Sinan Abdul Khader trying to get cricket recognized in football crazy state like mizoram - फुटबॉल क्रेजी स्टेट में क्रिकेट को पहचान दिलाने की कोशिश में जुटे सिनन अब्‍दुल खादिर DA Image

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फुटबॉल क्रेजी स्टेट में क्रिकेट को पहचान दिलाने की कोशिश में जुटे सिनन अब्‍दुल खादिर

सिनन अब्‍दुल खादिर इससे पहले अंडर-19 में कर्नाटक की तरफ से खेल चुके हैं। 28 साल के सिनन अब्‍दुल खादिर मूल रूप से लेग स्पिन गेंदबाज हैं।

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मिजोरम और कर्नाटक के बीच की दूरी लगभग 3540 किलोमीटर है। मिजोरम एक पहाड़ी राज्य है और कर्नाटक मैदानी। मिजोरम में फुटबॉल खेला जाता है और कर्नाटक क्रिकेट का गढ़ है। इन सारे मतभेदों के बावजूद किस तरह खेल एक-दूसरे को करीब लाते हैं। यह साबित करते हैं- क्रिकेटर सिनन अब्‍दुल खादिर। पिछले साल घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में 9 नई टीमों को शामिल किया गया। अरुणाचल प्रदेश, बिहार, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पुद्दुचेरी, सिक्किम और उत्तराखंड। भले ही ये टीमें अपने डेब्यू में कोई खास कमाल नहीं कर पाई हों, लेकिन कई खिलाड़ियों ने अपनी पहचान बना ली है। सिनन अब्‍दुल खादिर भी उन्हीं क्रिकेटरों में से एक हैं, जिन्होंने कम वक्त में खुद की पहचान बनाई है।

सिनन अब्‍दुल खादिर मूल रूप से कर्नाटक के हैं। इसलिए वह जानते हैं कि राहुल द्रविड़ के 'घर' में क्रिकेटरों की संख्या कितनी ज्यादा है। करुण नायर, केएल राहुल और मयंक अग्रवाल कुछ ऐसे हैं ही नाम हैं, जिन्होंने क्रिकेट की दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। जिस तरह टीम इंडिया में आज अपनी जगह बनाना मुश्किल है, लगभग उसी तरह कर्नाटक के लिए खेलना भी आज सहज नहीं रह गया है। 

लिहाजा सिनन अब्‍दुल खादिर ने यह निर्णय किया कि इंतजार करने की बजाय मिजोरम के लिए खेलेंगे। संयोग से पिछले साल ही मिजोरम ने रणजी में प्रवेश किया है। 

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क्रिकेट के अपने शौक और प्रेरणा के बारे में सिनन अब्‍दुल खादिर बताते हैं, ''मैं 10वीं क्लास में था तो क्रिकेट खेलने लगा था। लेकिन तब तक भी मेरा मिजाज कैजुअल ही था। इसी बीच मैं करुण नायर और केएल राहुल के संपर्क में आया। उन्होंने मुझे प्रेरित भी किया और बेहतर खेलने के लिए मोटिवेट किया। इसके बाद से ही मैं क्रिकेट को लेकर गंभीर हुआ। लेकिन जब मैंने देखा कि कर्नाटक की टीम में आना भी आसान नहीं है तो मैंने दूसरे राज्यों पर नजर डाली और मिजोरम को चुना। पिछले साल मैंने मिजोरम के लिए रणजी में डेब्यू किया। यह मिजोरम के लिए भी डेब्यू ही था।''

सिनन अब्‍दुल खादिर इससे पहले अंडर-19 में कर्नाटक की तरफ से खेल चुके हैं। 28 साल के सिनन अब्‍दुल खादिर मूल रूप से लेग स्पिन गेंदबाज हैं। भारत में वैसे ही स्पिनरों की संख्या बहुत ज्यादा है। बहुत से खिलाड़ियों को नेशनल टीम में आने का सपना सिर्फ सपना ही बनकर रह जाता है। लेकिन इसके बावजूद खिलाड़ी मैदान पर पसीना बहाते हैं। सिनन अब्‍दुल खादिर भी उन्हीं खिलाड़ियों में से एक हैं, जिनके लिए क्रिकेट पैशन है और वह अपने इस पैशन के लिए जी-तोड़ी मेहनत भी कर रहे हैं।

सिनन अब्‍दुल खादिर ने 2018-19 में विजय हजारे ट्रॉफी में डेब्यू किया। इस समय उन्होंने रणजी में मिजोरम की तरफ से डेब्यू किया और शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सात मैचों में 22 विकेट लिए। डेब्यू मैच में किसी भी खिलाड़ी के लिए इसे शानदार प्रदर्शन ही कहा जाएगा। वह मिजोरम की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी रहे।

अपने इस प्रदर्शन पर सिनन अब्‍दुल खादिर कहते हैं, ''हर खिलाड़ी की तरह मुझे भी इससे बेहद खुशी हुई। मैं जानता हूं कि राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना मेरे लिए आसान नहीं है, लेकिन अगर मैं रणजी में भी अच्छा प्रदर्शन करता हूं तो मेरे भीतर के क्रिकेटर को सुकून मिलता है।''

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वह 2018-19 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी डेब्यू कर चुके हैं। वह सात फर्स्ट क्लास मैचों की 13 पारियों में 133 रन बना चुके हैं। उनका अधिकतम स्कोर 30 रन है। 

मिजोरम और कर्नाटक के बीच खेलों की दुनिया किस तरह अलग है? इस सिनन अब्‍दुल खादिर कहते हैं, ''यहां अधिकांश युवा फुटबॉल खेलना पसंद करते हैं। हालांकि क्रिकेट भी अब यहां धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है। एक बार मिजोरम की टीम रणजी में अच्छा प्रदर्शन करती हो तो यहां के युवाओं में क्रिकेट के प्रति आकर्षण पैदा होगा। और यही मेरा सपना है।''

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