
चयन का आधार IPL नहीं...ईशान किशन की एंट्री पर सुनील गावस्कर का आया ऐसा रिएक्शन
सुनील गावस्कर ने ईशान किशन के चयन को सही ठहराया। उन्होंने ये भी कहा है कि भारतीय टीम में चयन का आधार घरेलू क्रिकेट का प्रदर्शन होना चाहिए ना कि आईपीएल। ईशान किशन ने हाल में घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन किया है।
टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में करीब दो साल बाद ईशान किशन की वापसी हुई है। ईशान किशन की वापसी को लेकर काफी चर्चा है। विकेटकीपर बल्लेबाज लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर था और हाल में घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन की बदौलत टीम में वापसी करने में सफल रहा है। भारत के महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में ईशान किशन के विध्वंसक प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा है कि भारतीय टीम में चयन का आधार केवल आईपीएल नहीं, बल्कि घरेलू क्रिकेट होना चाहिए।
विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने हाल ही में समाप्त हुई सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में न केवल बल्ले से रनों का अंबार लगाया, बल्कि अपनी कप्तानी में झारखंड को इतिहास में पहली बार चैंपियन भी बनाया। इस पूरे टूर्नामेंट में ईशान ने कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं, जिसके दम पर उनकी टीम इंडिया के टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में वापसी हुई है।
जियोस्टार एक्सपर्ट सुनील गावस्कर ने शो में कहा, ''जब आप किसी को (शानदार) प्रदर्शन करते हुए देखते हैं, तो आप उसे चुनते हैं। ईशान किशन पहले भी टीम का हिस्सा रहे हैं और दिखा चुके हैं कि वह क्या कर सकते हैं। यह एक बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनकी हालिया फॉर्म यह साबित करती है कि चयन का आधार घरेलू क्रिकेट का प्रदर्शन होना चाहिए, न कि केवल आईपीएल। मैं उनके लिए बहुत खुश हूं। वह कुछ सालों के लिए टीम से बाहर थे, लेकिन अपनी राज्य की टीम झारखंड को खिताबी जीत दिलाकर उन्होंने शानदार वापसी की है।"
"हालांकि, मुझे जितेश शर्मा के लिए बुरा लग रहा है। उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया। उन्हें जब भी मौके मिले, वह एक बहुत अच्छे विकेटकीपर साबित हुए, और एमएस धोनी के बाद, शायद वह स्टंप्स के पीछे से डीआरएस (DRS) कॉल में कप्तान की मदद करने में सबसे अच्छे थे। उनके लिए यह कठिन समय है, लेकिन वह अभी युवा हैं। उन्हें बस वापस घरेलू क्रिकेट में जाना होगा और अपना प्रदर्शन जारी रखना होगा।"






