सूर्यकुमार यादव के साथ गलत हुआ, कप्तानी से हटाए जाने पर बोले सुनील गावस्कर, कहा- 1 मौका दिया जा सकता था
भारत को विश्व कप जिताने के तुरंत बाद आईपीएल में खराब प्रदर्शन और आगे की सोच के कारण सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाए जाने के फैसले को सुनील गावस्कर ने गलत बताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सूर्यकुमार यादव को आगामी इंग्लैंड सीरीज में मौका दिया जा सकता था।

भारत को विश्व कप जिताने के तुरंत बाद आईपीएल में खराब प्रदर्शन और आगे की सोच के कारण सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाए जाने के फैसले को सुनील गावस्कर ने गलत बताया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सूर्यकुमार यादव को आगामी इंग्लैंड सीरीज में मौका दिया जा सकता था उसके बाद उनके प्रदर्शन को देखते हुए निर्णय लेना था। साथ ही सुनील गावस्कर ने आईपीएल के प्रदर्शन को भी टी-20 में सिलेक्शन का बड़ा पैमाना मानने का संकेत किया है। उन्होंने कहा है कि सूर्यकुमार यादव का आईपीएल 2026 अच्छा ना जाने के कारण भी इस निर्णय तक पहुंचने में चयनकर्ताओं को बल मिला होगा।
ऐसा कह सकते हैं कि सूर्या के साथ गलत हुआ- गावस्कर
स्पोर्ट्स तक को दिए गए इंटरव्यू के दौरान सुनील गावस्कर से पूछा गया कि क्या सूर्यकुमार यादव के साथ गलत हुआ, उन्हें कप्तानी से ऐसे तुरंत नहीं हटाया जाना चाहिए था। इसके जवाब में गावस्कर बोले "आप यह भी कह सकते हैं, क्यों अभी दो साल बाकी हैं। 2028 के वर्ल्ड कप के लिए और 2028 के ओलंपिक्स के लिए तो शायद क्योंकि इनका आईपीएल 2026 का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, तो शायद उनको ये जो इंग्लैंड की 5 मैचों की टी-20 सीरीज है, वहां पर उनको मौका दिया जा सकता था उसके बाद में शायद आप अलग सोच सकते थे।"
सूर्या की उम्र एक फैक्टर था
सुनील गावस्कर ने आगे कहा "पर शायद सिलेक्शन कमेटी ने अलग सोचा क्योंकि चेंज करना बदलाव करना है तो अभी ही शुरुआत करें और इसी की वजह से इन्होंने इसकी शुरुआत की।" उन्होंने सूर्यकुमार यादव की उम्र का हवाला देते हुए कहा “हमें याद रखना चाहिए कि सूर्यकुमार यादव की उम्र 35 या 36 साल की है दो साल के बाद वे 38 के होंगे तो उस वक्त अगर 2028 में आपको गोल्ड मेडल जीतना है, आपको वापस टी-20 वर्ल्ड कप रिटेन करना है तो उसके लिए ऐसा कप्तान नियुक्त करना चाहिए जो थोड़ा सा युवा भी है और जिसके पास थोड़ा बहुत इंटरनेशनल कप्तानी का अनुभव भी भी हो। अब जो श्रेयस अय्यर कप्तानी करेंगे उनको वो अनुभव भी है।”
इंडिया टुडे को दिए एक अन्य इंटरव्यू में सुनील गावस्कर ने सूर्यकुमार यादव की जमकर तारीफ की थी और उनकी तुलना महेंद्र सिंह धोनी से की थी। सुनील गावस्कर ने कहा कि सूर्या धोनी की तरह ही शांत स्वभाव मैदान पर रखते है और यह एक चीज वह टीम इंडिया के लिए विरासत में छोड़ जाएंगे।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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