
सूर्यकुमार यादव के करियर पर बदनुमा दाग लगा गई ये खराब फॉर्म, धोनी-रोहित किसी कप्तान के साथ नहीं हुआ ऐसा
सूर्यकुमार यादव के 2025 के आंकड़ों की बात करें तो, इस साल उन्होंने 19 टी20 मैच खेले हैं जिसमें उनके बल्ले से मात्र 201 रन निकले हैं। इस दौरान उनका हाईएस्ट स्कोर नाबाद 47 रनों का रहा है, इसका मतलब यह है कि इस साल वह एक भी बार अर्धशतक नहीं जड़ पाए हैं।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 को शुरू होने में कुछ ही महीनों का समय रह गया है, मगर इससे पहले टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव की फॉर्म ने हर किसी की टेंशन बढ़ा रखी है। कभी आईसीसी T20I रैंकिंग में अपना दबदबा बनाने वाले सूर्या आज एक-एक अर्धशतक के लिए तरस रहे हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ जारी टी20 सीरीज में भी अभी तक उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। न्यू चंडीगढ़ में खेले गए दूसरे टी20 में सूर्या मात्र 4 रन बनाकर आउट हुए। सस्ते में एक बार फिर अपना विकेट गंवाने के बाद उनके नाम एक ऐसा रिकॉर्ड तर्ज हो गया है जो आज तक किसी भारतीय कप्तान के नाम हो पाया।
सूर्यकुमार यादव के 2025 के आंकड़ों की बात करें तो, इस साल उन्होंने 19 टी20 मैच खेले हैं जिसमें उनके बल्ले से मात्र 201 रन निकले हैं। इस दौरान उनका हाईएस्ट स्कोर नाबाद 47 रनों का रहा है, इसका मतलब यह है कि इस साल वह एक भी बार अर्धशतक नहीं जड़ पाए हैं। यहां इससे ज्यादा हैरान कर देने वाली बात उनका औसत है। सूर्या के बल्ले से यह रन मात्र 14.35 की औसत के साथ निकले हैं।
अगर बात एक साल में कम से कम 100 रन बनाने वाले भारतीय कप्तानों के औसत की करी जाए तो यह अभी तक का सबसे घटिया प्रदर्शन है। जी हां, सूर्य एक साल में अब सबसे कम औसत से रन बनाने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैं। उन्होंने एमएस धोनी का 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है।
एमएस धोनी ने 2009 में 23 की औसत से T20I क्रिकेट में रन बनाए थे। सूर्या 20 से कम की औसत से एक साल में रन बनाने वाले पहले भारतीय कप्तान हैं। हालांकि उनके पास इस रिकॉर्ड को सुधारने के लिए अभी भी 3 मैच बाकी है।
एक साल में भारतीय कप्तान का सबसे कम T20I औसत (कम से कम 100 रन)
14.35 - सूर्यकुमार यादव (2025)*
23.00 - MS धोनी (2009)
23.50 - हार्दिक पांड्या (2023)
24.29 - रोहित शर्मा (2022)
25.55 - सूर्यकुमार यादव (2024)
30.14 - विराट कोहली (2018)
बात मैच की करें तो, सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था। उनके इस फैसले को क्विंटन डी कॉक ने पहले 6 ओवर में ही गलत साबित कर दिया था, जब साउथ अफ्रीका ने 1 विकेट के नुकसान पर 53 रन बोर्ड पर लगा दिए थे। डी कॉक 46 गेंदों पर 5 चौकों और 7 गगनचुंबी छक्कों के साथ 90 रनों की पारी खेल एक छोर से तबाही मचाते रहे, वहीं दूसरे छोर पर एडन मारक्रम (29), डोनोवन फरेरा (30) और डेविड मिलर (20) ने आकर छोटी मगर शानदार पारियां खेल उनका साथ दिया। साउथ अफ्रीका निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 213 रन बोर्ड पर लगाने में कामयाब रहा।
214 के टारगेट का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही। शुभमन गिल पहले ही ओवर में गोल्डन डक पर आउट हुए वहीं अभिषेक शर्मा भी उनके पीछे-पीछे 8 गेंदों पर 17 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। वहीं कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी एक बार फिर निराश किया। पावरप्ले खत्म होने के बाद भारत का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 51 रन था। नंबर-5 पर आए तिलक वर्मा ने जरूर एक छोर को संभालते हुए 34 गेंदों पर 2 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 62 रनों की पारी खेली, मगर उन्हें दूसरे छोर से किसी का साथ नहीं मिला। इस बार हार्दिक पांड्या भी अपना जलवा बिखेरने में नाकामयाब रहे। ओटनील बार्टमैन ने 4 विकेट के साथ साउथ अफ्रीका के स्टार बॉलर रहे। भारतीय टीम 19.1 ओवर में 162 के स्कोर पर सिमट गई।






