टी-20 विश्व कप 2026 में लगे सबसे ज्यादा शतक, टूट गया 3 बार से ना टूटने वाला रिकॉर्ड

Feb 18, 2026 09:27 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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टी-20 विश्व कप 2026 में कमाल हो गया है। बीते तीन दिनों में लगातार तीन शतक देखने को मिले हैं। इन तीन शतकों के साथ यह विश्व कप सर्वाधिक शतकों वाला संस्करण बन गया है। इससे पहले 2010, 2014, 2016 और 2022 के विश्व कप में सिर्फ 2-2 शतक लगे थे, लेकिन इस विश्व कप में 3 दिन में ही 3 शतक जड़ दिए गए हैं।

टी-20 विश्व कप 2026 में लगे सबसे ज्यादा शतक, टूट गया 3 बार से ना टूटने वाला रिकॉर्ड

आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप 2026 ने क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जिसे आने वाले समय में याद रखा जाएगा। इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजों का ऐसा जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला है जिसकी मिसाल पहले कभी नहीं मिली। मात्र तीन दिनों के भीतर तीन अलग-अलग देशों के बल्लेबाजों ने शतक जड़कर विश्व कप के रोमांच को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। शतकों का यह सिलसिला 16 फरवरी को शुरू हुआ और 18 फरवरी तक लगातार जारी रहा, जिसने न केवल दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया बल्कि क्रिकेट के सांख्यिकीय इतिहास को भी पूरी तरह से बदल कर रख दिया है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि की शुरुआत 16 फरवरी को श्रीलंका के पाथुम निसानका ने की, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 52 गेंदों में नाबाद 100 रनों की तूफानी पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाई। इसके ठीक अगले दिन, 17 फरवरी को कनाडा के युवा बल्लेबाज युवराज सामरा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 110 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर सनसनी फैला दी। इस सिलसिले को 18 फरवरी को पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान ने आगे बढ़ाया, जिन्होंने नामीबिया के खिलाफ मांसपेशियों में खिंचाव के बावजूद नाबाद 100 रन पूरे किए। इन तीनों खिलाड़ियों ने लगातार तीन दिनों में तीन शतक लगाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया है।

इन शतकों के साथ ही टी-20 विश्व कप 2026 अब इतिहास का सर्वाधिक शतक वाला एडिशन बन गया है। रिकॉर्ड्स के अनुसार, इससे पहले किसी भी एक टी-20 विश्व कप संस्करण में दो से अधिक शतक नहीं लगे थे। उदाहरण के लिए, साल 2010, 2014, 2016 और 2022 में केवल दो-दो शतक ही लगे थे, लेकिन इस बार महज तीन दिनों के अंतराल में ही तीन शतक लग चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि 2026 का यह संस्करण बल्लेबाजों के लिए कितना अनुकूल साबित हो रहा है और खेल की गुणवत्ता में कितना सुधार आया है।

यह विश्व कप कई अन्य वजहों से भी खास हो गया है। पाथुम निसानका ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 विश्व कप में शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने। वहीं, युवराज सामरा विश्व कप में शतक जड़ने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बनकर उभरे, जो कनाडा जैसे एसोसिएट देश के लिए एक गौरवशाली क्षण है। साहिबजादा फरहान भी अहमद शहजाद के बाद विश्व कप में शतक लगाने वाले केवल दूसरे पाकिस्तानी बल्लेबाज बने हैं। चूंकि टूर्नामेंट अभी जारी है, इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या शतकों का यह कारवां यहीं रुकता है या हमें और भी ऐतिहासिक पारियां देखने को मिलेंगी।

टी-20 विश्व कप के इतिहास में अब तक लगे शतकों की सूची साल-दर-साल

• 2007: 1 शतक लगा, जो वेस्टइंडीज के क्रिस गेल (बनाम दक्षिण अफ्रीका) ने बनाया था।

• 2010: 2 शतक लगे। पहला भारत के सुरेश रैना (बनाम दक्षिण अफ्रीका) ने और दूसरा श्रीलंका के महेला जयवर्धने (बनाम जिम्बाब्वे) ने जड़ा था।

• 2012: 1 शतक लगा, जो न्यूजीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम (बनाम बांग्लादेश) के बल्ले से निकला।

• 2014: 2 शतक लगे। इंग्लैंड के एलेक्स हेल्स (बनाम श्रीलंका) और पाकिस्तान के अहमद शहजाद (बनाम बांग्लादेश) ने यह कारनामा किया।

• 2016: 2 शतक दर्ज हुए। बांग्लादेश के तमीम इकबाल (बनाम ओमान) और वेस्टइंडीज के क्रिस गेल (बनाम इंग्लैंड) ने शतक बनाए।

• 2021: 1 शतक लगा, जो इंग्लैंड के जोस बटलर (बनाम श्रीलंका) ने बनाया।

• 2022: 2 शतक लगे। दक्षिण अफ्रीका के रिली रोसौव (बनाम बांग्लादेश) और न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स (बनाम श्रीलंका) ने शतक जड़े।

• 2026 (अब तक): इस विश्व कप में इतिहास रचते हुए 3 शतक लग चुके हैं। श्रीलंका के पाथुम निसानका (बनाम ऑस्ट्रेलिया), कनाडा के युवराज सामरा (बनाम न्यूजीलैंड) और पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान (बनाम नामीबिया) ने यह उपलब्धि हासिल की है।

नोट- साल 2009 का टी-20 विश्व कप एकमात्र ऐसा इडिशन रहा है, जिसमें कोई भी शतक नहीं लगा। इस एडिशन में पाकिस्तान ने श्रीलंका को हराते हुए खिताब अपने नाम किया था। यह संस्करण इंग्लैंड में खेला गया था।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

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