टी-20 क्रिकेट का विस्तार होगा, लेकिन वनडे के भविष्य पर आश्वस्त नहीं, अश्विन ने दिया बड़ा बयान
अश्विन वनडे क्रिकेट के भविष्य को ज्यादा अच्छा नहीं मान रहे हैं और इसे लेकर आश्वस्त नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा है कि टी-20 क्रिकेट का विस्तार होगा। क्रिकेट को वैश्विक खेल बनाना है तो फॉर्मेट को छोटा रखने पर जोर देना होगा अश्विन ने यह भी कहा है।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि फ्रेंचाइजी आधारित यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) मौजूदा क्रिकेट परिदृश्य में एक जरूरी पहल है क्योंकि टी20 क्रिकेट का भविष्य बेहद मजबूत है, जबकि वह वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं हैं।
अश्विन ईटीपीएल में डबलिन गार्जियंस टीम की कप्तानी करेंगे। भारत के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में दूसरे सबसे सफल गेंदबाज अश्विन का मानना है कि 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी को देखते हुए यह लीग खेल के वैश्विक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अश्विन ने पीटीआई के सवाल के जवाब में कहा, ''कुछ वर्षों में ओलंपिक होने हैं और क्रिकेट अगर वास्तव में वैश्विक खेल बनना चाहता है तो इस तरह की लीगों की टीमें इसमें अहम योगदान देंगी।'' उन्होंने कहा कि टी20 प्रारूप क्रिकेट को दुनिया के अधिक देशों तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।उन्होंने कहा, ''हमारा पूरा ध्यान टी20 क्रिकेट पर रहेगा और इसे बेहतर बनाने पर होगा। यदि क्रिकेट को वैश्विक खेल और सफल ओलंपिक खेल बनाना है तो छोटा प्रारूप सबसे अधिक व्यावहारिक है।''
टी-20 क्रिकेट का विस्तार होगा, वनडे के भविष्य पर निश्चिंत नहीं
उन्होंने कहा, ''इसी वजह से टी20 क्रिकेट का लगातार विस्तार होता जाएगा। इससे खिलाड़ियों का दायरा भी बढ़ेगा, जो सालभर आयोजित होने वाली विभिन्न लीगों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। टी20 क्रिकेट यहां लंबे समय तक रहने वाला है। मैं वनडे क्रिकेट के बारे में मैं इतना निश्चित नहीं हूं।'' अश्विन ने कहा कि उनकी फ्रेंचाइजी केवल टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि आयरलैंड में क्रिकेट के विकास में भी योगदान देना चाहती है। उन्होंने कहा, ''हमारी कोशिश होगी कि हम एक मजबूत टीम तैयार करें, खिलाड़ियों को बेहतर माहौल दें और इस टूर्नामेंट पर स्थायी प्रभाव छोड़ें। डबलिन फ्रेंचाइजी और आयरलैंड क्रिकेट के प्रति हमारी जिम्मेदारी है कि हम वहां के खिलाड़ियों को उचित अवसर और बेहतर अनुभव उपलब्ध कराएं।'' अश्विन के मुताबिक इस लीग का सबसे बड़ा उद्देश्य स्कॉटलैंड, आयरलैंड और नीदरलैंड्स के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा में अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देना है। उन्होंने कहा, ''हम चाहते हैं कि यह लीग उन्हीं खिलाड़ियों के इर्द-गिर्द विकसित हो। राहुल द्रविड़ और मैंने शुरुआत से ही इस सोच पर सहमति बनाई थी। हम ऐसी संस्कृति विकसित करना चाहते हैं, जहां हर खिलाड़ी हर दिन कुछ नया सीखकर आगे बढ़े।''
अश्विन ने खेल में परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने हाल में भारत की आयरलैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में 0-2 की हार का उदाहरण देते हुए कहा कि परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना ही आधुनिक क्रिकेट की सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा, ''खिलाड़ी को हर परिस्थिति के अनुरूप खुद को ढालना आना चाहिए। खेल का मूल मंत्र परिस्थितियों के मुताबिक ढलना है। भारत और आयरलैंड के बीच हालिया टी20 श्रृंखला इस बात का उदाहरण है कि परिस्थितियां टी20 क्रिकेट की स्थापित धारणाओं को भी बदल सकती हैं और मुकाबले को पूरी तरह संतुलित बना सकती हैं।''
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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