सुनील गावस्कर-कपिल देव की पाकिस्तान PM से 3 मांगे, इमरान खान को लेकर की खास अपील
21 पूर्व कप्तानों ने सोशल मीडिया पर जारी पत्र में पाकिस्तान सरकार से वहां के उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर गठित चिकित्सा बोर्ड को इमरान खान के निजी चिकित्सकों के साथ मिलकर उनके स्वास्थ्य की स्वतंत्र जांच पूरी करने देने का आग्रह किया है।

पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर, कपिल देव और दिलीप वेंगसरकर समेत 21 पूर्व इंटरनेशनल कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान के उचित इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखने की अपील की है। इस पहल की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल ने की है। यह दूसरी बार है जब पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने 73 वर्षीय इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
पूर्व कप्तानों ने सोशल मीडिया पर जारी पत्र में पाकिस्तान सरकार से वहां के उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर गठित चिकित्सा बोर्ड को इमरान खान के निजी चिकित्सकों के साथ मिलकर उनके स्वास्थ्य की स्वतंत्र जांच पूरी करने देने का आग्रह किया है। उन्होंने खास तौर पर उनकी दाईं आंख की रोशनी कम होने की खबरों पर चिंता जताई है।
उन्होंने न्यायालय द्वारा बहाल की गई परिवार से साप्ताहिक मुलाकात की व्यवस्था को बिना किसी रुकावट के लागू करने और चिकित्सकीय जांच में सुझाए गए किसी भी उपचार को बिना देरी उपलब्ध कराने की मांग की है।
लेटर में कप्तानों ने लिखा. "प्रिय प्रधानमंत्री, छह महीने पहले, 14 पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेट कप्तानों ने आपको और पाकिस्तानी सरकार को इमरान खान के लिए इंसानियत भरा बर्ताव और सही मेडिकल केयर की अपील करते हुए लिखा था। हमने तब नेताओं के तौर पर नहीं, बल्कि पुराने साथियों के तौर पर लिखा था, जिनका क्रिकेट के मैदान पर बना एक रिश्ता है, जो उन सीमाओं और झगड़ों से परे है जो अक्सर देशों को बांटते हैं। हम अब फिर से लिख रहे हैं, जिसमें सात और पूर्व कप्तान शामिल हैं, क्योंकि अभी जो हुआ है, उसकी खबर है।
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि इमरान खान को एक मेडिकल बोर्ड से जांच के लिए हॉस्पिटल में ट्रांसफर किया जाए, जिसमें उनके अपने पर्सनल डॉक्टर और उनकी बहन, डॉ. उजमा खान शामिल थीं। कोर्ट ने हर हफ्ते परिवार से मिलने की सुविधा भी फिर से शुरू कर दी। ये बहुत अच्छे कदम थे। चिंता की बात यह है कि मिस्टर खान हॉस्पिटल में सिर्फ कुछ ही घंटे रहे। कोर्ट के बताए बोर्ड के बजाय, सरकार की बनाई टीम ने उनकी जांच की, उन्हें "मेडिकली फिट" घोषित किया और बोर्ड के अपना काम पूरा करने से पहले ही अदियाला जेल वापस भेज दिया गया। उनके परिवार और लीगल टीम का कहना है कि यह कोर्ट के आदेश से कम है।"
ग्रुप ने तीन खास मांगें रखी हैं। पहली, उन्होंने पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के बताए मेडिकल बोर्ड से खान की हेल्थ का पूरा और इंडिपेंडेंट असेसमेंट करने की मांग की है। पूर्व कप्तानों ने अधिकारियों से यह भी अपील की है कि वे कोर्ट द्वारा फिर से शुरू की गई हर हफ्ते परिवार से मिलने की सुविधा का सम्मान करें, बिना किसी रुकावट या एडमिनिस्ट्रेटिव देरी के। उनकी तीसरी रिक्वेस्ट है कि मेडिकल असेसमेंट के बाद सुझाए गए किसी भी इलाज को खान को बिना किसी देरी के उपलब्ध कराया जाए।
लेटर में लिखा है, "हम पाकिस्तान के घरेलू कानूनी प्रोसेस पर फैसला करने का दावा नहीं करते हैं। यह हमारी जगह नहीं है, और यह वह भावना नहीं थी जिसके साथ हमने फरवरी में लिखा था। लेकिन हम फिर से, सम्मान के साथ मांग करते हैं:
- पहली मांग- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बने मेडिकल बोर्ड, जिसमें मिस्टर खान के अपने डॉक्टर भी शामिल हैं, को उनकी हेल्थ, खासकर उनकी दाहिनी आंख की रोशनी जाने की रिपोर्ट का पूरा और इंडिपेंडेंट असेसमेंट करने की इजाज़त दी जाए।
- दूसरी मांग- कि कोर्ट द्वारा फिर से शुरू की गई हर हफ्ते परिवार से मुलाक़ात बिना किसी रुकावट या एडमिनिस्ट्रेटिव देरी के हो।"
- तीसरी मांग- उस मेडिकल असेसमेंट का नतीजा चाहे जो भी हो, उसमें बताया गया इलाज बिना देर किए दिया जाए। इमरान खान 73 साल के हैं और अब तीन साल से ज़्यादा समय से कस्टडी में हैं। उनके केस के आस-पास जो भी कानूनी और पॉलिटिकल तर्क हों, कोर्ट के आदेश पर मेडिकल प्रोसेस को असल में पूरा करने की बेसिक तहज़ीब, हमारे हिसाब से, कोई विवादित रिक्वेस्ट नहीं है। हमें लगता है कि यह एक ऐसी रिक्वेस्ट है जिसे यह खेल खेलने वाला हर देश फेयर मानेगा। हमें उम्मीद है कि यह मामला जल्दी और उस इज्ज़त के साथ सुलझाया जाएगा जिसके मिस्टर इमरान खान हकदार हैं। क्रिकेट में आपका
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में एलन बॉर्डर, माइकल एथर्टन, माइकल ब्रेयरली, इयान चैपल, ग्रेग चैपल, बेलिंडा क्लार्क, एलेस्टेयर कुक, एडम गिलक्रिस्ट, डेविड गावर, किम ह्यूज, नासिर हुसैन, क्लाइव लॉयड, अर्जुन रणतुंगा, एंड्रयू स्ट्रॉस, स्टीफन वॉ और जॉन राइट भी शामिल हैं।
बता दें, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान, जिन्होंने 1992 में देश को पहला वर्ल्ड कप जिताने में मदद की थी, तीन साल से ज्यादा समय तक हिरासत में रहे हैं।



