
टी20 वर्ल्ड कप: क्या चेन्नई और त्रिवेंद्रम में शिफ्ट होंगे बांग्लादेश के मैच? BCCI का जवाब जानिए
ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि आईसीसी बांग्लादेश के वर्ल्ड कप मैचों को कोलकाता और मुंबई से शिफ्ट करके चेन्नई और त्रिवेंद्रम में शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है। इस पर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि उन्हें आईसीसी की तरफ से इस बाबत कोई सूचना नहीं मिली है।
टी20 वर्ल्ड कप अगले महीने शुरू होने जा रहा है लेकिन फिलहाल बांग्लादेश के मैचों को लेकर स्थिति अस्पष्ट है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी से अपने मैचों को भारत से बाहर कराने की गुजारिश की है। वह अपने मैच श्रीलंका में खेलना चाहता है। इस बीच कुछ ऐसी भी रिपोर्ट्स आईं कि आईसीसी बांग्लादेश के वर्ल्ड कप मैचों को कोलकाता और मुंबई से शिफ्ट करके चेन्नई और त्रिवेंद्रम में शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है। इस पर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि उन्हें आईसीसी की तरफ से इस बाबत कोई सूचना नहीं मिली है।
सैकिया ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, ‘BCCI को बांग्लादेश के मैच चेन्नई या कहीं और शिफ्ट कराए जाने को लेकर किसी तरह की कोई सूचना नहीं मिली है और ये हमारे नियंत्रण से बाहर की चीज है। ये बीसीबी और आईसीसी से जुड़ा मसला है क्योंकि आईसीसी ही संचालक संस्था है। अगर आईसीसी हमें मैच की जगहों में किसी तरह के बदलाव के बारे में किसी फैसले के बारे में बताती है तब बतौर मेजबान हम जरूरी कदम उठाएंगे। फिलहाल हमें इस तरह की किसी सूचना की कोई जानकारी नहीं हैं।’
टी20 वर्ल्ड कप का अगले महीने आगाज होने जा रहा है। इसके मैच 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में खेले जाएंगे। मौजूदा शेड्यूल के मुताबिक बांग्लादेश को कोलकाता और मुंबई में 3 मैच खेलने हैं। उसका पहला मैच 7 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में है। उसके बाद कोलकाता में ही बांग्लादेश को 9 फरवरी को इटली और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ खेलना है। 17 फरवरी को उसका मुंबई में नेपाल के खिलाफ मैच तय है।
बांग्लादेश वर्ल्ड कप के मैच भारत में खेलने को लेकर इस वजह से नखरा दिखा रहा है कि उसके खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर ने अपने स्क्वाड से रिलीज कर दिया है। रहमान को आईपीएल फ्रेंचाइजी ने हालिया मिनी नीलामी में 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा था लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार को लेकर भारत में आक्रोश के बाद चीजें तेजी से बदल गईं। सोशल मीडिया पर एक तबका मुस्तफिजुर को आईपीएल से निकालने की मांग कर रहा था। कुछ हिंदू संगठनों ने भी इसकी मांग की थी। आखिरकार बीसीसीआई के निर्देश पर केकेआर ने मुस्तफिजुर रहमान को अपने आईपीएल स्क्वाड से रिलीज कर दिया। उसके बाद बांग्लादेश ने आईसीसी से 'सुरक्षा कारणों' से अपने विश्व कप मैचों को भारत से बाहर शिफ्ट कराने की मांग की है।

लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय ,असिस्टेंट एडिटर
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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