार को अहमदाबाद में होने वाला टी20 विश्व कप का मैच करो या मरो जैसा होगा। वजह ये कि हर ग्रुप से केवल दो टीम ही सुपर आठ चरण में पहुंचेंगी।
दक्षिण अफ्रीका ग्रुप डी में शीर्ष पर काबिज है और बाकी टीमों से काफी आगे है। कनाडा पर 57 रन की जीत ने न सिर्फ उसे दो अंक मिले बल्कि इसने उसके नेट रन रेट को 2.850 तक पहुंचा दिया है।
दूसरी ओर न्यूजीलैंड (1.162) से पांच विकेट से हारने के कारण अफगानिस्तान -1.162 के नेट रन रेट के साथ तीसरे स्थान पर है। उसे अगले दौर में पहुंचने की अपनी उम्मीद को बरकरार रखने के लिए न केवल मैच जीतना होगा बल्कि अपना नेट रन रेट भी सुधारना होगा।
‘ग्रुप ऑफ डेथ’ क्यों?
इस तरह की परिस्थितियों में दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबला होने की संभावना है। अफगानिस्तान की टीम कभी हार नहीं मानने का जज्बा रखती है और दक्षिण अफ्रीका इससे अच्छी तरह से वाकिफ होगा। दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान जैसी टीमों की मौजूदगी के कारण यह 'ग्रुप ऑफ डेथ' बन गया है।
अफगानिस्तान के लिए करो या मरो वाला मैच
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान ने गुलबदीन नायब की 35 गेंदों में खेली गई 63 रन की पारी और अन्य बल्लेबाजों के उपयोगी योगदान से 182 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया था।
लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ चेपॉक में टी20 क्रिकेट खेलने का अनुभव रखने वाले नूर अहमद को टीम से बाहर रखने का फैसला अफगानिस्तान के लिए नुकसानदायक साबित हुआ क्योंकि उनकी जगह तेज गेंदबाजों को मौका दिया गया था जो अपनी रणनीति पर अमल करने में नाकाम साबित हुए।
अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज कीवी टीम पर दबाव बनाने में विफल रहे और यहां तक कि उसके कप्तान राशिद का भी दिन खराब रहा, जिन्होंने अपने चार ओवरों में 36 रन दिए और एक विकेट लिया।
गेंदबाज़ी में अफ़गानिस्तान के लिए मुजीब उर रहमान का प्रदर्शन एकमात्र सकारात्मक पहलू था, जिन्होंने 31 रन देकर दो विकेट हासिल किए। अफगानिस्तान की टीम अब दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम में अपने खेल में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध होगी।
राशिद का आईपीएल में यहां खेलने का अनुभव अफगानिस्तान के लिए महत्वपूर्ण होगा, जिसे वापसी करने और अपने अभियान को पटरी पर लाने के लिए जीत की जरूरत है।
दक्षिण अफ्रीका को रहना होगा सतर्क
दक्षिण अफ्रीका का अफगानिस्तान के खिलाफ रिकॉर्ड अच्छा रहा है और उसने अपने इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेले गए तीनों मैच जीते हैं। उसने अफगानिस्तान को टी20 विश्व कप में 2024 में नौ विकेट से, 2016 में 37 रन से और 2010 में 59 रन से हराया था।
दक्षिण अफ्रीका की टीम कनाडा के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करने के बाद इस मुकाबले से पहले आत्मविश्वास से भरी होगी। कप्तान एडन मार्क्रम (59) ने तेज अर्धशतक लगाकर आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व किया। उसके अन्य खिलाड़ियों ने भी महत्वपूर्ण रन बनाकर इस एकतरफा मैच में दक्षिण अफ्रीका को 200 रन के पार पहुंचाया।
कनाडा के खिलाफ महज छह रन बनाकर आउट होने के बाद युवा डेवाल्ड ब्रेविस पर सबकी नजरें होंगी। ब्रेविस टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए हैं। पिछले 14 मैचों में उनका उच्चतम स्कोर 31 रन रहा है।
टीम इस प्रकार हैं:
अफगानिस्तान: राशिद खान (कप्तान), इब्राहिम जादरान (उपकप्तान), दरविश रसूली, मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदीन नायब, मोहम्मद नबी, शाहिदुल्लाह, अब्दुल्ला अहमदजई, फकालहक फारूकी, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, जियाउर रहमान।
दक्षिण अफ्रीका: एडेन मार्क्रम (कप्तान), डेवाल्ड ब्रेविस, क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), डेविड मिलर, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), जेसन स्मिथ, ट्रिस्टन स्टब्स, कॉर्बिन बॉश, मार्को यानसन, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, केवना मफाका, लुंगी एनगिडी, एनरिक नोर्किया, कैगिसो रबाडा।
समय: मैच भारतीय समयानुसार सुबह 11:00 बजे शुरू होगा।

लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय, असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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