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28 नवंबर, 2020|1:58|IST

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'बॉल ऑफ द सेंचुरी' के बाद ऐसे बदल गए थे शेन वॉर्न, गलतियों से परिवार को किया शर्मिंदा

शेन वॉर्न ने कहा, “कुछ चीजों का चयन करना मेरे लिए वाकई मुश्किल था। मैंने अपने परिवार को नीचा दिखाया। मैंने अपने बच्चों को शर्मिंदा किया, लेकिन यह एक ऐसी चीज है जिसके साथ मुझे जीना पड़ेगा।”  

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ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न ने कहा कि 1993 में 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' के साथ मिली सफलता ने उन्हें दो हिस्सों में बांट दिया था। इसके साथ ही परिणामों की परवाह किए बिना वर्तमान में जीने की उनकी आदत ने अक्सर उन्हें मुसीबत में डाला। वॉर्न ने अपने करियर में कामयाबी और विवादों का समान रूप से सामना किया है। उन पर 2003 में डोपिंग के कारण 12 महीने का प्रतिबंध लगा और वह विश्व कप नहीं खेल सके थे। एक तरफ जहां वह क्रिकेट के मैदान पर खूब चमके तो दूसरी तरफ उनका करियर विवादों में भी रहा है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दूसरे सर्वाधिक विकेट लेने वाले वॉर्न का मानना है कि उनकी कुछ गलतियों के कारण उनके परिवार को भी शर्मिंदा होना पड़ा। 

उन्होंने कहा कि 1993 में शताब्दी की गेंद डालने के बाद मिली सफलता ने उनके जीवन पर काफी असर डाला। उस गेंद पर उन्होंने माइक गेटिंग को बोल्ड किया था। उन्होंने कहा, ''मैं उस समय सिर्फ 23 साल का था। मुझे याद है कि लंदन में विंडमिल पब में जाता था। मैं मर्व ह्यूज के साथ जाता था और बाहर आने के बाद 25-30 फोटोग्राफर तस्वीरें लेने के लिए खड़े रहते थे। मेरे बारे में हर बात छप जाती थी।''

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उन्होंने फॉक्स क्रिकेट पर एक कार्यक्रम में कहा कि वह विचलित हो जाते थे, जब मीडिया उनके बारे में अक्सर झूठी खबरें छापता था। उन्होंने कहा, ''मैं हमेशा डरा रहता था। मैं वर्तमान में जीने में भरोसा करता था और परिणामों की परवाह नहीं करता था। इससे कई बार मैं मुसीबत में भी पड़ा। मैने वही किया जो मैं चाहता था और मुसीबतें मोल ली।''

वॉर्न ने कहा, ''मैं अपने सारे फैसले पर फख्र नहीं करता। मैंने कई गलत फैसले लिए लेकिन खुद के प्रति ईमानदार रहा। मैने अपने परिवार और बच्चों को शर्मिंदा किया, लेकिन मैं खुद को बदल नहीं सकता। मैने गलतियां की लेकिन कई अच्छी बातें भी की। कई बार लोग सिर्फ गलतियां देखते हैं क्योंकि उससे सुर्खियां बनती हैं।''

वॉर्न ने फॉक्स क्रिकेट पर 'ए वीक विद वार्नी' शो में कहा, “मैं अपने सभी फैसलों को लेकर कोई गर्व नहीं महसूस करता। मैंने बहुत बड़ी गलतियां की और जिन चीजों का चयन किया वो गलत था। लेकिन मैंने हमेशा ही अपने आप से सच बोला और इस पर आज मैं खुद पर गर्व महसूस करता हूं।” 

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उन्होंने कहा, “कुछ चीजों का चयन करना मेरे लिए वाकई मुश्किल था। मैंने अपने परिवार को नीचा दिखाया। मैंने अपने बच्चों को शर्मिंदा किया, लेकिन यह एक ऐसी चीज है जिसके साथ मुझे जीना पड़ेगा।”  

वॉर्न ने माना की करियर के शुरुआती दिनों में वह काफी घमंडी थे और लम्हों में जीने का उनके जीवन का मंत्र जो था, उसने उनको सबसे ज्यादा परेशानी में डाला। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है 90 के दशक के बीच में और दशक के आखिर में मैंने जो कदम उठाए, उनमें काफी ज्यादा घमंड था।”

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  • Web Title:Success after 1993 ball of the century split me into two people and let my family down says Shane Warne