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26 जनवरी, 2020|5:08|IST

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विराट अच्छे कप्तान हैं क्योंकि उनके पास रोहित और धौनी हैं: गौतम गंभीर

गंभीर ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की कप्तानी की असली परीक्षा तब होती है, जब वो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में किसी फ्रेंचाइजी टीम की कप्तानी करता है।

gautam gambhir and virat kohli kargil diwan

क्रिकेट से राजनीति में कूद चुके गौतम गंभीर ने गुरुवार को टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को लेकर कुछ अहम बातें कही हैं। गंभीर ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए विराट सफल कप्तान हैं, क्योंकि टीम में उनके पास महेंद्र सिंह धौनी और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं। गंभीर ने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की कप्तानी की असली परीक्षा तब होती है, जब वो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में किसी फ्रेंचाइजी टीम की कप्तानी करता है।

एक यूनिवर्सिटी के छात्रों से बात करते हुए गंभीर ने कहा, 'विराट को अभी भी काफी आगे तक जाना है। पिछले विश्व कप में कोहली काफी अच्छे रहे, लेकिन अभी भी उन्हें काफी आगे जाना है। इंटरनेशनल क्रिकेट में वो अच्छी कप्तानी करते हैं, क्योंकि उनके पास रोहित और धौनी हैं। कप्तानी की असली परीक्षा तब होती है जब आप किसी फ्रेंचाइजी टीम की कमान संभाल रहे होते हैं। जब आपके पास सपोर्ट के लिए बड़े खिलाड़ी नहीं होते हैं। मैं हमेशा ईमानदार रहा हूं जब भी इस बारे में बात की है।'

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गंभीर ने आगे कहा, 'आप देखिए कि रोहित शर्मा ने मुंबई इंडियंस के लिए क्या हासिल किया है और महेंद्र सिंह धौनी ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए क्या हासिल किया है। अगर आप इसकी तुलना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के साथ करेंगे तो आप खुद रिजल्ट देख सकेंगे।' इसके अलावा गंभीर ने टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा से पारी का आगाज कराने की वकालत भी की। उन्होंने कहा कि रोहित इतने अच्छे खिलाड़ी हैं और वो किसी भी फॉरमैट में बेंच पर बैठना डिजर्व नहीं करते हैं।

'राहुल को ज्यादा मौके दिए गए'

गंभीर ने कहा, 'मुझे लगता है कि केएल राहुल को काफी ज्यादा मौके दिए गए हैं। अब रोहित शर्मा का समय है कि उन्हें टेस्ट क्रिकेट में भी पारी का आगाज करना चाहिए। अगर आप उन्हें टीम में चुनते हैं तो उन्हें प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होना ही चाहिए। इसका कोई मतलब नहीं कि उन्हें 15-16 सदस्यीय टीम में चुना जाए और फिर बेंच पर बैठाया जाए।'

'मेरे क्रिकेटिंग करियर का सबसे खराब दौर'

इसके अलावा गंभीर ने बताया कि वो 2007 में जब 50 ओवर विश्व कप के लिए नहीं चुने गए थे, तो उन्होंने क्रिकेट छोड़ने का मन बना लिया था। 2007 विश्व कप में टीम इंडिया का प्रदर्शन काफी खराब रहा था और टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी। इसी साल भारत ने आईसीसी वर्ल्ड ट्वंटी20 का खिताब अपने नाम किया था। धौनी उस टूर्नामेंट में लीडिंग रन स्कोरर रहे थे। गंभीर ने कहा, '2007 में जब मैं 50 ओवर विश्व कप के लिए टीम में नहीं चुना गया था, तो वो मेरे क्रिकेटिंग करियर का सबसे खराब समय था। इससे पहले मैं अंडर-14 और अंडर-19 विश्व कप भी नहीं खेल सका था। लेकिन जब मैं 2007 में नहीं चुना गया था तो मैंने क्रिकेट छोड़ने का मन बना लिया था।'

'कभी किसी को हार नहीं माननी चाहिए'

गंभीर ने आगे कहा, 'लेकिन इसके बाद मैं आईसीसी वर्ल्ड ट्वंटी20 के लिए टीम में चुना गया। पहले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ मैं शून्य पर आउट हो गया था। लेकिन मेरे लिए कुछ और ही लिखा था और मैं टूर्नामेंट का लीडिंग रन स्कोरर रहा। मैं विजेता टीम का हिस्सा था तो कभी भी किसी को हार नहीं माननी चाहिए।'

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  • Web Title:virat kohli captains well as he has rohit sharma and ms dhoni says gautam gambhir