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Hindi News क्रिकेटवीरेंद्र सहवाग ने अपने बेटे आर्यवीर के कहने पर ठोक दिया था शतक, पूर्व बल्लेबाज ने सुनाया मजेदार किस्सा, देखिए वीडियो

वीरेंद्र सहवाग ने अपने बेटे आर्यवीर के कहने पर ठोक दिया था शतक, पूर्व बल्लेबाज ने सुनाया मजेदार किस्सा, देखिए वीडियो

वीरेंद्र सहवाग ने कहा है कि कभी-कभी खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन इसलिए करना जरूरी हो जाता है क्योंकि उनके दोस्त, परिवार वाले देख रहे होते हैं और उनको खुश करने के लिए अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी होता है।

वीरेंद्र सहवाग ने अपने बेटे आर्यवीर के कहने पर ठोक दिया था शतक, पूर्व बल्लेबाज ने सुनाया मजेदार किस्सा, देखिए वीडियो
Himanshu Singhलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 23 May 2024 03:07 PM
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भारत के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने कहा है कि खिलाड़ियों के ऊपर फैंस के अलावा दोस्त, परिवार और बच्चों के साथ-साथ रिश्तेदारों का भी काफी प्रेशर रहता है। सहवाग ने एक शो के दौरान अपने करियर के दौरान का एक किस्सा सुनाया है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे का मन रखने के लिए शतकीय पारी खेली थी। सहवाग का मानना है कि कभी-कभी आपको अपने परिवार, बच्चे, दोस्त और उनकी इज्जत बढ़ाने के लिए आपको रन बनाने जरूरी हो जाता है।

वीरेंद्र सहवाग फीवर एमएम ऑफिशयल से फोन पर बातचीत के दौरान अपने करियर से जुड़े कई मजेदार किस्से शेयर किए हैं। सहवाग ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि कैसे उनके बेटे को स्कूल में उनकी खराब पारियों की वजह से काफी ताने सुनने पड़ते थे और उनके बेटे ने उनसे बताया कि पापा आप आईपीएल खेलते हो लेकिन अच्छा नहीं खेलते और इस वजह से मेरी बेइज्जती होती है। जिसके बाद सहवाग ने बेटे का मन रखने के लिए आईपीएल में बड़ी पारी खेली।

वीरेंद्र सहवाग ने शरत से फोन पर कहा, ''मेरा बेटा आर्यवीर, वो मुझसे कहता था कि पापा आप आईपीएल खेलते हो लेकिन आप रन तो बनाते नहीं। मेरे सारे दोस्त कहते हैं कि आपके पिता जी अच्छे खिलाड़ी नहीं हैं, वो सिर्फ मैच में हिस्सा लेते हैं और आ जाते हैं, तो मेरी स्कूल में बहुत बेइज्जती हो रही है। सहवाग ने कहा, ''ठीक है बेटा मैं कोशिश करूंगा कि मैं रन बनाऊं।''

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उन्होंने आगे कहा, ''मैं चेन्नई के खिलाफ नॉकआउट खेलने गया तो मैंने 58 गेंद में 122 रन बनाए। हर गेंद खेलते हुए मैं यही सोच रहा था कि मुझे अपने बेटे के लिए रन बनाने हैं, जिससे इतनी अच्छी पारी हो जाए, जिससे क्लास में उसकी इज्जत बढ़ जाए। 122 बनाने के बाद मैच के बाद मैंने अपनी पत्नी को फोन किया और अपने बेटे से पूछा कि मैच देखा? उसने कहा हां पापा मजा आ गया कल मैं अपने दोस्तों को सताऊंगा। तो कभी-कभी आपको रन इसलिए भी बनाने जरूरी हो जाते हैं क्योंकि आपके यार, फैमिली और दोस्त देख रहे होते हैं और उनकी इज्जत बढ़ाने के लिए आपको रन बनाने जरूरी हो जाते हैं।