स्विंग ऐसी कि मिचेल स्टार्क भी शरमा जाएं; लड़के की घातक गेंदबाजी से हैरान हुए आकाश चोपड़ा, Video Viral
हाल ही में एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा के भी होश उड़ा दिए हैं। इस वीडियो में एक युवा गेंदबाज की घातक स्विंग गेंदबाजी देखकर आकाश चोपड़ा को दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज मिचेल स्टार्क की याद आ गई है।

इंटरनेट पर आए दिन क्रिकेट से जुड़े हैरतअंगेज वीडियो वायरल होते रहते हैं। हाल ही में एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा के भी होश उड़ा दिए हैं। इस वीडियो में एक युवा गेंदबाज की घातक स्विंग गेंदबाजी देखकर आकाश चोपड़ा को दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज मिचेल स्टार्क की याद आ गई है।
प्लास्टिक की गेंद और अनप्लेएबल स्विंग
वायरल वीडियो की सबसे खास बात यह है कि लड़का किसी लेदर की गेंद से नहीं, बल्कि एक साधारण प्लास्टिक की गेंद से गेंदबाजी कर रहा है। प्लास्टिक की गेंद हल्की होने के कारण हवा में अनियंत्रित रहती है। इस लड़के की गेंदें हवा में इस कदर लहरा रही हैं कि बल्लेबाजों के पास उनका कोई जवाब नहीं है। उसकी स्विंग इतनी सटीक और घातक है कि आकाश चोपड़ा भी दंग रह गए हैं।
"मिचेल स्टार्क भी शर्मा जाएं"
आकाश चोपड़ा ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट @cricketaakash पर साझा किया है। वीडियो में उनकी कमेंट्री ने रोमांच को और बढ़ा दिया है। पहली गेंद देखते ही वह चौंककर कहते हैं, "अरे भाई साहब क्या स्विंग है ये…चैलेंज है।" जब लड़का दूसरी गेंद डालता है, तो चोपड़ा हंसते हुए अपनी हैरानी जताते हैं और कहते हैं, "ये कैसे कोई खेलेगा यार? सच्ची में, इस गेंद के सामने तो मिचेल स्टार्क भी शर्मा जाएं।"
सोशल मीडिया पर व्यूज की बौछार
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। खबर लिखे जाने तक, इस वीडियो को 6.7 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और चार लाख 17 हजार से अधिक लोगों ने इसे लाइक किया है। वीडियो को लोग रिपोस्ट, शेयर भी कर रहे हैं। साथ ही 1000 से ज्यादा लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। वीडियो पर क्रिकेट प्रेमियों के दिलचस्प रिएक्शन आ रहे हैं। एक यूजर ने इस घातक स्विंग को "फ्लाइंग क्वीन" का नाम दिया है। एक अन्य यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा, "इसे देखकर स्टार्क कहेंगे- भाई मैं संन्यास ले लूं क्या?।" कई यूजर्स का कहना है कि प्लास्टिक की बॉल पर ऐसी महारत हासिल करना वाकई काबिले तारीफ है, क्योंकि उसे नियंत्रित करना बहुत मुश्किल होता है।






