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Hindi News क्रिकेटनो बॉल को लेकर अंपायर पर भड़के वानिंदु हसरंगा, कहा- आप ये नहीं देख सकते तो दूसरी जॉब देखो

नो बॉल को लेकर अंपायर पर भड़के वानिंदु हसरंगा, कहा- आप ये नहीं देख सकते तो दूसरी जॉब देखो

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मैच के आखिरी ओवर में नो बॉल नहीं दिए जाने से श्रीलंका के कप्तान वानिंदु हसरंगा अंपायर पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि अगर आप ये नहीं देख सकते तो दूसरी जॉब देखो। 

नो बॉल को लेकर अंपायर पर भड़के वानिंदु हसरंगा, कहा- आप ये नहीं देख सकते तो दूसरी जॉब देखो
Vikash Gaurलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 22 Feb 2024 11:44 AM
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श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का आखिरी मुकाबला उस समय विवादों में आ गया, जब स्क्वॉयर लेग अंपायर ने श्रीलंका की पारी के आखिरी ओवर में एक नो बॉल को लीगल डिलीवरी करार दिया। गेंद को देखकर आसानी से कहा जा सकता था कि ये हाइट की नो बॉल थी, लेकिन अंपायर ने इसे लीगल करार दिया और खामियाजा श्रीलंका ने भुगता, क्योंकि टीम को तीन रनों से हार मिली। वहीं, मैच के बाद श्रीलंका की टी20 टीम के कप्तान वानिंदु हसरंगा ने अंपायर पर निशाना साधा और उनको नई जॉब तलाशने के लिए कहा। 

वानिंदु हसरंगा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अंपायर लिंडन हैनिबल को दूसरी नौकरी ढूंढनी चाहिए, क्योंकि दांबुला में अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20I में रोमांचक मोड़ पर खड़़े मैच के आखिरी ओवर के दौरान हैनिबल ने हाई फुलटॉस को लीगल डिलीवरी माना था। अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज वफादार मोमंद की गेंद कामिंदु मेंडिस की कमर के ऊपर से गई थी। बल्लेबाज ने थोड़ा सा आगे निकलकर खेलने की कोशिश जरूर की, लेकिन आईसीसी की प्लेइंग कंडीशन्स के मुताबिक, अगर वे पोपिंग क्रीज में सीधे भी खड़े होते तो भी गेंद नो बॉल ही दी जानी थी। 

हसंरगा ने मैच के बाद कहा, "इंटरनेशनल मैच में इस तरह की बात नहीं होनी चाहिए। यदि यह (कमर की ऊंचाई के करीब) होता, तो कोई समस्या नहीं हो, लेकिन जो गेंद इतनी ऊपर जा रही है... अगर वह थोड़ी ऊपर जाती तो बल्लेबाज के सिर पर लगती। यदि आप यह नहीं देख सकते हैं, तो वह अंपायर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए उपयुक्त नहीं है। अगर वह कोई दूसरा काम करता तो ज्यादा अच्छा होता।" जब ऐसा हुआ तब श्रीलंका को आखिरी तीन गेंदों पर 11 रनों की जरूरत थी। चूंकि डिलीवरी को वैध माना गया तो उन्हें अंतिम दो में 11 रनों की आवश्यकता थी।

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अगली गेंद वाइड रही, जबकि पांचवीं गेंद पर कोई रन नहीं बना। आखिरी गेंद पर छक्का लगा, लेकिन श्रीलंका को तीन रनों से हार मिली। अगर वह गेंद नो बॉल होती तो शायद मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था, क्योंकि उस गेंद पर टीम को एक रन मिलता और अगली गेंद फ्री हिट होती तो वहां बल्लेबाज के आउट होने के चांस ना के बराबर होते। अगर फ्री हिट पर बाउंड्री लगती तो आसानी से अगली दो गेंदों में 4 या 6 रन बनाए जा सकते थे, लेकिन मोमेंटम इस नो बॉल की वजह से बिगड़ गया, जिसको लेकर कप्तान वानिंदु हसरंगा खुश नहीं हैं।

बता दें कि जब कामिंदु को पता लगा कि अंपायर ने गेंद को नो बॉल करार नहीं दिया तो पहले उन्होंने अंपायर से उसे नो बॉल करार देने की अपील की और फिर रिव्यू लेने की मांग की, लेकिन आईसीसी के मौजूदा नियमों में इस तरह की चीजें शामिल नहीं हैं कि किसी भी बॉल के लिए रिव्यू किया जाए। इस पर हसरंगा ने कहा, "ऐसी स्थिति थी, जहां आप पहले उस तरह के फैसलों का रिव्यू कर सकते थे, लेकिन आईसीसी ने इससे छुटकारा पा लिया है। अगर थर्ड अंपायर फ्रंट फुट की नो बॉल चेक करता है तो उसे हाइट का नो बॉल भी चेक करनी चाहिए।" 
 

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