Who will win icc world cup 2019 indian team is one of the most experienced team - कौन जीतेगा ICC World Cup? अनुभव के मैदान में चैंपियन है टीम इंडिया DA Image

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कौन जीतेगा ICC World Cup? अनुभव के मैदान में चैंपियन है टीम इंडिया

भारतीय क्रिकेट टीम पहले दो बार क्रिकेट विश्व कप जीत चुकी है, इस बार हमारी टीम कितनी अनुभवी है, उसमें कितना है दम, पढ़िए हर्ष गुप्ता की रिपोर्ट।

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हॉकी भले ही हमारा राष्ट्रीय खेल हो, लेकिन दुनिया में भारत को क्रिकेट का देश कहा जाता है। लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों के बाद अब असंख्य भारतीयों का ध्यान क्रिकेट विश्व कप की ओर लग गया है। भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड पहुंच चुकी है, दो वॉर्म-अप मैचों में एक में हार और एक में जीत दर्ज कर चुकी है। सेमीफाइनल तक पहुंचने से पहले भारतीय टीम को नौ मैच खेलने हैं। भारतीय क्रिकेट टीम पहले दो बार क्रिकेट विश्व कप जीत चुकी है, इस बार हमारी टीम कितनी अनुभवी है, उसमें कितना है दम, पढ़िए हर्ष गुप्ता की रिपोर्टः

इंग्लैंड में आयोजित होने जा रहे एकदिवसीय क्रिकेट वर्ल्ड कप में भाग ले रही भारतीय क्रिकेट टीम अन्य सभी नौ प्रतिद्वंद्वी टीमों की तुलना में सबसे अनुभवी है। भारतीय टीम के 15 खिलाड़ियों को औसत 105 एकदिवसीय मैच खेलने का अनुभव है। ये खिलाड़ी इंग्लैंड में औसतन 10.5 एकदिवसीय मैच खेले हुए हैं। वहां के मौसम, हवा और पिच से जुड़ी मुश्किलों का अन्य देशों के खिलाड़ियों की तुलना में भारतीयों ने सबसे ज्यादा सामना किया है। इंग्लैंड में खेलने का ज्यादा अनुभव इंग्लैंड की टीम के खिलाड़ियों के बाद भारतीय खिलाड़ियों को ही है।

युवा भी और उम्रदराज भी

ज्यादा खेलने के बावजूद भारतीय टीम टूर्नामेंट की पांचवीं सबसे उम्रदराज टीम है। टॉप छह भारतीय बल्लेबाजों की औसत रन संख्या इस मामले में निकटतम श्रेष्ठ टीम से 32 प्रतिशत ज्यादा है। टॉप पांच भारतीय गेंदबाजों के विकेट की कुल संख्या श्रेष्ठता क्रम में तीसरे स्थान पर है। इन भारतीय गेंदबाजों की स्ट्राइक रेट भी श्रेष्ठता में संयुक्त रूप से पहले स्थान पर है। इसके पर्याप्त कारण हैं कि हम 30 मई को शुरू हो रहे विश्व कप टूर्नामेंट को लेकर अच्छा महसूस करें।

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जिस फॉरमेट में ये टूर्नामेंट होना है, उस फॉरमेट का इस्तेमाल 1992 के वर्ल्ड कप में भी हुआ था। ग्रुप मैच अब इतिहास बन गए हैं। इस बार हर टीम को दूसरी सभी प्रतिद्वंद्वी टीमों के खिलाफ मैच खेलना पड़ेगा। कुल दस टीमों में से टॉप चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। पहले के फॉरमेट में एक मैच हारना भी बहुत भारी पड़ता था, लेकिन अब एक-दो मैच हारने वाली टीम भी टूर्नामेंट में बनी रह सकती है। ग्रुप मैच फॉरमेट में आपका उस दिन का खेल मायने रखता था, आपने अगर एक भी मैच या एक भी दिन खराब प्रदर्शन किया, तो आपको कीमत चुकानी पड़ती थी। बेशक, आगामी टूर्नामेंट के फारमेट में कौशल, गहराई, अनुभव मायने रखेगा और इन तीनों ही मोर्चों पर भारत की स्थिति अच्छी है।

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आइए, अनुभव से बात शुरू करते हैं। टूर्नामेंट में भाग ले रहे 150 खिलाड़ियों में एक तिहाई ऐसे हैं, जिन्हें इंग्लैंड में एक भी एकदिवसीय मैच खेलने का अनुभव नहीं है। दुनिया में कहीं भी 100 से ज्यादा एकदिवसीय खेलने वाले 39 खिलाड़ी हैं, जिनमें से छह भारतीय हैं। इस श्रेणी में दक्षिण अफ्रीका ही छह बल्लेबाजों के साथ भारत के मुकाबले में है। ऐसे में, भारतीय खिलाड़ियों को औसतन 105 मैच खेलने का अनुभव है, जबकि ज्यादा मजबूत टीमों में शामिल इंग्लैंड के खिलाड़ी 80 मैचों के औसत के साथ मुकाबले में हैं। 

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अनुभव का निगेटिव पक्ष भी होता है!

अनुभव का एक नकारात्मक पक्ष ये भी होता है कि तेज होते एकदिवसीय फॉरमेट में उम्रदराज कदम या पैर धीमे पड़ने लगते हैं। हालांकि भारतीय टीम के साथ ऐसा नहीं है, भारतीय खिलाड़ियों की औसत उम्र 29.5 साल है, जो तुलनात्मक रूप से अन्य तीन प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों - दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड से कम है। सात भारतीय खिलाड़ियों की उम्र 30 साल से ज्यादा है, दूसरी श्रेष्ठ टीमों के मुकाबले यह अपेक्षाकृत ठीक स्थिति है। रोहित शर्मा को अगर छोड़ दीजिए, तो मैदान पर अन्य सभी खिलाड़ी टीम पर बोझ नहीं, बल्कि टीम की पूंजी हैं। लेकिन रोहित शर्मा शानदार मैच जिताऊ बल्लेबाज हैं, जो कागज पर भी भारतीय क्रिकेट टीम को मजबूती देते हैं।

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बल्लेबाजी में टीम इंडिया दमदार

हमने हर टीम के टॉप छह ऐसे बल्लेबाजों का अध्ययन किया है, जिन्होंने अपनी टीम के लिए अधिकतम रन बनाए हैं, इनमें एक बल्लेबाज विकेट कीपर भी शामिल है। इस मोर्चे पर भी भारतीय टीम सबसे आगे है। टॉप छह भारतीय बल्लेबाजों ने एकदिवसीय में औसत 6,385 रन बनाए हैं, इनका प्रति मैच रन औसत 44 है और इनकी 87 की सम्मानजनक स्ट्राइक रेट है। इनमें से तीन श्रेष्ठतम बल्लेबाजों के करियर में सर्वाधिक रन की बात करें, तो विराट कोहली, एम एस धौनी और रोहित शर्मा अग्रणी हैं।

दूसरी टीमों को देखें, तो उनके भी आंकड़े उल्लेखनीय हैं। जैसे, इंग्लैंड के पास छह ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनकी स्ट्राइक रेट 100 से ज्यादा है, उनके खाते में खूब रन भी हैं और उनका बल्लेबाजी औसत भी अच्छा है। जैसे पाकिस्तान के तीन दिग्गज बल्लेबाज - इमाम उल हक, फखर जमां और बाबर आजम, एकदिवसीय बल्लेबाजी औसत में दुनिया में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर आते हैं। इनमें से सभी खिलाड़ियों का प्रति मैच रन औसत 50 से ज्यादा है।

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गेंदबाजी में भी टीम इंडिया जबर्दस्त

गेंदबाजी की बात करें, तो हमने हरेक टीम के टॉप पांच उन गेंदबाजों का अध्ययन किया है, जो आईसीसी एकदिवसीय रेंकिंग में ऊंचे स्थान पर रहे हैं। ये रेंकिंग पिछले प्रदर्शन, वर्तमान प्रदर्शन और प्रतिद्वंद्वी की गुणवत्ता और परिस्थितियों को देखकर बनाई जाती है। गेंदबाजी अनुभव के मोर्चे पर बहुचर्चित टीमें नीचे हैं। औसत विकेट के मामले में बांग्लादेश और श्रीलंका आगे हैं। बांग्लादेश के गेंदबाजों का इकोनॉमी रेट अच्छा है, हालांकि उनमें से कुछ ने बड़ी टीमों के खिलाफ एकदिवसीय मैच नहीं खेले हैं। ठीक इसी तरह से, अफगानिस्तान के दो स्पिनर या फिरकी गेंदबाज- राशिद खान और मुजीब-उर-रहमान का रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। भारतीय गेंदबाजी की बात करें, जिसमें तेज और फिरकी, दोनों तरह के गेंदबाज शामिल हैं, ये तीनों ही पैमानों पर सम्मानजनक स्थिति में हैं। प्रति भारतीय गेंदबाज विकेट औसत 115 है और प्रति ओवर इकोनॉमी रेट 4.8 है। स्ट्राइक रेट के मामले में दक्षिण सबसे अच्छी स्थिति में है, इसके बाद अफगानिस्तान और ऑस्ट्रेलिया का स्थान है। लेकिन ये तो पिछले प्रदर्शन के आंकड़े हैं, इस बार इंग्लैंड में खिलाड़ी कैसा खेल दिखाएंगे? देखने वाली बात तो यही होगी।

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