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हिंदी न्यूज़ क्रिकेटक्रिकेट में नाम कमाने से पहले गोलगप्पे बेचने को मजबूर हुए थे यशस्वी जयसवाल, आज भी याद हैं संघर्ष भरे दिन

क्रिकेट में नाम कमाने से पहले गोलगप्पे बेचने को मजबूर हुए थे यशस्वी जयसवाल, आज भी याद हैं संघर्ष भरे दिन

राजस्थान रॉयल्स के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जयसवाल ने अपने संघर्ष भरे दिनों को याद करते हुए कहा कि वह कभी उन दिनों को नहीं भूलेंगे। क्रिकेट में नाम कमाने से पहले वह गोलगप्पे बेचने को मजबूर हुए थे।

क्रिकेट में नाम कमाने से पहले गोलगप्पे बेचने को मजबूर हुए थे यशस्वी जयसवाल, आज भी याद हैं संघर्ष भरे दिन
Namita Shuklaवार्ता,मुंबईTue, 14 Jun 2022 08:19 AM

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21 साल के यशस्वी जयसवाल क्रिकेट की दुनिया में अपना नाम बना चुके हैं। अंडर-19 वर्ल्ड कप में अपनी दमदार बल्लेबाजी के दम पर इस खिलाड़ी ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद यशस्वी को इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी टीम राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलने का मौका मिला। उत्तर प्रदेश के भदोही का रहने वाला यह खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में मुंबई की ओर से उत्तर प्रदेश के खिलाफ खेलने के लिए तैयार है। 14 जून से मुंबई और उत्तर प्रदेश के बीच दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला खेला जाना है। यशस्वी का नाम भले ही अब काफी लोग जान गए हैं, लेकिन उनके लिए यहां तक का सफर काफी मुश्किलों भरा रहा है। अपने संघर्ष के दिन याद करते हुए उन्होंने बताया कि किस तरह से उन्हें गोलगप्पे बेचने पड़े थे।

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10 साल पहले यशस्वी भदोही से मुंबई क्रिकेट खेलने के लिए आए थे। उस वक्त उनके पास रहने के लिए मुंबई में घर तक नहीं था। ना ही उतने पैसे थे कि कोई घर भाड़े पर लिया जा सके। वह टेंट में सोते थे। खाने तक की समस्या थी। कभी-कभी तो उन्हें पूरा दिन ग्लूकोज बिस्कुट खाकर काटना पड़ता था। हालात ऐसे थे कि मुंबई में अपने गुजर-बसर के लिए वह आजाद मैदान के पास गोलगप्पे बेचते थे।

अपने संघर्ष के उन दिनों को याद करते हुए यशस्वी कहते हैं कि मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि मेरे माता-पिता और परिवार को एक आरामदायक जीवन देना है। रणजी ट्रॉफी सेमीफ़ाइनल से पहले उन्होंने कहा, 'मैंने जो यात्रा की है, वह जीवन भर मेरे साथ रहेगी। उन दिनों को याद कर के मुझे हमेशा आत्मविश्वास मिलेगा। हां, अब मुझे पैसों को लेकर अब कोई परेशानी नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है कि इससे मेरे सोचने के तरीके में कोई बदलाव आया है।'

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उन्होंने आगे कहा, 'अपने संघर्ष के दिनों में मैं जैसा था, आज भी वैसा ही हूं। मैं बिल्कुल नहीं बदला हूं और ना बदलने वाला हूं। मैं आज तक जैसा सोचता आया हूं, आगे भी वैसे ही सोचूंगा। मुझे पता है कि मंजिल तक पहुंचने के लिए कितनी मेहनत और निष्ठा की जरूरत होती है।' दो साल पहले यशस्वी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में काफी बढ़िया प्रदर्शन किया था। छह मैचों में 400 रनों के साथ वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। कवर ड्राइव और कट शॉट को लेकर उनकी खूब चर्चा भी हुई थी। आईपीएल 2022 में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें रिटेन भी किया था, जहां उन्होंने जोस बटलर के साथ बढ़िया बल्लेबाजी की। उन्होंने अपने बढ़िया प्रदर्शन को रणजी ट्रॉफी में भी जारी रखा।

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