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Hindi News क्रिकेटबुमराह, शमी-सिराज का वर्कलोड अच्छे से मैनेज करना होगा क्योंकि...वर्ल्ड कप के बाद भारतीय बॉलिंग कोच ने किया आगाह

बुमराह, शमी-सिराज का वर्कलोड अच्छे से मैनेज करना होगा क्योंकि...वर्ल्ड कप के बाद भारतीय बॉलिंग कोच ने किया आगाह

भारत को वर्ल्ड कप 2023 फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 विकेट से हार मिली। वर्ल्ड कप समाप्त होने के बाद भारतीय बॉलिंग कोच पारस म्हाम्ब्रे का कहना है कि पेसर्स का वर्कलोड अच्छे से मैनेज करना होगा।

बुमराह, शमी-सिराज का वर्कलोड अच्छे से मैनेज करना होगा क्योंकि...वर्ल्ड कप के बाद भारतीय बॉलिंग कोच ने किया आगाह
Md.akram एजेंसी,नई दिल्लीMon, 20 Nov 2023 09:19 PM
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भारतीय टीम को इस साल दिसंबर से मार्च (2024) तक दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ सात टेस्ट मैच खेलना है और ऐसे में टीम के गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे ने कहा कि तेज गेंदबाजों को चोट से बचाए रखने के लिए उनके कार्यभार को अच्छे से प्रबंधित करना होगा। मोहम्मद शमी (सात मैच में 48.5 ओवर में 24 विकेट), जसप्रीत बुमराह (11 मैचों में 91.5 ओवर में 20 विकेट) और मोहम्मद सिराज (11 मैचों में 82.3 ओवर में 14 विकेट) ने रविवार को संपन्न वनडे विश्व कप में भारतीय गेंदबाजी की बागडोर संभाली थी। ये सभी गेंदबाज एशिया कप से ही टीम के नियमित सदस्य रहे हैं।

म्हाम्ब्रे ने वर्ल्ड कप के बाद अहमदाबाद में संवाददाताओं से कहा, ''हमें बहुत सोच-समझकर इन गेंदबाजों के कार्यभार का प्रबंधन करना होगा क्योंकि इन लोगों ने काफी क्रिकेट खेला है, इसलिए हमें यह देखना होगा कि हम इसे कैसे कर सकते हैं।'' म्हाम्ब्रे का टीम के साथ आधिकारिक अनुबंध भी विश्व कप के साथ समाप्त हो गया था। उन्होंने कहा, ''हमने इस मुद्दे पर अब तक चर्चा नहीं की है।'' भारतीय ड्रेसिंग रूम में पिछले दो साल में म्हाम्ब्रे की भूमिका काफी अहम रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि बुमराह टेस्ट टीम के लिए तैयार है या नहीं। वह चोट से उबरने के बाद टी20 और एकदिवसीय टीम का हिस्सा रहे हैं।

म्हाम्ब्रे ने कहा, ''हमें काफी समय तक बुमराह की कमी खली। जब वह टीम में होते हैं तो आप देख सकते हैं कि उनकी मौजूदगी का कितना असर होता है।'' भारतीय टीम के पास मुख्य तेज गेंदबाजों की शानदार तिकड़ी है लेकिन म्हाम्ब्रे भी युवा गेंदबाजों को लेकर उत्साहित हैं। म्हाम्ब्रे ने कहा, ''मुकेश (कुमार), प्रसिद्ध (कृष्णा), आवेश (खान) और कुलदीप (सेन) राष्ट्रीय टीम के दावेदार हैं।'' गेंदबाजी कोच ने शुरुआती चार मैच नहीं खेलने के बावजूद शमी की विकेट लेने की क्षमता को अविश्वसनीय करार दिया। उन्होंने कहा, ''वह (शमी) अविश्वसनीय रहे हैं। उन्हें जाहिर तौर पर शुरुआती मैचों में मौका नहीं मिला, लेकिन जिस तरह से उन्होंने वापसी की और पूरे टूर्नामेंट में गेंदबाजी की, वह अविश्वसनीय था।''