
टीम इंडिया को इस 'चतुराई' की वजह से मिली दमदार जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने किया खुलासा
संक्षेप: भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टी20 इंटरनेशनल मैच में 48 रन से मिली जीत के लिए बल्ले और गेंद से अपने खिलाड़ियों के चतुराई भरे खेल को श्रेय दिया। भारत ने 2-1 से सीरीज में बढ़त बना ली है।
टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया है कि आखिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टी20 इंटरनेशनल मैच में उनकी टीम को जीत कैसे मिली? 48 रन से मिली जीत के लिए कप्तान सूर्या ने बल्ले और गेंद से अपने खिलाड़ियों के चतुराई भरे खेल को श्रेय दिया। भारत ने गोल्ड कोस्ट के कैरारा में खेले गए चौथे मैच को जीतकर 5 मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है, जो अजेय है, क्योंकि एक मैच में बारिश में धुल गया था। भारत ने 167 रन बनाने के बावजूद 48 रनों से जीत दर्ज की।

सूर्यकुमार ने जीत के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि बल्लेबाजों को इसका श्रेय जाना चाहिए। शुभमन और अभिषेक ने जिस तरह से शुरूआत की, उन्हें पता था कि यह 200 या 220 रन वाला विकेट नहीं है। उन्होंने चतुराई से खेला। बल्लेबाजों की तरफ से यह पूरा टीम एफर्ट था।" उन्होंने आगे गेंदबाजों की बात की और कहा, "मैं और गौती भाई (कोच गौतम गंभीर) इस बारे में स्पष्ट हैं कि गेंदबाजों को आक्रामक प्रदर्शन करना होगा। मैदान पर ओस अधिक नहीं थी, लेकिन गेंदबाजों ने खुद को जल्दी ढाल लिया।’’
अक्षर पटेल और शिवम दुबे ने 2-2 विकेट निकाले, जबकि आखिर में गेंदबाजी के लिए वॉशिंगटन सुंदर ने तीन विकेट अपने नाम किए। जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और अर्शदीप सिंह को एक-एक विकेट मिला। सूर्यकुमार ने आगे बताया, ‘‘दो तीन ओवर डालने वाले गेंदबाज टीम में होना हमेशा अच्छा रहता है। यह संयोजन हमे रास आता है।’’ वहीं, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श ने कहा, ‘‘167 का स्कोर बुरा नहीं था। हम फिनिश लाइन तक नहीं जा सके। भारतीय टीम को इसका पूरा श्रेय जाता है जो विश्व स्तरीय टीम है।’’
एक समय लग रहा था कि भारतीय टीम इस मैच को हार सकती है, क्योंकि बोर्ड पर 167 रन थे। ऑस्ट्रेलिया को अपनी परिस्थितियों का अंदाजा था। भारतीय टीम पहली बार इस मैदान पर टी20 इंटरनेशनल मैच खेल रही थी। ऑस्ट्रेलिया के पास लंबी बैटिंग लाइनअप थी। ऐसे में भारतीय गेंदबाजों को मुश्किल हो सकती थी, क्योंकि ओस भी एक कारक बन सकती थी, लेकिन भारत ने हर चुनौती का सामना किया और जीत दर्ज की।






