3 मैच 917 रन, 12 फरवरी को विश्व कप में बन गया इतिहास, जानिए कौन जीता-हारा? भारत-श्रीलंका और इटली का जलवा
आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 12 फरवरी का दिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक रहा, जहां भारत, श्रीलंका और इटली ने अपने-अपने मुकाबलों में धमाकेदार जीत दर्ज की। आज के दिन के तीनों मैचों में रनों की बारिश हुई और 6 पारियों को मिलाकर कुल 917 रन बने। साथ ही कई इतिहास भी बने।

आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 12 फरवरी का दिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक रहा, जहां भारत, श्रीलंका और इटली ने अपने-अपने मुकाबलों में धमाकेदार जीत दर्ज की। दिन की शुरुआत श्रीलंका और ओमान के बीच पल्लेकेले में हुए 16वें मैच से हुई, जहां श्रीलंका ने 105 रनों के विशाल अंतर से जीत हासिल की। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 225/5 का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया, जिसमें कुशल मेंडिस (61), पवन रत्नायके (60) और कप्तान दासुन शनाका (50) ने अर्धशतक जमाए। जवाब में ओमान की टीम 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर केवल 120 रन ही बना सकी। श्रीलंका की ओर से महेश तीक्षणा और दुष्मंथा चमीरा ने 2-2 विकेट लेकर ओमान के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया।
दिन का दूसरा मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल और इटली के बीच खेला गया, जहां इटली ने 10 विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर दुनिया को चौंका दिया। नेपाल की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए इटली की सटीक गेंदबाजी के सामने महज 123 रनों पर सिमट गई, जिसमें कृशन कालुगामगे ने 3 विकेट झटके। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इटली के लिए दो भाइयों जस्टिन मोस्का 60 नाबाद और एंथनी मोस्का (62)** ने कमाल कर दिया। दोनों ने मिलकर 124 रनों की नाबाद साझेदारी की, जो टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भाइयों के बीच सबसे बड़ी साझेदारी बन गई है। इटली ने यह लक्ष्य मात्र 12.4 ओवरों में हासिल कर लिया, जिससे उनके नेट रन रेट (NRR) में जबरदस्त सुधार हुआ है।
तीसरे और दिन के आखिरी मैच में भारत का मुकाबला नामीबिया से दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में हुआ, जहां भारत ने 93 रनों से बड़ी जीत दर्ज की। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 209/9 का स्कोर बनाया, जो टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। ईशान किशन ने मात्र 24 गेंदों में 61 रन और हार्दिक पांड्या ने 52 रनों की तूफानी पारियां खेलीं। नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट लिए, लेकिन उनके बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों का सामना नहीं कर सके। नामीबिया की पूरी टीम 18.2 ओवर में 116 रनों पर ढेर हो गई। भारत की तरफ से वरुण चक्रवर्ती ने 3 विकेट लेकर नामीबिया की कमर तोड़ दी।
कुल मिलाकर, यह दिन बड़ी टीमों के दबदबे और इटली जैसी उभरती हुई टीम के उदय का गवाह बना। श्रीलंका और भारत ने जहां अपनी बल्लेबाजी की गहराई दिखाई, वहीं इटली ने अपने खेल से सभी का दिल जीत लिया। इन जीतों के साथ भारत और श्रीलंका ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जबकि इटली ने सुपर-8 की दौड़ में खुद को बनाए रखा है। तीनों ही मैचों में स्पिन गेंदबाजों और आक्रामक सलामी बल्लेबाजों का बोलबाला रहा। आने वाले मुकाबलों में इन टीमों का प्रदर्शन देखना और भी दिलचस्प होगा क्योंकि टूर्नामेंट अब एक रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। आज के मैचों में रनों की बारिश हुई और तीनों मुकाबलों को मिलाकर कुल 917 रन बने।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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