BCCI और IPL की आलोचना करना तो आम बात, सुनील गावस्कर पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर्स पर भड़के
सुनील गावस्कर ने आईपीएल और बीसीसीआई की आलोचना करने वाले पूर्व क्रिकेटर्स पर जमकर बरसे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी खिलाड़ियों को यहां मोटी रकम मिलती और बोर्ड को भी मुनाफा होता, इसके बावजूद शिकायतें रहती हैं।

भारत के दिग्गज सुनील गावस्कर इंडियन प्रीमियर लीग को लेकर हो रही आलोचना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कई पूर्व क्रिकेटरों ने पारंपरिक फॉर्मेट की तुलना में फ्रेंचाइजी क्रिकेट की बढ़ती पसंद पर सवाल उठाए हैं, जिसमें इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर शामिल हैं। जोफ्रा आर्चर के न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला टेस्ट मैच ना खेलने और राजस्थान रॉयल्स के लिए अंतिम मैच तक खेलने को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। जैकब बेथल को पूर्व क्रिकेटर एलिस्टर कुक ने आईपीएल को बीच में छोड़ने और काउंटी की तैयारी के लिए आने को कहा था। साइमन डूल और माइकल एथरटन सहित पूर्व खिलाड़ियों ने आर्चर के आईपीएल को तरजीह देने के फैसले पर सवाल उठाए, जिससे फ्रेंचाइजी और टेस्ट क्रिकेट के बीच संतुलन को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई।
भारतीय फैंस से होती है कमाई
सुनील गावस्कर ने आईपीएल की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि बीसीसीआई को निशाना बनाने वाले कई लोग भारत के क्रिकेट फैनबेस से आने वाली आर्थिक ताकत से खुद को फायदा पहुंचाते हैं। गावस्कर ने मिड-डे के अपने कॉलम में लिखा, ''भारतीय क्रिकेट और बीसीसीआई को कोसना अब आम बात हो गई है। लेकिन जब बात राजस्व (कमाई) की आती है, तो उन्हें बीसीसीआई के पास ही आना पड़ता है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट और भारतीय दर्शक ही उनकी सबसे ज्यादा कमाई का स्रोत हैं।''
गावस्कर ने आरोप लगाया कि आलोचक आईपीएल से अपने क्रिकेट बोर्ड्स को होने वाले मोटे वित्तीय फायदों को अनदेखा करते हुए टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों की उपलब्धता पर लगातार शिकायत करते रहते हैं।
सिर्फ आईपीएल बोर्ड को देता है पैसे
उन्होंने आगे लिखा, ''आईपीएल और अपने खिलाड़ियों के देश के लिए उपलब्ध न होने की शिकायत करना उनके लिए एक और पसंदीदा समयपास बन गया है। हालांकि इस बात का जिक्र तक नहीं करते कि उनके बोर्ड को उनके देश के हर खिलाड़ी की फीस का 10 प्रतिशत हिस्सा मिलता है। यह हर साल एक मिलियन पाउंड से भी ज्यादा की राशि बन जाती है। क्या 'द हंड्रेड' टूर्नामेंट अपने यहां खेलने वाले विदेशी खिलाड़ियों के बोर्ड को कोई प्रतिशत देता है? बिल्कुल नहीं, सर। क्या बीबीएल या दुनिया की कोई अन्य टी20 लीग ऐसा करती है? जवाब फिर नहीं। केवल आईपीएल ही अपने खिलाड़ियों के बोर्ड्स को 10% देता है। फिर भी बीसीसीआई और भारतीय क्रिकेट की आलोचना और रोना-धोना कभी खत्म नहीं होता। होश में आओ और हकीकत को पहचानो दोस्तों। भारतीय क्रिकेट यहाँ टिके रहने के लिए ही है, चाहे आप इसे नीचे गिराने की कितनी भी कोशिश क्यों न कर लें।''
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Himanshu Singhहिमांशु सिंह (कंटेंट प्रोड्यूसर)
हिंमांशु सिंह पिछले 6 वर्षों से खेल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं।
परिचय और अनुभव
हिमांशु सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें हिंदी पत्रकारिता में करीब 6 साल का अनुभव है। इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई आईएमएस (नोएडा) से की है। 2017 में पंचायती टाइम्स वेबसाइट में बतौर ट्रेनी खेल पत्रकारिता का पहला अनुभव हासिल किया। 2018 में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर के तौर पर ईटीवी से जुड़े। यहां पर करीब तीन साल काम करने के बाद इनसाइडस्पोर्ट्स से जुड़े। यहां पर एक साल तक रहे। उन्होंने 2022 में लाइव हिन्दुस्तान के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी। खेल की बारीकियों को समझने और उन्हें पाठकों तक रोचक अंदाज में पहुंचाने में उन्हें महारत हासिल है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि : हिमांशु ने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईएमएस (नोएडा) से पूरी की है। खेल के प्रति उनके जुनून ने उन्हें करियर की शुरुआत में ही खेल पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया। उन्होंने 2017 में 'पंचायती टाइम्स' वेबसाइट में बतौर ट्रेनी अपने करियर का पहला कदम रखा, जहां उन्होंने खेल रिपोर्टिंग की बुनियादी बारीकियां सीखीं।
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