3 मैच, 910 रन, भारत-SA की बादशाहत, पाक भी सुपर-8 में, जानिए 18 फरवरी को विश्व कप में क्या-क्या हुआ?
टी-20 विश्व कप 2026 में बुधवार 18 फरवरी को 3 मुकाबले खेले गए जिसमें भारत, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका जैसी बड़ी टीमों ने जीत हासिल की, जबकि यूएई, नामीबिया और नीदरलैंड को हार का सामना करना पड़ा। भारत और दक्षिण अफ्रीका ने सभी मैच जीतकर बादशाहत बरकरार रखी। पाक भी सुपर 8 में पहुंच गया।

बुधवार (18 फरवरी) का दिन आईसीसी टी-20 विश्व कप 2026 के लिए बेहद रोमांचक और ऐतिहासिक रहा, जहां एक ही दिन में तीन महत्वपूर्ण मुकाबले खेले गए। इन मैचों में भारत, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका जैसी बड़ी टीमों ने अपनी जीत का सिलसिला जारी रखते हुए सुपर-8 के लिए अपनी दावेदारी और मजबूत की है। इस "ट्रिपल-हेडर" बुधवार को न केवल मैदान पर चौकों-छक्कों की बारिश हुई, बल्कि सांख्यिकी के नजरिए से भी कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हुए और नए कीर्तिमान स्थापित किए गए।
दिन के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को 6 विकेट से हराकर अपनी अजेय लय बरकरार रखी। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने UAE को 122/6 पर रोक दिया, जिसमें कोर्बिन बॉश ने मात्र 12 रन देकर 3 विकेट झटके और अपने टी-20 करियर के 100 विकेट भी पूरे किए। लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने एडेन मार्कराम (28), रिकलटन (30) और डेवाल्ड ब्रेविस (36) की पारियों की मदद से 13.2 ओवर में जीत हासिल कर ली। हालांकि, इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने 4 कैच छोड़े, जिसके बाद कप्तान मार्कराम ने टीम की फील्डिंग और एटीट्यूड पर निराशा व्यक्त की।
दूसरे मैच में पाकिस्तान ने नामीबिया के खिलाफ 102 रनों की विशाल जीत दर्ज की, जो रनों के अंतर से टी-20 विश्व कप इतिहास में पाकिस्तान की सबसे बड़ी जीत है। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट के नुकसान पर 199 रन बनाए, जिसके जबाव में नामीबिया की टीम 17.3 ओवर में 97 रनों पर ही ऑल आउट हो गई। इस जीत के नायक साहिबजादा फरहान रहे, जिन्होंने मात्र 58 गेंदों में नाबाद 100 रनों की पारी खेली। अहमद शहजाद (2014) के बाद टी-20 विश्व कप में शतक जड़ने वाले केवल दूसरे पाकिस्तानी बल्लेबाज बन गए हैं। पाकिस्तान के स्पिनरों ने इस मैच में कुल 8 विकेट लिए, जो टी-20 विश्व कप की एक पारी में उनके स्पिनरों द्वारा लिए गए सर्वाधिक विकेटों के रिकॉर्ड की बराबरी है। उस्मान तारिक ने 16 रन देकर 4 विकेट लिए, जो विश्व कप में किसी भी पाकिस्तानी स्पिनर का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
दिन के आखिरी मुकाबले में भारत ने नीदरलैंड्स को 17 रनों से मात दी और ग्रुप स्टेज का अंत बिना किसी हार के किया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज करते हए भारतीय टीम ने 6 विकेट के नुकसान पर 193 रन बनाए थे, जिसके जवाब में नीदरलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 176 रन बनाए। भारत की ओर से शिवम दुबे ने 31 गेंदों में 66 रनों (4 चौके, 6 छक्के) की आतिशी पारी खेली और 2 विकेट भी लिए, जिसके लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इस जीत के साथ भारत ने टी-20 विश्व कप में अपनी लगातार 12वीं जीत दर्ज की, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास में किसी भी टीम द्वारा लगातार सर्वाधिक जीत का विश्व रिकॉर्ड है। गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती ने घातक प्रदर्शन करते हुए 3 ओवर में केवल 14 रन देकर 3 विकेट लिए।
इस दिन के मैचों के दौरान कुछ अन्य अनोखे रिकॉर्ड भी बने। भारतीय टीम ने इस विश्व कप संस्करण में अब तक 12 अलग-अलग गेंदबाजों का इस्तेमाल किया है, जो किसी भी एक टी-20 विश्व कप संस्करण में भारत के लिए सबसे ज्यादा है। वहीं, नीदरलैंड्स ने बिना किसी व्यक्तिगत अर्धशतक के 176/7 का स्कोर बनाया, जो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में बिना पचासे के उनका सबसे बड़ा स्कोर है। फील्डिंग में भारत ने अब तक टूर्नामेंट में कुल 9 कैच छोड़े हैं, जो आयरलैंड (10) के बाद दूसरी सबसे खराब संख्या है।



