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ICC ODI WC 2019: ये हैं क्रिकेट विश्व कप इतिहास के पांच यादगार मुकाबले

क्रिकेट विश्व कप ने अपने 44 साल के इतिहास में कई रोमांचक मुकाबले देखे हैं लेकिन यहां पांच यादगार मैचों का जिक्र कर रहे हैं।

1975 विश्व कप : गिलमौर का शानदार प्रदर्शन 
1975 विश्व कप : गिलमौर का शानदार प्रदर्शन 

क्रिकेट विश्व कप ने अपने 44 साल के इतिहास में कई रोमांचक मुकाबले देखे हैं लेकिन यहां पांच यादगार मैचों का जिक्र कर रहे हैं।

टूर्नामेंट का मेजबान इंग्लैंड चिर प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1975 के पहले विश्व कप सेमीफाइनल से पहले डेनिस लिली और जेफ थॉमसन से मिलने वाली चुनौती से वाकिफ था। लेकिन उसे गैरी गिलमौर की स्विंग गेंदबाजी ने पस्त कर दिया। इस 23 साल के गेंदबाज ने 14 रन देकर 6 विकेट अपने नाम किए जिससे इंग्लैंड की टीम महज 93 रन पर सिमट गई। हालांकि जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भी 39 रन पर अपने 6 विकेट गंवा दिए। इसके बाद क्रिस ओल्ड ने अपने घरेलू मैदान हेडिंग्ले में 3 विकेट चटका दिए। फिर गिलमौर बल्लेबाजी के लिए उतरे। गिलमौर की 28 रन की नाबाद पारी और डग वॉल्टर्स के साथ नाबाद साझेदारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। फाइनल में उसे वेस्ट इंडीज के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी

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1983 विश्व कप : कपिल का शतक, पर प्रसारण नहीं हुआ
1983 विश्व कप : कपिल का शतक, पर प्रसारण नहीं हुआ

जिम्बाब्वे ने डंकन फ्लेचर के हरफनमौला प्रदर्शन के बूते ऑस्ट्रेलिया को हराया था। वह एक और उलटफेर करने की ओर बढ़ रहा था। जिम्बाब्वे ने भारत के 17 रन पर 5 विकेट उखाड़ लिए थे। लेकिन भारतीय कप्तान कपिल देव ने 138 गेंदों में 175 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को मुश्किल से बाहर निकाल लिया। लेकिन उनकी इस यादगार पारी का लुत्फ टनब्रिज वेल्स स्थित नेविल मैदान में मौजूद दर्शक की उठा सके। क्योंकि बीबीसी के टेक्नीशियंस हड़ताल पर थे, जिस कारण इस ऐतिहासिक मैच का टीवी पर प्रसारण नहीं हो पाया था। कपिल की शतकीय पारी के दम पर भारत ने 266 रन का स्कोर बनाया जो जिम्बाब्वे के लिए काफी ज्यादा साबित हुआ। कपिल का शतक उनकी शानदार नेतृत्व क्षमता का उदाहरण था। फाइनल में भारत ने वेस्ट इंडीज की बेहद मजबूत टीम को हराकर पहली बार विश्व खिताब अपने नाम किया।

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1999 विश्व कप : ऑस्ट्रेलिया टाई मैच में जीता
1999 विश्व कप : ऑस्ट्रेलिया टाई मैच में जीता

ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया यह मुकाबला शायद विश्व कप इतिहास का यह सबसे रोमांचक मैच था। एजबेस्टन में खेले गए इस सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 213 रन बनाए। इस मैच में दक्षिण अफ्रीका के शॉन पोलाक ने 36 रन देकर 5 विकेट चटकाए थे। जोंटी रोड्स और जैक कैलिस दक्षिण अफ्रीका को जीत की ओर ले जा रहे थे और अंतिम ओवर में उनकी टीम को केवल 9 रन की दरकार थी। मैच टाई हो गया था। दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए सिर्फ 1 रन और ऑस्ट्रेलिया को हार से बचने के लिए सिर्फ 1 विकेट की आश्वकता थी।

लांस क्लूजनर ने डेमियन फ्लेमिंग की गेंद को मिड-ऑफ की ओर भेजा और एक रन के लिए भाग लिए। नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े एलन डोनाल्ड उनकी आवाज नहीं सुन सके। मार्क वॉ ने गेंद लेकर इसे गेंदबाज डेमियन फ्लेमिंग की ओर फेंक दिया। फ्लेमिंग ने तुंरत ही इसे विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट की ओर फेंक दिया जिन्होंने देर से क्रीज छोड़ने वाले एलन डोनाल्ड को रन आउट कर दिया। हालांकि मैच टाई रहा, लेकिन ऑस्ट्रेलिया बेहतर नेट रन रेट की बदौलत फाइनल में पहुंच गया।

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2011 विश्व कप : ओब्रायन ने इंग्लैंड को पस्त किया
2011 विश्व कप : ओब्रायन ने इंग्लैंड को पस्त किया

इंग्लैंड ने आयरलैंड (तब टेस्ट दर्जा प्राप्त नहीं था) के खिलाफ बल्ले से काफी अच्छा प्रदर्शन किया और 7 विकेट पर 327 रन बनाए। विश्व कप मैच में पहले कभी भी किसी टीम ने इस स्कोर का पीछा नहीं किया था। लेकिन बेंगलुरु में केविन ओब्रायन ने विश्व कप इतिहास में सबसे तेज शतक जड़ते हुए आयरलैंड को 3 विकेट से शानदार जीत दिलाई। उन्होंने ऐसा महज 50 गेंद में किया, जिसमें 13 चौके और 6 छक्के जड़े थे। ओब्रायन के आने से पहले आयरलैंड की टीम ने 5 विकेट पर 111 रन बनाए थे।

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2015 विश्व कप : इलियट ने दक्षिण अफ्रीका का दिल तोड़ा
2015 विश्व कप : इलियट ने दक्षिण अफ्रीका का दिल तोड़ा

दक्षिण अफ्रीका की टीम ने फैफ डु प्लेसी और एबी डिविलियर्स की पारियों के दम पर ऑकलैंड में खेले गए सेमीफाइनल मैच में 5 विकेट पर 281 रन बनाए थे। लेकिन बारिश के कारण इस मैच को 43-43 ओवर का कर दिया गया। न्यूजीलैंड के लिए ऑलराउंडर ग्रांट इलियट ने अपनी जिंदगी की बेहतरीन पारी खेली। जोहानसबर्ग में जन्में इलियट 2001 में न्यूजीलैंड में चले गए थे। न्यूजीलैंड को जीत के लिए 5 रन की दरकार थी और उसकी पारी की 2 गेंदें शेष बची थी। इलियट ने तेज गेंदबाज डेल स्टेन की गेंद पर मिड-ऑन पर शानदार छक्का जड़कर अपनी टीम को जीत दिला दी। यह उनकी नाबाद 84 रन की मैच जिताऊ पारी का अंतिम शॉट था, जिससे न्यूजीलैंड की टीम अपने पहले विश्व कप फाइनल में पहुंची थी। इससे पहले उसे 6 सेमीफाइनल में हार मिली थी। वहीं, विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका का दुर्भाग्य एक बार फिर उसके साथ रहा।

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