फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News क्रिकेटविराट कोहली की सपोर्ट के बावजूद टीम इंडिया के कोच क्यों नहीं बने वीरेंद्र सहवाग? खुद ही किया हैरान करने वाला खुलासा

विराट कोहली की सपोर्ट के बावजूद टीम इंडिया के कोच क्यों नहीं बने वीरेंद्र सहवाग? खुद ही किया हैरान करने वाला खुलासा

Virender Sehwag on Team India Coach Position: पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को 2017 में टीम इंडिया का कोच बनने का ऑफर मिला था। सहवाग ने इस ऑफर को सिर्फ एक वजह से ठुकरा दिया था।

विराट कोहली की सपोर्ट के बावजूद टीम इंडिया के कोच क्यों नहीं बने वीरेंद्र सहवाग? खुद ही किया हैरान करने वाला खुलासा
Md.akram लाइव हिंदुस्तान टीम,नई दिल्लीTue, 21 Mar 2023 10:48 AM
ऐप पर पढ़ें

पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने खुलासा किया है कि उन्हें अनिल कुंबले की जगह टीम इंडिया का हेड कोच बनने के लिए अप्रोच किया गया था। हालांकि, सहवाग ने साथ ही बताया कि उन्होंने यह ऑफर इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि उन्हें पसंद का सपॉर्ट स्टाफ नहीं मिला। बता दें कि चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के फाइनल में भारत की पाकिस्तान के हाथों हार के बाद कुंबले ने कोच का पद छोड़ दिया था। उस वक्त कोच के पद के लिए कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों के नाम की चर्चा रही, जिसमें सहवाग भी शामिल थे। 

कुंबले जब भारत के कोच थे तो टीम की कमान विराट कोहली के पास थी। बताया जाता है कि दोनों के रिश्ते कुछ खास नहीं रहे। सहवाग ने न्यूज 18 इंडिया चौपाल के दौरान खुलासा किया कि कोहली और तत्कालीन बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी ने कोच बनने के लिए उन्हें अप्रोच किया था।

सहवाग ने कहा, ''अगर विराट कोहली और अमिताभ चौधरी ने मुझे अप्रोच नहीं किया होता तो मैं अप्लाई नहीं करता। हमारी एक मीटिंग हुई थी और चौधरी ने मुझसे कहा कि कोहली और कुंबले के बीच चीजें ठीक तरह से नहीं चल रही हैं। ऐसे में हम चाहते हैं कि आप कोचिंग की जिम्मेदारी संभालें। उन्होंने मुझसे कहा कि कुंबले का कॉन्ट्रैक्ट चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के बाद खत्म हो जाएगा और फिर आप टीम के साथ वेस्टइंडीज दौरे पर जा सकते हैं।" सहवाग ने कहा, ''मैंने हां या नहीं कुछ नहीं बोला। मुझे अपनी पसंद का कोचिंग स्टाफ चाहिए था। मुझे यह ऑप्शन नहीं मिला तो मैं वेस्टइंडीज नहीं गया।''

वहीं, सहवाग से जब यह पूछा गया कि क्या उन्हें भारतीय टीम का कप्तान नहीं बनने का कोई मलाल है तो इसपर पूर्व ओपनर ने कहा कि उन्होंने जो हासिल किया, उससे संतुष्ट हैं। सहवाग ने कहा, ''बिल्कुल नहीं, मैंने जो हासिल किया उससे खुश हूं। नजफगढ़ के किसानों के एक छोटे से परिवार से आने के बाद मुझे भारत के लिए खेलने का मौका मिला, फैंस से बेशुमार प्यार और सराहना मिली। अगर मैं टीम इंडिया की कप्तानी करता तब भी मुझे उतना ही सम्मान मिलता।''