सूर्यकुमार यादव ने गौतम गंभीर के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर की बात, बोले- जब हमने 15 खिलाड़ी चुने तो...
सूर्यकुमार यादव ने गौतम गंभीर को लेकह कहा कि जो 15 नाम हमने सुझाये थे, उनमे से 14 समान थे। इसका मतलब है कि हम एक सा सोचते हैं। जब लक्ष्य साफ तो तो कोई मतभेद नहीं होते, चर्चा होती है।

भारत के टी20 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव का मानना है कि क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में भारत में प्रतिभाओं का पूल इतना बड़ा है कि दो या तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीमें एक साथ उतारी जा सकती है और इसका श्रेय बेहतरीन घरेलू ढांचे और फ्रेंचाइजी 'इकोसिस्टम' को जाता है। आईसीसी पुरूष टी20 वर्ल्ड कप 2024 में खिताबी जीत के बाद भारत की टी20 टीम की कमान संभालने वाले सूर्यकुमार ने घरेलू प्रतिस्पर्धाओं और इंडियन प्रीमियर लीग को टी20 क्रिकेट में भारत के बढते दबदबे का श्रेय दिया। सूर्यकुमार के 2024 में कप्तान बनने के बाद से भारतीय टीम ने 52 में से 42 टी20 मैच जीते हैं।
पीटीआई वीडियो के साथ रविवार को पॉडकास्ट इंटरव्यू में सूर्यकुमार ने मौजूदा टीम को भारत की सर्वश्रेष्ठ टी20 टीम बताया।
उन्होंने कहा, ‘’अगर आप प्रतिभा की बात करें तो नियमित स्तर पर प्रतिभायें आती रही है। आईपीएल है, फ्रेंचाइजी क्रिकेट और फिर घरेलू क्रिकेट। आप देख सकते हैं कि हर साल कितने खिलाड़ी निकल रहे हैं। आप जितनी चाहें उतनी टी20 टीमें बना सकते हैं।''
उन्होंने कहा, ‘’मुझे लगता है कि प्रतिभायें अपार है। हमारा बेस इतना मजबूत है कि दो या तीन प्लेइंग XI तैयार की जा सकती है। यह कोई कूटनीतिक जवाब नहीं है। वाकई हमारा ढांचा इतना मजबूत है कि सच कहने में कोई शर्म नहीं है।''
सूर्यकुमार ने वर्ल्ड कप में टीम की सफलता का श्रेय सामूहिक प्रयासों को देते हुए कहा कि खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के साझा विजन से इस अप्रत्याशित प्रारूप में जीत की 80 प्रतिशत दर हासिल करने में मदद मिली।
उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय मैच अलग तरीके से खेले जाते हैं और आईसीसी टूर्नामेंट में कुछ और होता है। इसलिये टीम को विश्व कप में जीत की लय बनाये रखने के लिये प्रेरित करना पड़ा।
उन्होंने कहा, ‘’मैं आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता लेकिन मुझे हारना पसंद है। ड्रेसिंग रूम में सभी अगर एक दिशा में सोचते हैं तो ही यह प्रतिशत हासिल किया जा सकता है।''
मैदान में 360 डिग्री पर स्ट्रोक्स खेलने में माहिर सूर्यकुमार ने टी20 बल्लेबाजी के बारे में कहा, ''मेरा मानना है कि बल्लेबाजी 70 से 75 प्रतिशत प्रतिक्रिया होती है। बाकी 25 प्रतिशत स्वाभाविक होती है कि आप समय पर क्या करते हैं। मैदान पर उतरने के बाद आप आटोपायलट मोड में होते हैं। आप हालात के अनुरूप खेलने की कोशिश करते हैं।''
अक्सर जोखिम भरे स्ट्रोक्स खेलने वाले सूर्यकुमार ने कहा कि वह हमेशा साहस और लापरवाही में एक लकीर खींचकर चलना पसंद करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘’साहसी और लापरवाह होने में बहुत बारीक अंतर है। मैं साहसी रहना पसंद करता हूं। लेकिन अगर हालात के अनुसार जोखिमभरे शॉट खेलने की जरूरत है तो करना पड़ता है। जितना ज्यादा जोखिम होगा, उतना अच्छा फल मिलेगा।''
कोच गौतम गंभीर से संबंधों के बारे में उन्होंने कहा कि टीम चुनने के लिये जब वे पहली बार साथ बैठे तो उनकी सोच समान थी।
उन्होंने कहा, ‘’जो 15 नाम हमने सुझाये थे, उनमे से 14 समान थे। इसका मतलब है कि हम एक सा सोचते हैं। जब लक्ष्य साफ तो तो कोई मतभेद नहीं होते, चर्चा होती है।''
पेशेवर सफलता ने भी उनके निजी संबंधों को बदला नहीं है। उन्होंने कहा, ‘’मैं अभी भी उन्हें गौती भाई बुलाता हूं। यह बड़े भाई और छोटे भाई वाला संबंध है।''
लेखक के बारे में
Lokesh Kheraलोकेश खेड़ा लाइव हिन्दुस्तान में बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। हिंदी पत्रकारिता में इन्हें एक दशक से भी अधिक का अनुभव है। बचपन की अपनी रुचि को प्रोफेशनल करियर में तबदील करते हुए 2018 में बतौर खेल पत्रकार अपना सफर शुरू किया। क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, हॉकी, एथलेटिक्स समेत तमाम खेलों को बारीकी से कवर करते हैं। क्रिकेट टुडे के साथ उनकी पारी का आगाज हुआ, जहां उन्होंने वेबसाइड के साथ मैगजीन के लिए काम किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी के साथ जुड़े और वहां तीन साल अपनी सेवाएं दी। इस दौरान ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2021 टी20 वर्ल्ड कप जैसे तमाम इवेंट कवर किए और कई इंटरव्यू भी लिए, जिसमें दानिश कनेरिया और चेतन साकारिया जैसे इंटरनेशनल स्टार शामिल हैं। लाइव हिन्दुस्तान के साथ वह फरवरी 2022 जुड़े। यहां भी उन्होंने कॉमनवेल्थ, ओलंपिक, 2023 वनडे वर्ल्ड कप, 2024 टी20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े-बड़े इंटरनेशनल इवेंट को बखूबी कवर किया और नई सचें सीखने में हमेशा रुचि रखते हैं। क्रिकेट पढ़ने लिखने के अलावा खुद खेलना भी पंसद करते हैं। इसके अलावा किताबें पढ़ना भी पंसद है।
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