सूर्यकुमार यादव का खुलासा, टी20 टीम से ड्रॉप करने से पहले आया था चयनकर्ताओं का कॉल; बताई पूरी बातचीत
सूर्यकुमार यादव ने खुलासा किया कि टीम से ड्रॉप करने से 2-3 दिन पहले चयनकर्ताओं का उनके पास फोन आया था। उन्हें पहले ही बता दिया गया था कि उनकाचयन अब टीम में नहीं होने वाला है।

पूर्व भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने आखिरकार टी20 टीम से ड्रॉप करने पर चुप्पी तोड़ी है। घर पर 2026 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद सूर्या को फिर कभी टी20 टीम में नहीं चुना गया। टीम से ड्रॉप होने पर सूर्या पहले मुस्कुरा रहे थे, मगर फिर वह परेशान होने लगे। उन्होंने खुलासा किया कि टीम के ऐलान से 2-3 दिन पहले चयनकर्ताओं का उनके पास कॉल भी आया था, मगर उन्होंने उनसे कोई रिक्वेस्ट नहीं की। बता दें, सूर्या की कप्तानी में टीम इंडिया अपना टी20 वर्ल्ड कप का टाइटल डिफेंड करने में कामयाब रही थी। वहीं उनकी कप्तानी में भारत कभी कोई टी20 सीरीज भी नहीं हारा था। सूर्या को ड्रॉप करने की एकमात्र वजह बल्ले से उनकी फॉर्म रही।
सूर्यकुमार ने पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ उनके YouTube चैनल पर बातचीत के दौरान कहा, “जब मेरा नाम नहीं था तो मैं मुस्कुराया था। क्योंकि जब मैंने टीम के साथ एक या दो साल क्रिकेट खेला, और जब भी मैं खेल रहा हूं, तो जब भी मैं ऐसे हालात में रहा हूं जहां प्रेशर हो, जहं चीजें मेरे हिसाब से न हों, मैं हमेशा मुस्कुराया हूं। मैंने रिलैक्स किया है। और यही मैंने देखा है: पहले के वो पल जब मुझे अच्छा करने के मौके मिले हैं। मैं शुक्रगुजार रहा हूं।”
जाहिर है, अब जो हालात आए हैं, मैंने भी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। 2026 में आने के बाद, मुझे लगा कि आगे चलकर, मैं इस टीम को और दो साल आगे ले जाऊंगा। ओलंपिक्स आएंगे। फिर एक और T20 वर्ल्ड कप होगा, आगे एक और चैलेंज होगा। लेकिन साथ ही, आप क्या सोचते हैं और दूसरा इंसान क्या सोचता है, ये दो अलग-अलग बातें हैं।
उनके लिए अपने विचारों की इज्ज़त करना जरूरी है। अगर उन्हें लगा कि आगे जाकर यह बेहतर फैसला है, तो उन्होंने वह फैसला लिया। लेकिन मैंने कोई रिएक्ट नहीं किया। क्योंकि मुझे लगा कि यह उनका फैसला था। उन्होंने उसी पल वह फैसला ले लिया। आगे चलकर, अगर यह टीम किसी और के अंडर अच्छा कर सकती है, तो कोई दिक्कत नहीं।"
हालांकि, सूर्यकुमार ने माना कि अगरकर के कॉल से उन्हें जल्द ही दिक्कत होने लगी, क्योंकि उन्होंने कभी कोई सीरीज नहीं हारी थी, और उनके समय में भारत का T20I परफॉर्मेंस एकदम सही था।
SKY ने कहा, “मैंने वह टीम देखी है जिसे उन्होंने चुना है। मैंने श्रेयस के साथ भी काफी क्रिकेट खेला है। और मुझे पता है कि वह एक अच्छा खिलाड़ी, एक अच्छा इंसान और एक अच्छा कप्तान भी है। इसलिए, मुझे ऐसा नहीं लगा कि ‘उन्होंने उसे कप्तान क्यों बनाया?’ लेकिन हां, मैं थोड़ा निराश था। क्योंकि आपने दो साल में एक भी सीरीज नहीं हारी है। आपने वर्ल्ड कप और एशिया कप जीता है। फिर आप चाहते हैं कि आगे भी ऐसा ही हो। क्योंकि जब सब कुछ ठीक चल रहा है, तो क्यों? बदलाव का क्या कारण है? बदलाव का क्या कारण है? यह मेरे दिमाग में चल रहा था। मैं डेढ़ महीने तक घर पर बैठा था।
मैं सोच रहा था, ऐसा कैसे हो सकता है? यह कैसे हो सकता है? हमने अभी-अभी वर्ल्ड कप जीता है। हां, IPL उतना अच्छा नहीं था जितना मैं चाहता था। हम घर पर बैठे थे। दोस्त आए, परिवार आया। सबने कहा कि ठीक है। जिंदगी का हिस्सा है। लेकिन फिर, जब वे घर से निकलते हैं। हम घर पर अकेले रहते हैं।"
वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान ने फिर बताया कि सिलेक्शन कमिटी ने टीम अनाउंस करने से तीन दिन पहले उनसे संपर्क किया और बताया कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए उनका नाम नहीं होगा।
“टीम अनाउंस होने से 2-3 दिन पहले उन्होंने मुझे कॉल किया। उन्होंने मुझे कॉल किया, कहा कि अब आगे बढ़ने का समय है। मैंने कोई रिएक्ट नहीं किया। क्योंकि यह मेरी गलती नहीं है। SKY कभी ऐसे नहीं रहे हैं। किसी ने जो भी कॉल किया। उन्होंने सोचा होगा कि यह टीम के लिए बेहतर है। आगे चलकर, यह एक अच्छा कॉल होगा। आपने कॉल लिया। आपने मुझे बताया। कोई प्रॉब्लम नहीं है।
मैं तैयार हूं। आप मुझे कभी भी कॉल कर सकते हैं। मैं कभी भी क्रिकेट खेल रहा हूं। मैं खेलना जारी रखूंगा। जब भी आपको लगे कि समय सही है। चीजें सही हैं।”



