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13 अगस्त, 2020|10:41|IST

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विराट कोहली ने बताया, कौन-सी पारी बनी उनके लिए गेम चेंजर

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने बताया कि 2012 एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी 183 रनों की पारी उनके करियर में बदलाव लेकर आई थी।

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भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने बताया कि 2012 एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी 183 रनों की पारी उनके करियर में बदलाव लेकर आई थी। पाकिस्तान ने उस मैच में छह विकेट के नुकसान पर 329 रन बनाए थे। भारत ने 47.5 ओवरों में इस लक्ष्य को हासिल कर लिया था। इस मैच में कोहली ने 183 रनों की पारी खेली थी और टीम को जीत दिलाई थी। कोहली ने माना कि उनकी यह पारी उनके लिए गेम चेंजर साबित हुई।

कोहली ने रविचंद्रन अश्विन के साथ इंस्टाग्राम पर बात करते हुए कहा, “उनकी गेंदबाजी आक्रामक व काफी दमदार थी। उस समय उनकी गेंदबाजी काफी चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि उसमें विविधता थी।”

सचिन पाजी के साथ बल्लेबाजी करने से खुश था
भारतीय कप्तान ने कहा, “उनके पास शाहिद अफरीदी, सईद अजमल, उमर गुल, एजाज चीमा और मोहम्मद हफीज भी थे। पहले 20-25 ओवर स्थितियां उनके पक्ष में थीं, लेकिन मुझे याद है कि मैं पाजी (सचिन तेंदुलकर) के साथ बल्लेबाजी करने से खुश था। वह उनकी वनडे में आखिरी पारी साबित हुई। उन्होंने 50 रन बनाए और हमने 100 रनों से ज्यादा की साझेदारी की। यह मेरे लिए यादगार पल रहा।”

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वो पारी मेरे लिए गेम चेंजर साबित हुई 
कोहली ने कहा कि इस पारी ने उन्हें विश्वास दिलाया कि वह किसी भी स्तर के गेंदबाजी आक्रमण के सामने बल्लेबाजी कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “यह अपने आप हुआ, क्योंकि मैं लगातार अपने आप को प्रेरित कर रहा था कि मैं इस तरह की स्थिति में खेलूं। मेरे लिए वो पारी गेम-चेंजर साबित हुई।”

भारत-पाक का मैच पूरा देश देख रहा था
दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, “मुझे याद है कि वह रविवार का दिन था। भारत और पाकिस्तान  का मैच पूरा देश देख रहा था और हर कोई ध्यान दे रहा था।” कोहली ने कहा, “मुझे याद है कि यह काफी मुश्किल था। रोहित शर्मा ने शानदार पारी खेली थी। इसके बाद अंत में महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना ने तीन ओवर पहले मैच खत्म कर दिया था।”

मैं हमेशा से जिम्मेदारी लेना चाहता था
साथ ही विराट कोहली ने कहा कि उनके कप्तान बनने का एक बड़ा कारण यह भी है कि छह साल साल तक वह महेंद्र सिंह धोनी की देखरेख में खेले। कोहली ने कहा कि वह हमेशा से जिम्मेदारी लेना चाहते थे और भारतीय टीम का कप्तान बनना उस प्रक्रिया का हिस्सा था। 

जो कप्तान है, वह जिम्मेदारी लेता है और कहता है कि यह अगला कप्तान हो सकता है
टीम का कप्तान बनने की प्रक्रिया पर पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि इसका बहुत बड़ा कारण यह है कि लंबे समय तक मैं एमएस धोनी की देखरेख में खेला। ऐसा नहीं है कि उनके जाते ही चयनकर्ताओं ने मुझसे कहा कि चलो अब तुम कप्तान हो।'' उन्होंने कहा, ''जो कप्तान है, वह जिम्मेदारी लेता है और कहता है कि यह अगला कप्तान हो सकता है और मैं आपको बताऊंगा कि यह कैसे उस दिशा में बढ़ रहा है। इसके बाद धीरे-धीरे जिम्मेदारी लेने की ओर बढ़ा जाता है।''

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कोहली ने कहा, ''मुझे लगता है कि उनकी भूमिका बड़ी रही। छह सात साल में विश्वास बना। यह रातोंरात नहीं होता।'' उन्होंने कहा, ''मैं हमेशा उनके बगल में खड़ा होता था। वह कहते रहते थे कि ये कर सकते हो, वो कर सकते हो। तुम्हे क्या लगता है। कई चीजों पर बात होती थी। धीरे-धीरे उन्हें लगा कि मैं उनके बाद कप्तानी कर सकता हूं।

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  • Web Title:Virat Kohli reveals 183 runs knock against pakistan in asia cup 2012 was game changer for his career